{"_id":"61fdf05a46a3e9359b54544f","slug":"omicron-cases-in-india-92-percent-death-due-to-omicron-in-delhi-information-found-in-genome-sequencing-report","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुलासा: दिल्ली में ओमिक्रॉन के कारण हुईं 92 फीसदी मौत, जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट में मिली जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुलासा: दिल्ली में ओमिक्रॉन के कारण हुईं 92 फीसदी मौत, जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट में मिली जानकारी
Sat, 05 Feb 2022 09:04 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 05 Feb 2022 09:04 AM IST
सार
आंकड़ों के अनुसार, मरने वालों के कुल 310 नमूने प्रयोगशालाओं में भेजे गए, जिनमें से 98 काविश्लेषण किया गया। ये आंकड़े शुक्रवार को हुई दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक के दौरान साझा किए गए। जनवरी में प्रयोगशालाओं में जांच के लिए 98 नमूने भेजे गए थे, जिनमें 92 मौतों की वजह ओमिक्रॉन बना है।
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली में कोरोना की पांचवीं लहर के दौरान 92 फीसदी मौत ओमिक्रॉन वैरिएंट की वजह से हुई हैं। शुक्रवार को जीनोम सीक्वेसिंग की रिपोर्ट में यह जानकारी मिली है। अधिकारियों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, जिन रोगियों की दिल्ली में कोरोना से मृत्यु हो गई थी उनमें से 92 फीसदी में ओमिक्रॉन वैरिएंट मिला है।
आंकड़ों के अनुसार, मरने वालों के कुल 310 नमूने प्रयोगशालाओं में भेजे गए, जिनमें से 98 काविश्लेषण किया गया। ये आंकड़े शुक्रवार को हुई दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक के दौरान साझा किए गए।
जनवरी में प्रयोगशालाओं में जांच के लिए 98 नमूने भेजे गए थे, जिनमें 92 मौतों की वजह ओमिक्रॉन बना है। इस दौरान एक नमूने में डेल्टा वैरिएंट भी मिला है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी के महीने में दिल्ली में कुल मिलाकर 750 से अधिक मौतें हुईं।
विज्ञापन
साथ ही यह भी पता चला कि महामारी की तीसरी लहर के दौरान दिल्ली में कोविड के मामलों में उछाल ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण हुआ जो अत्यधिक संचरित है। इनमें से 14 प्रतिशत नमूनों में डेल्टा प्रकार का पता चला था, और शेष सात प्रतिशत अन्य श्रेणियों के थे।
विज्ञापन
आंकड़ों के अनुसार, मरने वालों के कुल 310 नमूने प्रयोगशालाओं में भेजे गए, जिनमें से 98 काविश्लेषण किया गया। ये आंकड़े शुक्रवार को हुई दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक के दौरान साझा किए गए।
विज्ञापन
जनवरी में प्रयोगशालाओं में जांच के लिए 98 नमूने भेजे गए थे, जिनमें 92 मौतों की वजह ओमिक्रॉन बना है। इस दौरान एक नमूने में डेल्टा वैरिएंट भी मिला है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी के महीने में दिल्ली में कुल मिलाकर 750 से अधिक मौतें हुईं।
विज्ञापन
साथ ही यह भी पता चला कि महामारी की तीसरी लहर के दौरान दिल्ली में कोविड के मामलों में उछाल ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण हुआ जो अत्यधिक संचरित है। इनमें से 14 प्रतिशत नमूनों में डेल्टा प्रकार का पता चला था, और शेष सात प्रतिशत अन्य श्रेणियों के थे।