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दिल्ली दंगा मामलाः वजीराबाद रोड पर डिवाइडर ऊंचा होने से घिर गए थे पुलिसवाले
Fri, 25 Sep 2020 05:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 25 Sep 2020 05:19 AM IST
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पूर्वी दिल्ली में फरवरी महीने में हुए दंगों में दंगाइयों का सबसे ज्यादा कहर चांदबाग इलाके पर टूटा। यहां पर दंगाइयों ने पुलिसकर्मियों को घेरकर मारा था। वजीराबाद रोड पर डिवाइडर की ऊंचाई अधिक होने के कारण पुलिसकर्मी भाग नहीं पाए।
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भागने के प्रयास में सभी पुलिसकर्मी वजीराबाद रोड क्रॉस पर एकत्रित हो गए। यहां पर दंगाइयों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर, लाठी व अन्य हथियारों से हमला किया। इस हमले में दिल्ली पुलिस के हवलदार रतनलाल की जान गई थी। शाहदरा डीसीपी अमित शर्मा व एसीपी गोकलपुरी बेहोश होकर मौके पर गिर गए थे।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली दंगों की चार्जशीट में दंगों के दौरान वजीराबाद रोड पर मौजूद व चांद बाग के बीट अफसर सिपाही सुनील के बयानों को रखा है। सिपाही सुनील ने अपने बयानों में कहा है कि जनवरी-फरवरी में मेन वजीराबाद रोड पर चांद बाग 25 फुटा रोड, लोनी गोल चक्कर की तरफ जाने वाली सर्विस रोड पर प्रदर्शन चल रहा था। 23 फरवरी को भीम आर्मी ने भारत बंद की घोषणा की तो चांदबाग के प्रदर्शनकारी भी राजघाट तक मार्च निकालना चहाते थे।
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मगर अनुमति नहीं होने के कारण पुलिस ने इन्हें रोक दिया। 23 फरवरी को चांद बाग में हिंसा हुई। 24 फरवरी को प्रदर्शनकारियों ने मेन वजीराबाद रोड को जाम करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी काफी गुस्से में थे। मौके पर डीसीपी शाहदरा अमित कुमार व एसीपी गोकलपुरी अनुज कुमार स्टाफ के साथ मौके पर आ गए।
सुनील ने अपने बयान में ये भी कहा है कि जब वह भड़काऊ भाषण दे रहे सलीम उर्फ मुन्ना को समझाने गए तो प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ मारपीट की। प्रदर्शनकारियों को मेन वजीराबाद रोड को ब्लाक करने से रोका तो उन्होंने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी छतों से गोली चलाने के अलावा पत्थर, तेजाब व पेट्रोल बम फेंक रहे थे।
पुलिसकर्मी अपने को बचाने के लिए वजीराबाद रोड को क्रॉस कर यमुना विहार की तरफ जाने लगे तो डिवाइडर की ऊंचाई अधिक होने व अंधाधुंध पथराव की वजह से पुलिसकर्मी घिर गए।
दंगाइयों ने पुलिसकर्मियों को घेरकर लाठी, डंडों व रॉड से हमला किया। हमले के दौरान ही डीसीपी अमित कुमार, एसीपी अनुज कुमार व हवलदार रतनलाल बेहोश होकर मौके पर गिर गए थे। हवलदार रतनलाल को गोली लगी थी। अतिरिक्त फोर्स को बुलाकर घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।