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सम-विषम : बदल सकता है सरकारी दफ्तरों का समय
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सम-विषम : बदल सकता है सरकारी दफ्तरों का समय
नई दिल्ली। राजधानी में इस बार सम-विषम योजना के दौरान दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के दफ्तर आने और जाने के समय में बदलाव हो सकता है। उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से इस संभावना पर काम करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने भी उपराज्यपाल की सलाह पर काम करने की सहमति जताई है।
इससे पहले बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राज निवास में उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने 4-15 नवंबर के बीच प्रस्तावित सम-विषम योजना की जानकारी दी। केजरीवाल ने बताया कि दिवाली के नजदीक दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट गहरा सकता है। पड़ोसी राज्यों में पराली जाने से समस्या बढ़ जाती है। इससे दिल्ली वासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए दिल्ली सरकार ने नवंबर के पहले सप्ताह से पंद्रह दिनों के लिए सम- विषम योजना लागू करने का फैसला किया है। केजरीवाल ने बैजल से गुजारिश की कि वह अपने अधीन विभागों को निर्देश जारी कर यह तय करवाएं कि योजना लागू करने में वह सरकार का सहयोग करें। इससे दिल्ली वालों को परेशानी नहीं होगी। साथ ही योजना सही तरीके से लागू हो सकेगी।
उपराज्यपाल अनिल बैजल के मुताबिक, मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कहा है कि दिल्ली सरकार के अधिकारियों समेत सभी सरकारी संस्थानों के खुलने व बंद होने का समय एक ही रहता है। इससे सड़कों पर जाम लगता है। ऐसे में दिल्ली सरकार ऑफिस के खुलने व बंद होने के समय में बदलाव की संभावना पर भी काम करे। इस पर मुख्यमंत्री का कहना है कि उपराज्यपाल ने सम-विषम योजना में सहयोग का भरोसा दिया है। साथ ही सलाह दी है कि सरकारी दफ्तरों के खुलने व बंद होने के समय में भी बदलाव किया जाए। दिल्ली सरकार निश्चित तौर पर इसे लागू करेगी।
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दो लाख कर्मी हैं दिल्ली सरकार के अधीन
दिल्ली सरकार के अधीन करीब दो लाख अधिकारी व कर्मचारी काम करते हैं। दफ्तर खुलने व बंद होने का समय 9 से 6 बजे के बीच है। एक ही समय में दफ्तर खुलने व बंद होने से अचानक सड़कों पर वाहनों पर संख्या बढ़ जाती है। इससे कई बार जाम के हालात बन जाते हैं। इससे बचने के लिए दफ्तरों के समय में बदलाव की संभावना पर दिल्ली सरकार काम करने जा रही है।
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नई दिल्ली। राजधानी में इस बार सम-विषम योजना के दौरान दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के दफ्तर आने और जाने के समय में बदलाव हो सकता है। उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से इस संभावना पर काम करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने भी उपराज्यपाल की सलाह पर काम करने की सहमति जताई है।
इससे पहले बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राज निवास में उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने 4-15 नवंबर के बीच प्रस्तावित सम-विषम योजना की जानकारी दी। केजरीवाल ने बताया कि दिवाली के नजदीक दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट गहरा सकता है। पड़ोसी राज्यों में पराली जाने से समस्या बढ़ जाती है। इससे दिल्ली वासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए दिल्ली सरकार ने नवंबर के पहले सप्ताह से पंद्रह दिनों के लिए सम- विषम योजना लागू करने का फैसला किया है। केजरीवाल ने बैजल से गुजारिश की कि वह अपने अधीन विभागों को निर्देश जारी कर यह तय करवाएं कि योजना लागू करने में वह सरकार का सहयोग करें। इससे दिल्ली वालों को परेशानी नहीं होगी। साथ ही योजना सही तरीके से लागू हो सकेगी।
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उपराज्यपाल अनिल बैजल के मुताबिक, मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कहा है कि दिल्ली सरकार के अधिकारियों समेत सभी सरकारी संस्थानों के खुलने व बंद होने का समय एक ही रहता है। इससे सड़कों पर जाम लगता है। ऐसे में दिल्ली सरकार ऑफिस के खुलने व बंद होने के समय में बदलाव की संभावना पर भी काम करे। इस पर मुख्यमंत्री का कहना है कि उपराज्यपाल ने सम-विषम योजना में सहयोग का भरोसा दिया है। साथ ही सलाह दी है कि सरकारी दफ्तरों के खुलने व बंद होने के समय में भी बदलाव किया जाए। दिल्ली सरकार निश्चित तौर पर इसे लागू करेगी।
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दो लाख कर्मी हैं दिल्ली सरकार के अधीन
दिल्ली सरकार के अधीन करीब दो लाख अधिकारी व कर्मचारी काम करते हैं। दफ्तर खुलने व बंद होने का समय 9 से 6 बजे के बीच है। एक ही समय में दफ्तर खुलने व बंद होने से अचानक सड़कों पर वाहनों पर संख्या बढ़ जाती है। इससे कई बार जाम के हालात बन जाते हैं। इससे बचने के लिए दफ्तरों के समय में बदलाव की संभावना पर दिल्ली सरकार काम करने जा रही है।