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दिल्ली: जापान की तर्ज पर स्कूलों में बनेंगे जंगल, मियावाकी तकनीक से किया पौधरोपण

Wed, 16 Feb 2022 09:27 AM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 16 Feb 2022 09:27 AM IST
सार

दिल्ली के द्वारका में मियावाकी तकनीक से प्राथमिक विद्याय में पौधरोपण किया गया। इससे पौधे तीन वर्ष में पेड़ के रुप में विकसित हो जाएंगे। स्कूल में स्वच्छ हवा मिलेगी।

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Planting done with Miyawaki technique in primary school dwarka delhi
स्कूल में पौधरोपण के दौरान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पश्चिमी दिल्ली के द्वारका इलाके में एक प्राथमिक विद्यालय परिसर में मियावाकि तकनीक से जंगल लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। मंगलवार को विद्यालय परिसर में इस तकनीक के इस्तेमाल से पौधरोपण किया गया। यह तकनीक कारगर हुई तो आने वाले दिनों में आस-पास के दूसरे विद्यालय परिसरों में भी मियावाकि तकनीक का इस्तेमाल होगा और छोटे-छोटे सघन वन क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।

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एसडीएमसी के शाहबाद मोहम्मदपुर प्राथमिक विद्यालय के परिसर में राइज फाउंडेशन के सहयोग से यह प्रयोग किया गया है। पौधरोपण कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन ने सहयोग दिया है। पौधरोपण कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों और छोटे बच्चों ने भी हिस्सा लिया। स्कूल परिसर के 600 वर्गफुट क्षेत्रफल में स्थानीय अनुकूलन वाले 100 पौधे लगाए गए।
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पौधे तीन वर्ष में हो जाएंगे विकसित
मियावाकि तकनीक के लिहाज से पौधरोपण वाले क्षेत्रफल में दो फुट मिट्टी हटाने के बाद वहां कंपोस्ट, भूसी, गुड़ व दूसरी जरूरी सामग्री मिलाई गई। इसके बाद वहां पौधरोपण किया गया। उचित देखभाल के बाद ये पौधे तीन वर्ष में एक जंगल का रूप ले लेंगे।
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स्कूल परिसर में मिलेगी स्वच्छ हवा
यह प्रयोग सफल हुआ तो आने वाले दिनों में दूसरे स्कूलों में इस तकनीक से घने जंगल विकसित किए जाएंगे। कुछ सालों बाद स्कूल परिसर में घना जंगल खड़ा हो जाएगा। यहां बच्चों को स्वच्छ हवा मिलेगी और चिड़ियों को पेड़ों पर ठिकाना मिलेगा।

क्या है मियावाकी तकनीक
यह एक जापानी वनीकरण विधि है। इसमें पौधों को कम दूरी पर लगाया जाता है, ताकि पौधे सूर्य की रोशनी हासिल कर ऊपर की ओर बढ़ते रहें। इसके तहत तीन प्रजातियों के पौधे लगाए जाते हैं, जिनकी ऊंचाई पेड़ बनने पर अलग-अलग होती है। इसमें एक पेड़ ऊंचाई वाला, दूसरा कम ऊंचाई वाला और तीसरा घनी छायादार पौधा चुना जाता है।


पौधरोपण में इन्होंने लिया हिस्सा
विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र कौर, शिक्षक सुशील लाम्बा और स्थानीय निवासियों में द्वारका सेक्टर 12 से इंद्रजीत सिंह, सेक्टर 22 से जसपाल सिंह, घुम्मनहेड़ा से सुभाष कश्यप, थिंक गुड फाउंडेशन से नत्थू राम, विद्या आनंद यादव, अमित भटनागर, अवधूत जाधव, ज्योति त्यागी, बसाई दारापुर से कौशल त्यागी, अनुराधा गांगुली, मधुकर वार्ष्णेय, माधुरी वार्ष्णेय, दीपक भारद्वाज, हरीश अवस्थी, रानीश ढाका, प्रवीण कुमार रोहिणी पौधरोपण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

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