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जनकपुरी में घरेलू सहायिकाओं ने दो घरों से नकदी और जेवरात उड़ाए
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नई दिल्ली। घरेलू सहायिकाओं ने दो घरों से हजारों रुपये और जेवरात की चोरी कर ली और फरार हो गईं। दोनों को प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए घर के मालिकों ने काम पर रखा था। घटना की जानकारी मिलने के बाद से प्लेसमेंट एजेंसी का मालिक भी फोन बंद कर फरार हो गया है। जनकपुरी थाना पुलिस मामला दर्ज कर घरेलू सहायिकाओं के साथ प्लेसमेंट एजेंसी के मालिक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
जनकपुरी बी ब्लॉक में रहने वाले गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने मार्च माह में सोनी इंटरप्राइजेज नाम के प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए एक घरेलू सहायिका को काम पर रखा था। एजेंसी के मालिक हंसराज ने इस एवज में उससे 35 हजार रुपये लिए। उसके यहां कविता कुमारी नाम की युवती काम कर रही थी। 2 जून की सुबह से कविता अचानक गायब हो गई। जांच करने पर पता चला कि वह घर में रखे करीब 40 हजार के जेवरात और 32 हजार रुपये भी साथ ले गई है। गुरप्रीत ने तुरंत प्लेसमेंट एजेंसी के मालिक को इस बात की जानकारी दी। उसने घरेलू सहायिका से मुलाकात कर नकदी और जेवरात वापस करने का आश्वासन दिया।
इसी बीच पुलिस को बी ब्लॉक जनकपुरी निवासी रमिंदर सिंह की भी शिकायत मिली। जिसमें उसने बताया कि वह अप्रैल माह में सोनी इंटरप्राइजेज नाम के प्लेसमेंट एजेंसी से लक्ष्मी नाम की घरेलू सहायिका को काम कर रखा था। 4 जून को लक्ष्मी घर से लापता हो गई। जांच करने पर पता चला कि वह घर से 25 हजार रुपये ले गई है। रमिंदर ने पुलिस को बताया कि प्लेसमेंट एजेंसी का मालिक हंसराज ने घरेलू सहायिका देने के एवज में उससे 35 हजार रुपये लिए थे। इसके अलावा उसने पिछले महीने लक्ष्मी के कहने पर एक बैंक खाते में दस हजार रुपये भी डाले थे। रमिंदर ने जब इसकी शिकायत हंसराज से की तो उसने रुपये वापस करने की बात कही, लेकिन उसके बाद से उसका फोन बंद है। पुलिस पीड़ितों की शिकायत पर दो अलग मामले दर्ज कर लिए हैं और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
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जनकपुरी बी ब्लॉक में रहने वाले गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने मार्च माह में सोनी इंटरप्राइजेज नाम के प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए एक घरेलू सहायिका को काम पर रखा था। एजेंसी के मालिक हंसराज ने इस एवज में उससे 35 हजार रुपये लिए। उसके यहां कविता कुमारी नाम की युवती काम कर रही थी। 2 जून की सुबह से कविता अचानक गायब हो गई। जांच करने पर पता चला कि वह घर में रखे करीब 40 हजार के जेवरात और 32 हजार रुपये भी साथ ले गई है। गुरप्रीत ने तुरंत प्लेसमेंट एजेंसी के मालिक को इस बात की जानकारी दी। उसने घरेलू सहायिका से मुलाकात कर नकदी और जेवरात वापस करने का आश्वासन दिया।
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इसी बीच पुलिस को बी ब्लॉक जनकपुरी निवासी रमिंदर सिंह की भी शिकायत मिली। जिसमें उसने बताया कि वह अप्रैल माह में सोनी इंटरप्राइजेज नाम के प्लेसमेंट एजेंसी से लक्ष्मी नाम की घरेलू सहायिका को काम कर रखा था। 4 जून को लक्ष्मी घर से लापता हो गई। जांच करने पर पता चला कि वह घर से 25 हजार रुपये ले गई है। रमिंदर ने पुलिस को बताया कि प्लेसमेंट एजेंसी का मालिक हंसराज ने घरेलू सहायिका देने के एवज में उससे 35 हजार रुपये लिए थे। इसके अलावा उसने पिछले महीने लक्ष्मी के कहने पर एक बैंक खाते में दस हजार रुपये भी डाले थे। रमिंदर ने जब इसकी शिकायत हंसराज से की तो उसने रुपये वापस करने की बात कही, लेकिन उसके बाद से उसका फोन बंद है। पुलिस पीड़ितों की शिकायत पर दो अलग मामले दर्ज कर लिए हैं और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
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