{"_id":"63464069b5c2a263c670ebd6","slug":"mission-jai-bhim-sanstha-gave-clarification-on-the-issue-of-conversion","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: धर्मांतरण मुद्दे पर मिशन जय भीम संस्था ने दी सफाई, कहा- सभी धर्म अपनाते हैं यह प्रक्रिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: धर्मांतरण मुद्दे पर मिशन जय भीम संस्था ने दी सफाई, कहा- सभी धर्म अपनाते हैं यह प्रक्रिया
Wed, 12 Oct 2022 09:56 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 12 Oct 2022 09:56 AM IST
सार
इस मसले पर छिड़े सियासी विवाद में बौद्ध धर्म के अनुयायी भी कूद पड़े हैं। उनका कहना है कि बौद्ध धर्म अपनाने के लिए इस तरह की प्रतिज्ञा अनिवार्य नहीं है। विशुद्ध तौर पर लोगों को हिंसा, चोरी, व्याभिचार, झूठ और नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई जाती है।
विज्ञापन
AAP leader Rajendra Pal Gautam posted photos from the event on October 5, on Vijaya Dashami
- फोटो : Agency
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
धर्मांतरण कार्यक्रम के दौरान हिंदू देवी-देवताओं को न मानने वाली शपथ से पद गंवाने वाले दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम इस वक्त विवादों में हैं। मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने पूछताछ के लिए उनको थाने में बुलाया था। इस मसले पर छिड़े सियासी विवाद में बौद्ध धर्म के अनुयायी भी कूद पड़े हैं।
विज्ञापन
उनका कहना है कि बौद्ध धर्म अपनाने के लिए इस तरह की प्रतिज्ञा अनिवार्य नहीं है। विशुद्ध तौर पर लोगों को हिंसा, चोरी, व्याभिचार, झूठ और नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई जाती है। जबकि कार्यक्रम आयोजकों का कहना है कि विवाद बेवजह हो रहा है। दूसरे धर्म को अपनाने के लिए तो पहले धर्म की सभी चीजों का त्याग करना पड़ता है। बौद्ध धर्म अपनाने के दौरान भीमराव आंबेडकर की ओर से ली गई यह प्रतिज्ञाएं उसी का हिस्सा हैं।
विज्ञापन
महाबोधी सोसाइटी के सीलावंसा थेरो का कहना है कि बौद्ध धर्म अपनाने के लिए कोई विशेष प्रक्रिया नहीं है। व्यक्ति को अपना आचरण सुधारना होता है। इसके लिए गृहस्थ जीवन व्यतीत करने वालों को पांच शपथ (पंचशील) ही लेनी होती हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को राजनीति से प्रेरित बताया। भारतीय बौद्ध संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भंते संग प्रिय राहुल का कहना है कि यह पूरा कार्यक्रम हिंदू और बौद्ध धर्म के खिलाफ है। जहां इसमें हिंदू धर्म का अपमान है, वहीं बौद्ध धर्म को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
विज्ञापन
धर्मांतरण कार्यक्रम का आयोजन करने वाली मिशन जय भीम संस्था के राष्ट्रीय सचिव ईश्वर सिंह का कहना है कि इस पूरे मामले को बेवजह विवादित बनाया जा रहा है, जबकि इसमें ऐसा कुछ है ही नहीं। किसी भी नए धर्म में शामिल होने के लिए पिछले धर्म से संबंधित हर रीति रिवाज और चीजों को छोड़ने की शपथ दिलाई जाती है। बौद्ध धर्म को अपनाने के लिए पंचशील जरूरी है, लेकिन जब तक हम पुरानी चीजों को नहीं छोड़ेंगे तो नई को कैसे अपनाएंगे। कार्यक्रम में दिलाई गई प्रतिज्ञा के पीछे भी यही कारण था। इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
अब तक एक लाख लोगों ने अपनाया बौद्ध धर्म
मिशन जय भीम के ईश्वर सिंह बताते हैं कि उनकी संस्था को बने हुए दो साल का समय हुआ है। पांच अक्तूबर को हुआ कार्यक्रम अब तक का सबसे बड़ा कार्यक्रम था। अब तक हुए सभी कार्यक्रमों में करीब एक लाख लोग बौद्ध धर्म अपना चुके हैं।