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सब हुआ चौपट: नाइट कर्फ्यू से पहले ही बेनूर थे रमजान, अब वीकेंड कर्फ्यू ने किया मजा किरकिरा...
Fri, 16 Apr 2021 01:42 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 16 Apr 2021 01:42 AM IST
सार
कोरोना ने पूरे रमजान के महीने को ही बेनूर कर दिया है। पहले नाइट कर्फ्यू की वजह से बाजार जल्दी बंद हो जाते थे और अब वीकेंड लॉकडाउन की वजह से लोग अपने रिश्तेदारों के साथ खास पकवानों का लुत्फ नहीं उठा पाएंगे।
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दिल्ली में नाइट कर्फ्यू का दृश्य
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
पूरे साल हर किसी को रमजान महीनें का इंतजार रहता है। दिनभर भूखे-प्यासे रोजेदार दिन छिपने के साथ ही रमजान में बनने वाले खास पकवानों का लुत्फ उठाते हैं। लेकिन कोरोना ने पूरे रमजान के महीने को ही बेनूर कर दिया है। लोगों का कहना है कि अमूमन हर साल मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों के मार्केट व खाने-पीने की दुकानें पूरी-पूरी रात खुली रहती हैं, लेकिन नाइट कर्फ्यू की वजह से रात होते ही अब सड़क पर सन्नाटा पसर जाता है।
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अब अचानक लगे वीकेंड कर्फ्यू से रमजान के महीने का मजा ही किरकिरा हो जाएगा। लोगों में डर है कि वीकेंड कर्फ्यू पर प्रशासन उनको मस्जिदों में भी जाने की इजाजत न दे। अगर ऐसा हुआ तो लोग तरावीह (रात की नमाज के बाद कुरान का पाठ) नहीं पढ़ पाएंगे। कुछ लोगों ने तो वीकेंड पर इफ्तार पार्टी की भी योजना बनाई थी, लेकिन अब वीकेंड पर इस तरह के कोई भी आयोजन नहीं हो पाएंगे।
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जामिया नगर निवासी रागिब अमीन ने बताया कि पूरे साल मुसलमान रमजान के महीनें का इंतजार करते हैं। यह महीना इबादत करने के लिए खाने-खिलाने का भी महीना होता है। लोग जमकर दान भी करते हैं। लेकिन पिछले साल और अब इस साल भी रमजान के महीने में कोरोना के कारण पाबंदी लगा दी गई हैं। शाम के समय रोजा खोलने के बाद रोजेदार बाहर निकलता है, लेकिन नाइट कर्फ्यू की वजह से अब उनको ऐसा इजाजत नहीं है। वहीं वीकेंड के कर्फ्यू से लोगों को और परेशानी होगी। जो लोग अकेले रहकर रोजा रख रहे हैं, उनकी परेशानी को दोगुनी हो जाएगी।
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रागिब ने कहा कि वह हर नमाज में अल्लाह से दुआ कर रहे हैं कि खुदा इस बीमारी को दुनिया से जल्द से जल्द खत्म कर दे। वही मो. शारिक ने बताया कि हफ्ते के पांच दिन वह दफ्तर जा रहे थे। रविवार को उन्होंने अपने घर पर रिश्तेदारों और मिलने-जुलने वाले लोगों के लिए इफ्तार पार्टी आयोजन करने का प्लान किया था। लेकिन अब वीकेंड कर्फ्यू ने सारा मजा ही किरकिरा कर दिया।
अबुल फजल निवासी मिस्बाह-उर-रहमान ने बताया कि पिछले साल खुदा उनसे इस कदर नाराज हुआ था कि उसने मस्जिदों के दरवाजे भी आम लोगों के लिए बंद कर दिए थे। इस साल नमाजी कम से कम सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मस्जिद जा रहे थे। अब पता नहीं वीकेंड कफ्यू में प्रशासन इसकी इजाजत देगा कि नहीं। लोग पांच वक्त की नमाज तो अपने घर पर पढ़ लेंगे, लेकिन सिर्फ रमजान में होने वाली तरावीह का क्या होगा। खुदा शायद अब भी हमसे खफा है। मिस्बाह ने बताया कि वह हर नमाज में अपने पूरे वतन और दुनिया की हिफाजत के लिए दुआ कर रहे हैं।