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Delhi News: रंगमंच प्रेमियों के लिए आज से शुरू होगा एनएसडी का ग्रीष्मकालीन रंग महोत्सव
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14 जून तक चलेगा होत्सव, 10 चर्चित नाटकों की कुल 26 प्रस्तुतियां होंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में एक बार फिर रंगमंच की रोशनी जगमगाने जा रही है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) रंगमंडल 8 मई यानी आज से 14 जून 2026 तक अपना वार्षिक ग्रीष्मकालीन रंग महोत्सव आयोजित कर रहा है।
38 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में रंगमंच की विविध शैलियों और विषयों से सजे 10 चर्चित नाटकों की कुल 26 प्रस्तुतियां दर्शकों के सामने पेश की जाएंगी। महोत्सव का आगाज रंगमंडल की नवीनतम प्रस्तुति अक्स तमाशा से होगा, जिसका निर्देशन वरिष्ठ रंगनिर्देशक भानू भारती ने किया है। यह नाटक ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित कन्नड़ साहित्यकार चंद्रशेखर बी. कम्बार के प्रसिद्ध नाटक सीरी सिम्पिगे का हिंदी रूपांतरण है, जिसका अनुवाद प्रो. राम गोपाल बजाज ने किया है। लोककथा शैली में रचा गया यह नाटक भ्रम और सत्य के बीच के द्वंद्व को प्रतीकात्मक और व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रस्तुत करता है। एनएसडी परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में एनएसडी के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने कहा कि भारत रंग महोत्सव 2026 की सफलता के बाद यह समर थिएटर फेस्टिवल रंगप्रेमियों के लिए एक और बड़ा सांस्कृतिक आयोजन साबित होगा।
महोत्सव में ‘बायेन’, ‘ताजमहल का टेंडर’, ‘बंदी गली का आखिरी मकान’, ‘माई री मैं का से कहूं’, ‘तमस’, ‘अंधा युग’, ‘बाबूजी’, ‘आधे अधूरे’ और ‘समुद्र मंथन’ जैसे चर्चित नाटकों का मंचन भी किया जाएगा। वहीं, दिल्ली के अलावा रेपर्टरी के कलाकार जयपुर में भी ‘आधे अधूरे’ और ‘तमस’ की प्रस्तुतियां देंगे। महोत्सव का समापन 14 जून को ‘समुद्र मंथन’ नाटक के मंचन के साथ होगा। इस नाटक को आसिफ अली ने लिखा है, जबकि इसकी रूप-सज्जा, संगीत संयोजन और निर्देशन चित्तरंजन त्रिपाठी ने किया है। नाटकों के टिकट ऑनलाइन बुकिंग मंच के माध्यम से उपलब्ध होंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में एक बार फिर रंगमंच की रोशनी जगमगाने जा रही है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) रंगमंडल 8 मई यानी आज से 14 जून 2026 तक अपना वार्षिक ग्रीष्मकालीन रंग महोत्सव आयोजित कर रहा है।
38 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में रंगमंच की विविध शैलियों और विषयों से सजे 10 चर्चित नाटकों की कुल 26 प्रस्तुतियां दर्शकों के सामने पेश की जाएंगी। महोत्सव का आगाज रंगमंडल की नवीनतम प्रस्तुति अक्स तमाशा से होगा, जिसका निर्देशन वरिष्ठ रंगनिर्देशक भानू भारती ने किया है। यह नाटक ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित कन्नड़ साहित्यकार चंद्रशेखर बी. कम्बार के प्रसिद्ध नाटक सीरी सिम्पिगे का हिंदी रूपांतरण है, जिसका अनुवाद प्रो. राम गोपाल बजाज ने किया है। लोककथा शैली में रचा गया यह नाटक भ्रम और सत्य के बीच के द्वंद्व को प्रतीकात्मक और व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रस्तुत करता है। एनएसडी परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में एनएसडी के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने कहा कि भारत रंग महोत्सव 2026 की सफलता के बाद यह समर थिएटर फेस्टिवल रंगप्रेमियों के लिए एक और बड़ा सांस्कृतिक आयोजन साबित होगा।
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महोत्सव में ‘बायेन’, ‘ताजमहल का टेंडर’, ‘बंदी गली का आखिरी मकान’, ‘माई री मैं का से कहूं’, ‘तमस’, ‘अंधा युग’, ‘बाबूजी’, ‘आधे अधूरे’ और ‘समुद्र मंथन’ जैसे चर्चित नाटकों का मंचन भी किया जाएगा। वहीं, दिल्ली के अलावा रेपर्टरी के कलाकार जयपुर में भी ‘आधे अधूरे’ और ‘तमस’ की प्रस्तुतियां देंगे। महोत्सव का समापन 14 जून को ‘समुद्र मंथन’ नाटक के मंचन के साथ होगा। इस नाटक को आसिफ अली ने लिखा है, जबकि इसकी रूप-सज्जा, संगीत संयोजन और निर्देशन चित्तरंजन त्रिपाठी ने किया है। नाटकों के टिकट ऑनलाइन बुकिंग मंच के माध्यम से उपलब्ध होंगे।
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