एक साल केजरीवाल: चुनौतियों के बावजूद सरकारी स्कूल हुए डिजिटल, राज्य शिक्षा बोर्ड को पहनाया अमलीजामा
-दिल्ली सरकार का मुख्य फोकस शिक्षा पर रहा, पाठ्यक्रम में बदलाव की ओर बढ़ाए कदम, कौशल और उद्यमिता विश्वविद्यालय शुरू करने पर किया काम
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार के तीसरे कार्यकाल का आज एक साल पूरा होने जा रहा है। बीते कार्यकाल की तरह इस बार भी दिल्ली सरकार की प्राथमिकता शिक्षा ही रही। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल कोरोना की चुनौती के साथ बेमिसाल रहा।
सरकार ने महामारी की चुनौती के बीच ना केवल शिक्षा के लिए अपना खजाना खोला बल्कि बजट में की गई घोषणाओं को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाए। कोरोना महामारी की चुनौती के बीच बच्चों तक डिजिटल माध्यम से कक्षाओं को उनके घर पहुंचाया।
कोरोना काल में सरकारी स्कूलों को डिजिटल करना बड़ी चुनौती थी। सरकार ने इससे पार पाते हुए कक्षाओं को ऑनलाइन कर शिक्षा को बच्चों के घर तक पहुंचाया। छात्रों को इसकेलिए टैबलेट दिए गए, बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई बाधित ना हो, इसके लिए उन्हें इंटरनेट डेटा भी उपलब्ध कराया गया।
बड़ी कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए टैबलेट दिए गए। सरकार का जोर डिजिटल कक्षाओं पर है। कोरोना काल में सरकारी स्कूलों की पढ़ाई का स्वरुप पूरी तरह से ऑनलाइन हो गया। इस दौरान ना केवल छात्रों के लिए ऑनलाइन हैप्पीनेस कक्षाएं हुई बल्कि परिवार के लिए भी हैप्पीनेस कक्षाएं आयोजित की गई।
उधर, सरकार ने बीते साल बजट में दिल्ली के अलग राज्य शिक्षा बोर्ड बनाने की घोषणा की थी। कोविड-19 की चुनौती केबीच सरकार ने इस घोषणा को प्रमुखता पर रखते हुए इसे अमलीजामा पहनाया। अब यह बोर्ड 2021-22 सेशन से ही काम करने लगेगा। इसके पाठ्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय बोर्ड की भी विशेषताएं होंगी। किसी भी स्कूल पर इससे जुडने के लिए दबाव नहीं होगा। इसकेलिए पाठ्यक्रम में भी बदलाव करने की ओर सरकार ने कदम बढ़ाए हैं।
दिल्ली स्किल एवं अंतरप्रयोनोरशिप यूनिवर्सिटी शुरु करने की ओर बढ़ाए कदम
सरकार ने दिल्ली स्किल एवं अंतरप्रयोनोरशिप यूनिवर्सिटी शुरु करने की ओर भी कदम बढ़ाए। जल्द ही दिल्ली को इस कौशल और उद्यमिता विश्वविद्यालय का तोहफा मिलेगा। दिल्ली का उच्च शिक्षा निदेशालय तेजी से इस दिशा में काम कर रहा है। इस विश्वविद्यालय केमाध्यम से सरकार विश्वस्तरीय चुनौतियों का सामना करने के लिए बच्चों को तैयार करेगी। विश्वविद्यालय में शॉर्ट टर्म, लॉग टर्म, डिप्लोमा, डिग्री और पीएचडी जैसे कोर्सेस शामिल होंगे। टूल इंजीनियरिंग कॉलेज, जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटीआई तथा स्किल ट्रेनिंग सेंटरों को इस यूनिवर्सिटी के दायरे में लाकर इनके पाठ्यक्रमों को आधुनिक रूप दिया जाएगा।
अन्य प्रमुख बिंदु:
. अमेरिकी दूतावास के सहयोग से शिक्षकों केलिए ऑनलाइन प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किए, इसके तहत शिक्षकों को अंग्रेजी में प्रशिक्षण देने के कार्य को शुरू किया।
. सभी स्कूलों की सभी कक्षाओं में सीसीटीवी लगाने काम शुरु हो चुका, काफी स्कूलों में लग चुके हैं कैमरे। जून 2020 तक सभी कक्षाओं में कैमरे लगाने का लक्ष्य रखा था। कोरोना ने इस काम की रफ्तार को धीमा किया।
. सरकार नया देशभक्ति पाठ्यक्रम लेकर आ रही है, इस पर काम करना शुरु
. दिसंबर से स्कूलों में मिड डे मील योजना के तहत सूखा राशन देने की योजना की शुरुआत की। सरकारी स्कूलों में पढने वाले लगभग आठ लाख बच्चों को मिड डे मील योजना के तहत सूखा राशन देना शुरू किया। जब तक पूरी तरह स्कूल फिर से नहीं खुलते तब तक यह योजना जारी रहेगी।
. सरकारी स्कूल के बच्चों केलिए लाइव एंटरप्रिन्योर संवाद कार्यक्रम शुरु किए, बच्चों के लिए आईएएस के माध्यम से भी संवाद कार्यक्रम कराए जा रहे हैं।