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दिल्ली: लाजपत नगर की सेंट्रल मार्किट में बैठने वाले व्यक्तियों के आंकड़े एकत्र करने के लिए सर्वेक्षण की अनुमति
Tue, 20 Jul 2021 09:09 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 20 Jul 2021 09:09 PM IST
सार
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने स्पष्ट किया कि इस अदालत के 2017 के फैसले को लागू करने के लिए अधिकारी ड्यूटी वद्घ रहेंगे, जिसके द्वारा उसने दिल्ली पुलिस और एसडीएमसी से लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट से सभी कब्जों को हटाने और क्षेत्र को प्रतिबंधित जोन घोषित करने को कहा था।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
उच्च न्यायालय ने मंगलवार को दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को लाजपत नगर के सेंट्रल मार्किट क्षेत्र में बैठने वाले व्यक्तियों के आंकड़े एकत्र करने के लिए सर्वेक्षण करने की अनुमति प्रदान कर दी। यह एक प्रतिबंधित जोन है।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने स्पष्ट किया कि इस अदालत के 2017 के फैसले को लागू करने के लिए अधिकारी ड्यूटी वद्घ रहेंगे, जिसके द्वारा उसने दिल्ली पुलिस और एसडीएमसी से लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट से सभी कब्जों को हटाने और क्षेत्र को प्रतिबंधित जोन घोषित करने को कहा था।
क्षेत्र में अधिक अतिक्रमण की स्थिति से बचने के लिए पीठ ने एसडीएमसी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सर्वेक्षण दो सप्ताह के भीतर पूरा हो जाए, ऐसा न होने पर सेंट्रल जोन के उपायुक्त को व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी ठहराया जाएगा। अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया गया कि दो सप्ताह में सर्वे संपन्न हो सके यह सुनिश्चित किया जाए। सर्वे पूरा होने तक कोई नया हॉकर या वेंडर इस इलाके में न आए।
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इसी के साथ अदालत ने फेडरेशन ऑफ लाजपत नगर ट्रेडर्स एसोसिएशन की उस याचिका का निपटारा कर दिया, जिसमें वार्ड नंबर एक पर अधिकारियों को सर्वे कराने से रोकने की मांग की गई थी।
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न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने स्पष्ट किया कि इस अदालत के 2017 के फैसले को लागू करने के लिए अधिकारी ड्यूटी वद्घ रहेंगे, जिसके द्वारा उसने दिल्ली पुलिस और एसडीएमसी से लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट से सभी कब्जों को हटाने और क्षेत्र को प्रतिबंधित जोन घोषित करने को कहा था।
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क्षेत्र में अधिक अतिक्रमण की स्थिति से बचने के लिए पीठ ने एसडीएमसी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सर्वेक्षण दो सप्ताह के भीतर पूरा हो जाए, ऐसा न होने पर सेंट्रल जोन के उपायुक्त को व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी ठहराया जाएगा। अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया गया कि दो सप्ताह में सर्वे संपन्न हो सके यह सुनिश्चित किया जाए। सर्वे पूरा होने तक कोई नया हॉकर या वेंडर इस इलाके में न आए।
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इसी के साथ अदालत ने फेडरेशन ऑफ लाजपत नगर ट्रेडर्स एसोसिएशन की उस याचिका का निपटारा कर दिया, जिसमें वार्ड नंबर एक पर अधिकारियों को सर्वे कराने से रोकने की मांग की गई थी।
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अदालत ने कहा कि 2017 के फैसले में दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि क्षेत्र नो वेंडिंग जोन है और यह स्थिति तब तक जारी रहेगी जब तक कि क्षेत्र को विशेष रूप से वेंडिंग जोन घोषित नहीं किया जाता। एसोसिएशन ने कहा कि जिस वार्ड के तहत लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट के नाम से मशहूर पुष्पा मार्केट, लाजपत नगर में आता है, वह नो प्रतिबंधित जोन और नो वेंडिंग जोन है।
ट्रेडर्स एसोसिएशन के अधिवक्ता प्रणव प्रोओथी ने कहा कि चूंकि यह क्षेत्र नो वेंडिंग जोन है, ऐसे में एसडीएमसी के खिलाफ अदालत की अवमानना बनती है कि वह अतिक्रमण व वेंडिंग की अनुमति दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विक्रेताओं को किसी भी प्रकार की मान्यता नहीं दी जा सकती क्योंकि यह उच्च न्यायालय के पिछले फैसले का जानबूझकर उल्लंघन करने के समान होगा। उन्होंने कहा कि यह सर्वेक्षण उच्च न्यायालय के पिछले फैसले का पालन नहीं करने का कारण है।
ट्रेडर्स एसोसिएशन के अधिवक्ता प्रणव प्रोओथी ने कहा कि चूंकि यह क्षेत्र नो वेंडिंग जोन है, ऐसे में एसडीएमसी के खिलाफ अदालत की अवमानना बनती है कि वह अतिक्रमण व वेंडिंग की अनुमति दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विक्रेताओं को किसी भी प्रकार की मान्यता नहीं दी जा सकती क्योंकि यह उच्च न्यायालय के पिछले फैसले का जानबूझकर उल्लंघन करने के समान होगा। उन्होंने कहा कि यह सर्वेक्षण उच्च न्यायालय के पिछले फैसले का पालन नहीं करने का कारण है।