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कैदियों को अब वकीलों से दो बार वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुविधा
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नई दिल्ली। कैदी अपने निजी या सरकार की ओर से मुहैया कराए गए वकील से सप्ताह में दो बार वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये परामर्श ले सकते हैं। तिहाड़ जेल प्रशासन ने यह जानकारी दो वकीलों की ओर से दायर दो याचिकाओं के जवाब में मंगलवार को हाईकोर्ट में दी।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जैन की पीठ के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तिहाड़ जेल अधिकारियों ने बताया कि पहले सिर्फ विधिक सहायता से संबद्ध वकीलों से परामर्श की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन सोमवार 6 जुलाई को जारी सर्कुलर के बाद अब सभी कैदी अपने निजी वकीलों से वीडियो कॉन्फ्रेंस से सप्ताह में दो बार अपने वकील से परामर्श ले सकते हैं।
कोविड19 महामारी के कारण जेल में कैदियों और वकीलों के बीच संपर्क करने पर लगाई गई रोक के विरोध में दो वकीलों सार्थक मग्गो और अजीत पी सिंह की दो जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। इन याचिकाओं में जेल प्रशासन की 25 मार्च की अधिसूचना को चुनौती दी गई थी।
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इस अधिसूचना में कहा गया कि कोरोना वायरस प्रकोप के मद्देनजर जेलों में सभी कानूनी साक्षात्कारों और परिवारों की आवाजाही पर रोक रहेगी। अदालत ने कहा कि जेल प्रशासन ने कैदियों की जान बचाने के लिए कानूनी साक्षात्कार पर रोक लगाई थी। अब 6 जुलाई को सर्कुलर जारी होने के बाद 25 मार्च की अधिसूचना प्रभावी नहीं रहेगी।
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मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जैन की पीठ के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तिहाड़ जेल अधिकारियों ने बताया कि पहले सिर्फ विधिक सहायता से संबद्ध वकीलों से परामर्श की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन सोमवार 6 जुलाई को जारी सर्कुलर के बाद अब सभी कैदी अपने निजी वकीलों से वीडियो कॉन्फ्रेंस से सप्ताह में दो बार अपने वकील से परामर्श ले सकते हैं।
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कोविड19 महामारी के कारण जेल में कैदियों और वकीलों के बीच संपर्क करने पर लगाई गई रोक के विरोध में दो वकीलों सार्थक मग्गो और अजीत पी सिंह की दो जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। इन याचिकाओं में जेल प्रशासन की 25 मार्च की अधिसूचना को चुनौती दी गई थी।
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इस अधिसूचना में कहा गया कि कोरोना वायरस प्रकोप के मद्देनजर जेलों में सभी कानूनी साक्षात्कारों और परिवारों की आवाजाही पर रोक रहेगी। अदालत ने कहा कि जेल प्रशासन ने कैदियों की जान बचाने के लिए कानूनी साक्षात्कार पर रोक लगाई थी। अब 6 जुलाई को सर्कुलर जारी होने के बाद 25 मार्च की अधिसूचना प्रभावी नहीं रहेगी।