दिल्ली : आकाश हेल्थकेयर में चंद घंटों के लिए बची थी ऑक्सीजन, मैक्स ने 10 सिलिंडर भेजकर बचाई मरीजों की जान, वेंकटेश्वर में स्टॉक खत्म
मंगलवार की सुबह आकाश हेल्थकेयर में कुछ ही घंटों के लिए ऑक्सीजन बची थी और कई सारे कोरोना मरीजों की जान पर तलवार लटक गई थी। आकाश हेल्थकेयर ने मैक्स हेल्थकेयर से संपर्क साधा। मैक्स के प्रमोटर, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अभय सोई ने मदद का हाथ बढ़ाया।
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दिल्ली अभी भी ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रही है। अस्पताल में कोरोना मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं लेकिन ऑक्सीजन की सही से आर्पूति नहीं हो रही है। मंगलवार की सुबह आकाश हेल्थकेयर में कुछ ही घंटों के लिए ऑक्सीजन बची थी और कई सारे कोरोना मरीजों की जान पर तलवार लटक गई थी।
अस्पताल प्रशासन ने तत्काल मदद के लिए कई सारे अस्पताल का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। आखिर में आकाश हेल्थकेयर ने मैक्स हेल्थकेयर से संपर्क साधा। मैक्स के प्रमोटर, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अभय सोई ने मदद का हाथ बढ़ाया।
आकाश हेल्थकेयर ने मैक्स का जताया आभार
उन्होंने सुबह 8:30 बजे तुरंत 10 डी-टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर भेजकर मरीजों की जान बचा ली। इसके बाद आकाश हेल्थकेयर के डॉक्टर और मरीजों ने राहत की सांस ली। मरीजों का इलाज बिना रुकावट के जारी रहा। आकाश हेल्थकेयर ने मैक्स हेल्थकेयर का आभार जताया।
वेंकटेश्वरा अस्पताल में नहीं है ऑक्सीजन
वहीं द्वारका के वेंकटेश्वरा अस्पताल की ओर से पेश वकील ने अदालत से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं है। ऑक्सीजन की तत्काल आपूर्ति कराने के लिए अदालत निर्देश दें।
Advocate Alok Agarwal, appearing for Maharaja Agrasen Hospital, tells Delhi High Court about a Delhi Govt's order that hospitals have to attend to all emergency patients within 10-15 minutes and give them oxygen and medicines. HC asks Delhi Govt to take instruction on this. pic.twitter.com/ltFFR2gJBt
— ANI (@ANI) April 27, 2021
ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने वालों को लें हिरासत में
उधर, दिल्ली में ऑक्सीजन की कालाबाजारी को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि महज सैकड़ों रुपये की ऑक्सीजन सिलिंडर को लाखों रुपये में बेचा जा रहा है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि ऐसे सेंटर को बंद करे। साथ ही कोर्ट ने कालाबाजारी करने वालों को हिरासत में लेने को कहा है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि आपके पास कार्रवाई करने की शक्तियां हैं।
कारण बताओ नोटिस जारी
दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि शाम तक इस मामले में कार्रवाई होगी। हमने कारण बताओ नोटिस भी जारी किए हैं। दिल्ली के मुख्य सचिव विजय देव ने अदालत को सूचित किया कि उन्होंने सभी आपूर्तिकर्ताओं से अनुरोध किया है कि वे दिल्ली में अपने केंद्र पर पहुंचने वाले ऑक्सीजन टैंकरों का विवरण दें। तीन दिनों के लिए कोटा आवंटित किया जाएगा।
दिल्ली हाईकोर्ट में ऑक्सीजन आपूर्ति और कोरोना मरीजों के इलाज को लेकर मंगलवार को भी सुनवाई हुई। महाराजा अग्रसेन अस्पताल की ओर से पेश वकील आलोक अग्रवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट को दिल्ली सरकार के आदेश के बारे में जानकारी दी। आदेश के मुताबिक, अस्पतालों को सभी इमरजेंसी मरीजों को 10 से 15 मिनट के भीतर देखना होगा और उन्हें ऑक्सीजन और दवाइयां देनी होंगी।