फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Only 50 percent fixed charge will have to be paid in April and May

बिजली उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत ही देना होगा अप्रैल और मई का स्थायी शुल्क

Tue, 08 Sep 2020 04:25 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Tue, 08 Sep 2020 04:25 AM IST
विज्ञापन
Only 50 percent fixed charge will have to be paid in April and May
अरविंद केजरीवाल - फोटो : ANI

औद्योगिक व व्यावसायिक बिजली उपभोक्ताओं को दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग ने राहत दी है। लॉकडाउन के दौरान गतिविधियां बंद होने की वजह से बीते अप्रैल और मई का स्थायी शुल्क 50 प्रतिशत ही वसूलने का फैसला किया गया है।

विज्ञापन


इस निर्णय को जहां दिल्ली के मुख्यमंत्री ने राहत भरा कदम बताया है वहीं भाजपा का कहना है कि दिल्ली सरकार बिजली कंपनियों को लाभ दे रही है। जब तक काम-काज पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट आता, व्यावसायिक के साथ घरेलू उपभोक्ताओं को भी स्थायी शुल्क में पूरी तरह राहत दी जानी चाहिए।
विज्ञापन


विद्युत नियामक आयोग ने कहा कि पिछले दिनों औद्योगिक और व्यावसायिक संगठनों ने लॉकडाउन के दौरान का स्थायी शुल्क माफ करने की मांग की थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश अनुसार व्यावसायिक गतिविधियां बंद थीं। इसे देखते हुए अप्रैल व मई महीने के बिजली बिल में 250 रुपये की जगह 125 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से स्थायी शुल्क लेने का फैसला लिया गया है। यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जिन्होंने स्थायी शुल्क जमा कर दिया है, उन्हें ज्यादा जमा हुआ शुल्क वापस किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कुछ दिनों पहले कारोबारियों को स्थायी शुल्क में छूट देने का आश्वासन दिया था। अब मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी के दौर में दिल्ली सरकार दिल्ली वालों के साथ है। इस फैसले से दिल्ली के लाखों लोगों को राहत मिलेगी।

बिजली बिल के मुद्दे पर भाजपा ने आक्रामक रुख अख्तियार कर रखा था। आंदोलन करने की चेतावनी भी दी थी। अब, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता का कहना है कि स्थायी शुल्क पूरी तरह से माफ होना चाहिए। व्यवसायिक गतिविधियां अब भी पटरी पर नहीं लौटी हैं। यह भी कहा कि जब फैक्ट्री, उद्योग, दुकान समेत अन्य सभी व्यावसायिक संस्थान बंद थे तो 50 प्रतिशत स्थायी शुल्क भी किस बात का वसूला जा रहा है।


भाजपा ने दिल्ली सरकार से मांग की है कि जब तक व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट आतीं, पूरा स्थायी शुल्क न सिर्फ व्यावसायिक बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं का भी माफ होना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed