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Delhi News: आइजीआइ एयरपोर्ट पर एक साल में 34 फीसदी बढ़े अंतरराष्ट्रीय यात्री
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- एअर इंडिया और इंडिगो संभाल रहे 90 फीसदी से ज्यादा ट्रांजिट ट्रैफिक
-कई नई उड़ानों से और मजबूत होगी ग्लोबल कनेक्टिविटी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट अब दुनिया के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच पुल की भूमिका निभा रहा है। ट्रांजिट यात्रियों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि यह एयरपोर्ट दुनिया का पसंदीदा ट्रांजिट केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां एक साल में 34 फीसदी अंतरराष्ट्रीय यात्री बढ़े हैं।
आईजीआई एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी डायल के अनुसार सितंबर 2023 से अगस्त 2024 के बीच यहां से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट यात्रियों की संख्या 6.7 लाख तक पहुंच गई। यह पिछले वर्ष की तुलना में 34 फीसदी अधिक है। इसमें पूर्व से पश्चिम दिशा के ट्रैफिक में 34 फीसदी और पश्चिम से पूर्व दिशा में 35 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। डायल के अनुसार एशिया और यूरोप के बीच यात्रा करने वाले अधिकांश यात्री अब दिल्ली को अपने पहले पड़ाव के रूप में चुन रहे हैं।
एअर इंडिया और इंडिगो की सबसे बड़ी हिस्सेदारी
ट्रांजिट यात्रियों के मामले में एअर इंडिया और इंडिगो की सबसे अधिक भागीदारी रही है। एअर इंडिया ने कुल ट्रांजिट ट्रैफिक का 67 फीसदी, जबकि इंडिगो ने 25 फीसदी संभाला। इस तरह दोनों एयरलाइंस मिलकर दिल्ली एयरपोर्ट के 90 फीसदी से अधिक अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक को संचालित कर रही है। डायल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा कि आईजीआई एयरपोर्ट अब ग्लोबल कनेक्टिविटी का प्रमुख केंद्र बन चुका है। दिल्ली यूरोप, पूर्वी एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने वाला भारत का सबसे बड़ा द्वार है। लंदन, बैंकाक या टोक्यो हर दिशा में हमारा नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि आईजीआई एयरपोर्ट अब भारत-थाईलैंड के बीच सबसे बड़ा गेटवे बन गया है, जहां से हर सप्ताह 120 उड़ानें बैंकाक, फुकेट, क्राबी और डॉन मुआंग के लिए रवाना होती हैं।
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कई नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें होंगी शुरू
एअर इंडिया और इंडिगो जल्द ही कई नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने जा रहे हैं। दिल्ली से मैनचेस्टर के लिए सीधी सेवा 15 नवंबर, ग्वांगझू (चीन) के लिए 10 नवंबर, हनोई (वियतनाम) के लिए 20 दिसंबर से उड़ानें शुरू होंगी। इसके अलावा जापान एयरलाइंस भी आगामी जनवरी से नई दिल्ली–टोक्यो के बीच नई सेवा शुरू करने की योजना बना रही है। भारत से थाईलैंड के लिए कुल 458 उड़ानों में दिल्ली की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत है। वहीं, भारत-ब्रिटेन के बीच होने वाली उड़ानों में दिल्ली का हिस्सा 38 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
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-कई नई उड़ानों से और मजबूत होगी ग्लोबल कनेक्टिविटी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट अब दुनिया के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच पुल की भूमिका निभा रहा है। ट्रांजिट यात्रियों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि यह एयरपोर्ट दुनिया का पसंदीदा ट्रांजिट केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां एक साल में 34 फीसदी अंतरराष्ट्रीय यात्री बढ़े हैं।
आईजीआई एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी डायल के अनुसार सितंबर 2023 से अगस्त 2024 के बीच यहां से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट यात्रियों की संख्या 6.7 लाख तक पहुंच गई। यह पिछले वर्ष की तुलना में 34 फीसदी अधिक है। इसमें पूर्व से पश्चिम दिशा के ट्रैफिक में 34 फीसदी और पश्चिम से पूर्व दिशा में 35 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। डायल के अनुसार एशिया और यूरोप के बीच यात्रा करने वाले अधिकांश यात्री अब दिल्ली को अपने पहले पड़ाव के रूप में चुन रहे हैं।
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एअर इंडिया और इंडिगो की सबसे बड़ी हिस्सेदारी
ट्रांजिट यात्रियों के मामले में एअर इंडिया और इंडिगो की सबसे अधिक भागीदारी रही है। एअर इंडिया ने कुल ट्रांजिट ट्रैफिक का 67 फीसदी, जबकि इंडिगो ने 25 फीसदी संभाला। इस तरह दोनों एयरलाइंस मिलकर दिल्ली एयरपोर्ट के 90 फीसदी से अधिक अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक को संचालित कर रही है। डायल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा कि आईजीआई एयरपोर्ट अब ग्लोबल कनेक्टिविटी का प्रमुख केंद्र बन चुका है। दिल्ली यूरोप, पूर्वी एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने वाला भारत का सबसे बड़ा द्वार है। लंदन, बैंकाक या टोक्यो हर दिशा में हमारा नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि आईजीआई एयरपोर्ट अब भारत-थाईलैंड के बीच सबसे बड़ा गेटवे बन गया है, जहां से हर सप्ताह 120 उड़ानें बैंकाक, फुकेट, क्राबी और डॉन मुआंग के लिए रवाना होती हैं।
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कई नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें होंगी शुरू
एअर इंडिया और इंडिगो जल्द ही कई नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने जा रहे हैं। दिल्ली से मैनचेस्टर के लिए सीधी सेवा 15 नवंबर, ग्वांगझू (चीन) के लिए 10 नवंबर, हनोई (वियतनाम) के लिए 20 दिसंबर से उड़ानें शुरू होंगी। इसके अलावा जापान एयरलाइंस भी आगामी जनवरी से नई दिल्ली–टोक्यो के बीच नई सेवा शुरू करने की योजना बना रही है। भारत से थाईलैंड के लिए कुल 458 उड़ानों में दिल्ली की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत है। वहीं, भारत-ब्रिटेन के बीच होने वाली उड़ानों में दिल्ली का हिस्सा 38 प्रतिशत तक पहुंच गया है।