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कोरोना पर दिखा होम्योपैथी का असर
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कोरोना पर दिखा होम्योपैथी का असर
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-18 देशों में 15 हजार रोगियों का किया गया विश्लेषण
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली, 21 जनवरी
कोरोना को लेकर होम्येपैथिक दवाओं का असर देखा गया है। यह बात विश्वभर में 18 देशों में लगभग 15 हजार रोगियों में कोरोना को लेकर किए गए विश्लेषण से निकल कर सामने आई है। इन मरीजों पर होम्योपैथी दवाओं का कोरोना संक्रमण से जूझ रहे मरीजों पर सकारात्मक व सुरक्षात्मक प्रभाव देखा गया।
यूनिवर्सिटी ऑफ ओक्सफोर्ड से एविडेंस बेस्ड मेडिसिन में एमएसी व होम्योपैथी में एमडी डॉक्टर कुशल बनर्जी ने बताया कि होम्येपैथिक दवाओं ने हल्के और मध्यम लक्षण वाले मामलों में बहुत अच्छी तरह से काम किया है। वहीं, मरीजों की गंभीर स्थिति को लेकर भी होम्येपैथिक दवाओं का असर कारगर रहा। बनर्जी ने बताया कि दिल्ली में डेल्टा लहर के दौरान बहुत गंभीर मामलों में जहां लोग अस्पताल तक पहुंचने में असमर्थ थे, वहां होम्योपैथी इलाज बेहद कारगर रहा। इसके अलावा लंबे समय तक कोविड से उत्पन्न होने वाली समस्याएं, फेफड़ों को नुकसान, किडनी, अधिक शारीरिक व मानसिक थकान आदि जैसे लक्षण से प्रभावित लोग बहुत अच्छी तरह से ठीक हुए।
डॉक्टर ने बताया कि महामारी के चरम के दौरान लगभग 100 कोविड रोगियों का बचाव हर रोज के प्रबंधन में शामिल था। निश्चित रूप से महामारी का असर अब कम हुआ और अब हम लंबे समय तक बहुत गंभीर रूप से बीमार रोगियों में उत्पन्न होने वाले कोविड के लक्षण और जटिलताओं के कई प्रबंधन में शामिल हो गए हैं।
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डॉक्टर ने बताया कि कई आंकड़े ऐसे भी हैं जिनमें मरीज कोरोना की वजह से स्वासन संबंधी गंभीर स्थिति में थे, लेकिन ऐसे मरीजों को भी होम्येपैथिक दवाएं देने पर उनमें सुधार हुआ। मरीजों को दी जाने वाली आर्सेनिक एल्बम, यूोपोटोरियम व लाइकोपोरियम दवाएं होम्येपैथिक दवाओं में प्रमुख रूप से शामिल रही। इन दवाओं का असर मरीजों पर प्रभावी रहा। होम्येपैथिक दवाओं की अच्छी बात यह है कि इसके दुष्परिणाम कम देखने को मिलते हैं। हालांकि, दवाओं को बिना सलाह के भी नहीं लेना चाहिए।
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किशन कुमार
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