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ऑनलाइन साइट पर खुलेआम चल रही है मूंगा की बिक्री, डिलीवरी ब्वॉय गिरफ्तार
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नई दिल्ली। देशभर में कोरल (मूंगा-मिरजान) पत्थर की बिक्री पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके लोग इसका अवैध कारोबार कर रहे हैं। कमाल की बात तो यह है कि ऑनलाइन भी कोरल पत्थर को बेचा जा रहा है। पीपल फॉर एथिकल ट्रीटमेंट टू ऐनिमल (पेटा) को इसका पता चला तो उन्होंने नामी ऑनलाइन कंपनी से कोरल पत्थर की बुकिंग करा दी। डिलीवरी देने आए ब्वॉय योगेश को रंगे हाथों दबोच लिया गया।
मंडावली थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद पत्थर असली हैं या नकली। कंपनी ने ओडिशा से पत्थर को सप्लाई किया था। दरअसल कोरल या मूंगा या मिरजान एक छोटा सा समुद्री जीव है। यह करोड़ों जीव साथ मिलकर एक मजबूत परत बनाकर उसके अंदर रहते हैं। समुद्र से निकालकर लोग इसकी तस्करी करते हैं।
पेटा के कार्यकर्ता गाजियाबाद निवासी गौरव गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उन्हें कोरल पत्थर की ऑनलाइन बिक्री की सूचना मिली थी। इसके बाद 15 अगस्त को संगठन के शशांक शर्मा ने अपने खाते से पांच पत्थर बुक कराए। डिलीवरी का पता बुद्ध मार्ग, मंडावली दिया गया। सोमवार को डिलीवरी ब्वॉय कोरल पत्थर लेकर वहां पहुंचा तो उसे पकड़ लिया। पार्सल को चेक किया तो उसमें कोरल पत्थर बरामद हुए।
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मंडावली थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद पत्थर असली हैं या नकली। कंपनी ने ओडिशा से पत्थर को सप्लाई किया था। दरअसल कोरल या मूंगा या मिरजान एक छोटा सा समुद्री जीव है। यह करोड़ों जीव साथ मिलकर एक मजबूत परत बनाकर उसके अंदर रहते हैं। समुद्र से निकालकर लोग इसकी तस्करी करते हैं।
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पेटा के कार्यकर्ता गाजियाबाद निवासी गौरव गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उन्हें कोरल पत्थर की ऑनलाइन बिक्री की सूचना मिली थी। इसके बाद 15 अगस्त को संगठन के शशांक शर्मा ने अपने खाते से पांच पत्थर बुक कराए। डिलीवरी का पता बुद्ध मार्ग, मंडावली दिया गया। सोमवार को डिलीवरी ब्वॉय कोरल पत्थर लेकर वहां पहुंचा तो उसे पकड़ लिया। पार्सल को चेक किया तो उसमें कोरल पत्थर बरामद हुए।
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