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एनजीओ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताकर मरीजों के साथ कर रहे थे ठगी, दो गिरफ्तार
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नई दिल्ली। एनजीओ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताकर ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के दो ठगों को विवेक विहार थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े आरोपियों की पहचान अल्फा-2, ग्रेटर नोएडा निवासी रितिक कुमार सिंह उर्फ रितिक प्रताप सिंह (21) और जेटा-1, ग्रेटर नोएडा निवासी संदीप पांडेय (28) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल व दो सिमकार्ड बरामद किए हैं। आरोपी संदीप पांडेय प्रयागराज के एक कॉलेज से डिप्लोमा इंजीनियरिंग किए हुए है। वह यहां प्रॉपर्टी का काम करने के अलावा ठगी कर रहा था। गैंग लीडर खुद को एक एनजीओ जिसके कई राज्यों में 18 लाख सदस्य हैं, उसका अध्यक्ष बताने के अलावा एक निजी संस्था से जुड़ा होने की बात करता है। दोनों ने हाईफाई लाइफ जीने के लिए कोविड के दौरान मरीजों से लाखों रुपये ठगे हैं।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. साथिया सुंदरम ने बताया कि विवेक विहार निवासी संचित अग्रवाल ने छह मई को ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर ठगी की शिकायत विवेक विहार थाने में दी थी। उसने पुलिस को बताया कि उसकी बीमार मां को ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत थी। उसने सोशल मीडिया के जरिये एक नंबर लेकर उससे संपर्क किया।
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आरोपी ने उससे 14 हजार रुपये पेटीएम करवा लिये। न तो ऑक्सीजन सिलिंडर मिला और आरोपी ने अपना फोन भी बंद कर लिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
पुलिस ने मोबाइल नंबर और पेटीएम अकाउंट की जांच की तो पता चला कि पेटीएम नंबर गाजीपुर, यूपी में यूनियन बैंक के खाते से जुड़ा हुआ है। खाता संदीप पांडेय के नाम पर है। इसी खाते से लिंक मोबाइल नंबर को ठगी में इस्तेमाल किया जा रहा था।
नंबर की जांच हुई तो पता चला कि वह बिहार के आरा जिले में एक अन्य बैंक खाते से भी जुड़ा है। यह खाता किसी रितिक कुमार के नाम पर है। संदीप के एक और खाते की जानकारी पुलिस को मिली। पुलिस की टीम ने मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी जांच शुरू की। बाद में लोकेशन के आधार पर रितिक और संदीप को ग्रेटर नोएडा से दबोच लिया।
पता चला है कि दोनों आरोपियों ने कोविड के दौरान साढ़े छह लाख से अधिक की ठगी की है। पुलिस को इनके कुछ और खातों की जानकारी मिली है। पुलिस उसके आधार पर मामले की छानबीन कर रही है।
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पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल व दो सिमकार्ड बरामद किए हैं। आरोपी संदीप पांडेय प्रयागराज के एक कॉलेज से डिप्लोमा इंजीनियरिंग किए हुए है। वह यहां प्रॉपर्टी का काम करने के अलावा ठगी कर रहा था। गैंग लीडर खुद को एक एनजीओ जिसके कई राज्यों में 18 लाख सदस्य हैं, उसका अध्यक्ष बताने के अलावा एक निजी संस्था से जुड़ा होने की बात करता है। दोनों ने हाईफाई लाइफ जीने के लिए कोविड के दौरान मरीजों से लाखों रुपये ठगे हैं।
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शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. साथिया सुंदरम ने बताया कि विवेक विहार निवासी संचित अग्रवाल ने छह मई को ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर ठगी की शिकायत विवेक विहार थाने में दी थी। उसने पुलिस को बताया कि उसकी बीमार मां को ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत थी। उसने सोशल मीडिया के जरिये एक नंबर लेकर उससे संपर्क किया।
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आरोपी ने उससे 14 हजार रुपये पेटीएम करवा लिये। न तो ऑक्सीजन सिलिंडर मिला और आरोपी ने अपना फोन भी बंद कर लिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
पुलिस ने मोबाइल नंबर और पेटीएम अकाउंट की जांच की तो पता चला कि पेटीएम नंबर गाजीपुर, यूपी में यूनियन बैंक के खाते से जुड़ा हुआ है। खाता संदीप पांडेय के नाम पर है। इसी खाते से लिंक मोबाइल नंबर को ठगी में इस्तेमाल किया जा रहा था।
नंबर की जांच हुई तो पता चला कि वह बिहार के आरा जिले में एक अन्य बैंक खाते से भी जुड़ा है। यह खाता किसी रितिक कुमार के नाम पर है। संदीप के एक और खाते की जानकारी पुलिस को मिली। पुलिस की टीम ने मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी जांच शुरू की। बाद में लोकेशन के आधार पर रितिक और संदीप को ग्रेटर नोएडा से दबोच लिया।
पता चला है कि दोनों आरोपियों ने कोविड के दौरान साढ़े छह लाख से अधिक की ठगी की है। पुलिस को इनके कुछ और खातों की जानकारी मिली है। पुलिस उसके आधार पर मामले की छानबीन कर रही है।