{"_id":"6021a16e8ebc3ed64b0dda5b","slug":"patient-not-found-bed-in-gb-pant-hospital-victim-lying-in-hospital-lobby-for-four-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीबी पंत हॉस्पिटल में मरीज को नहीं मिला बेड, चार दिन से अस्पताल की लॉबी में पड़ा है पीड़ित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीबी पंत हॉस्पिटल में मरीज को नहीं मिला बेड, चार दिन से अस्पताल की लॉबी में पड़ा है पीड़ित
Tue, 09 Feb 2021 02:09 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 09 Feb 2021 02:09 AM IST
विज्ञापन
इलाज के अभाव में अस्पताल की लॉबी में पड़ा मरीज
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के जीबी पंत अस्पातल में मरीजों को बेड नहीं मिल रहा है। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को यहां इलाज के लिए भर्ती होने आए दो मरीज अस्पताल की एक लॉबी की बेंच पर पड़े इलाज के लिए तरसते हुए मिले। मरीज के परिजनों का कहना है ञि उन्हें दूसरे अस्पताल से यहां रेफर किया गया था, लेकिन यहां बेड न होने की बात कहकर जाने के लिए कहा गया।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर के जानसठ कस्बे की मशरूफा अपने बेटे आमीर हमजा को इलाज कराने के लिए शुक्रवार को जीबी पंत अस्पताल लेकर पहुंची। काफी देर बाद उनका नंबर आया। उन्होंने बताया कि एम्स से उनको यहां रेफर किया गया था, लेकिन यहां डॉक्टर ने उनके बेटे की जांच की और अस्पताल में बेड न होने की बात कहकर दूसरे अस्पताल में जाने के लिए कहा।
विज्ञापन
इसी तरह दिल्ली के मौहम्मदपुर-शाहपुर इलाके के रहने वाले धीरजपाल की पत्नी कुसुम के पेट में दिक्कत होने के कारण उनकी उल्टियां नहीं रुक रही थीं। इस पर वह पत्नी को इलाज के लिए जीबी पंत अस्पताल पहुंचे थे। उन्हें यह बोला गया कि बाहर से एमआरआइ कराकर लाएं। इस अस्पताल में एमआरआइ नहीं होता है। जब वह एमआरआइ कराने पहुंचे तो उन्हें 2500 रुपये का खर्चा बताया गया। पैसे न होने के कारण वह वापस लौटकर अस्पताल आ गए। कई घंटे तक वह मरीज को लेकर भर्ती होने का इंतजार करते रहे। डॉक्टर से बात करने पर उनसे कहा गया कि इस अस्पताल (जीबी पंत) में इस बीमारी का इलाज नहीं है। उनको दूसरे अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। इस मामले में अस्पताल के चिकित्सा निदेशक से मिलकर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन वह उपलब्ध नहीं हुए। फोन से भी संपर्क किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।
विज्ञापन