Delhi: बीमार पत्नी के लिए मांगी थी मनीष सिसोदिया ने 42 दिन की बेल, इस वजह से ली याचिका वापस; कोर्ट का भी आदेश
मनीष सिसोदिया ने पत्नी की बीमारी के संबंध में उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित अपनी अंतरिम जमानत याचिका वापस ले ली है। अदालत ने याचिका वापस लेने की अनुमति दी है।
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दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को पत्नी की बीमारी के संबंध में उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित अपनी अंतरिम जमानत याचिका वापस ले ली। सिसोदिया ने तर्क रखा कि उनकी नियमित जमानत याचिका के संबंध में आदेश सुरक्षित रखा गया है और उनकी पत्नी की बीमारी में सुधार है। सिसोदिया, जिन्हें फरवरी में 2021-22 की आबकारी नीति मामले में कथित अनियमितताओं को लेकर गिरफ्तार किया गया था। अपनी बीमार पत्नी की देखभाल के लिए छह सप्ताह की अंतरिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उसके खिलाफ मामलों की जांच कर रहे हैं।
मनीष सिसोदिया की पत्नी के स्वास्थ्य में हो रहा सुधार
न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा ने सिसोदिया की और से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मोहित माथुर ने कहा कि सिसोदिया की पत्नी की हालत में भी सुधार हुआ है। इसके अलावा नियमित जमानत पर फैसला सुरक्षित है। ऐसे मे अंतरिम जमानत याचिका वापस लेने की इजाजत दी जाए। अदातल ने उनके आग्रह को स्वीकार कर याचिका वापस लेने की अनुमति दी है।
सीबीआई की ओर से पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता ने सिसोदिया पर लगाए आरोप
सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता एसवी राजू ने याचिका वापसी पर आपत्ति जताते हुए इसे दुर्भावनापूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सिसोदिया के वकील तथ्यों को दबा रहे है। इस ओर ध्यान दिलाने के बाद वे अंतरिम जमानत याचिका वापस ले रहे हैं। ईडी ने अदालत को बताया कि जब सिसोदिया ने अपनी पत्नी के स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत के लिए आवेदन किया तब उनकी पत्नी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
सिसोदिया की याचिका का सीबीआई ने किया विरोध
अदालत ने कहा कि मुख्य जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा गया है और तथ्य यह है कि याचिकाकर्ता की पत्नी की हालत स्थिर है, वह वर्तमान अंतरिम जमानत आवेदन नहीं चाहते हैं। मल्टीपल स्केलेरोसिस से पीड़ित सिसोदिया की पत्नी की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीबीआई ने सिसोदिया की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि वह एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं। इसने सिसोदिया को कथित आबकारी नीति घोटाले का सरगना और सूत्रधार बताया। बुधवार को माथुर ने ईडी मामले में सिसोदिया की जमानत के लिए अपनी दलीलें जारी रखते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष के अनुमान और अनुमान से कोई मामला नहीं बनता है। बहस शुक्रवार को जारी रहेगी जब ईडी द्वारा अपनी दलीलें शुरू किए जाने की संभावना है।