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Hindi News ›   Delhi ›   Offensive content removed from English syllabus

अंग्रेजी पाठ्यक्रम से आपत्तिजनक सामग्री को हटाया गया

Fri, 27 Aug 2021 01:06 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 01:06 AM IST
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Offensive content removed from English syllabus
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के बीए ऑनर्स (अंग्रेजी) के पांचवें सेमेस्टर से लेखिका महाश्वेता देवी और दो अन्य दलित लेखकों की लघुकथाओं को पाठ्यक्रम से हटाने पर खड़े हुए विवाद पर प्रशासन ने स्पष्टीकरण दिया है। डीयू का कहना है कि जो लघुकथाएं हटाई गई हैं, उनकी विषयवस्तु आपत्तिजनक थी। ओवरसाइट कमेटी ने इसी आधार पर हटाने की सिफारिश दी थी। 24 अगस्त को हुई एकेडमिक काउंसिल में कमेटी ने सिफारिशें रखी थी। जिस पर 15 सदस्यों ने असहमति पत्र दिया था।
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रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता ने कहा कि कमेटी ने ऐसी सामग्री को हटाया है जो कि आपत्तिजनक थी। यदि कोई आपत्तिजनक सामग्री 1999 से पढ़ाई जा रही थी, तो जरूरी नहीं कि आगे भी चलती रहे। विवि ने इस विचार को स्वीकार किया कि पाठ्यक्रम में ऐसी सामग्री होनी चाहिए, जो किसी भी व्यक्ति की भावनाओं को ठेस न पहुंचाएं।
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एकेडमिक काउंसिल में महाश्वेता देवी की लघुकथा द्रोपदी और दो दलित लेखकों बामा और सुकीरथरिणी की लघुकथा को अंग्रेजी पाठ्यक्रम से हटाकर लेखिका रमाबाई को कोर्स में शामिल करने का फैसला किया। काउंसिल सदस्य मिठूराज धूसिया ने कहा था कि मनमाने ढंग से पाठ्यक्रम में बदलाव किए गए हैं, जबकि कमेटी में संबंधित विभाग से कोई विशेषज्ञ नहीं थे। डीयू के स्पष्टीकरण पर डूटा कोषाध्यक्ष आभा देव हबीब का कहना है कि यह अत्यंत चिंता और शर्म की बात है कि ओवरसाइट कमेटी पाठ्यक्रमों पर सेंसरशिप लगाने का साधन बन गई है। भावनाओं को ठेस पहुंचाने के नाम पर डीयू ने अकादमिक स्वतंत्रता की जिम्मेदारी को त्याग दिया है।
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