फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Long queue of samples for genome sequencing in delhi

दिल्ली में कोरोना : संक्रमण बढ़ा, लैब ओवरलोड, जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए सेंपल की कतार लंबी

Mon, 03 Jan 2022 05:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 03 Jan 2022 05:06 AM IST
सार

दिल्ली की चार लैब में चल रही जीनोम सीक्वेंसिंग, सभी जगह सीक्वेंसिंग सैंपल की वेटिंग बढ़ी। एनसीडीसी के अधिकारियों ने कहा- लैब की संख्या कम, आगामी दिनों में जांच हो सकती है प्रभावित।

विज्ञापन
Long queue of samples for genome sequencing in delhi
जीनोम सीक्वेंसिंग - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

कोरोना संक्रमण बढ़ते ही राजधानी की लैब ओवरलोड होती जा रही है। सैंपल की संख्या हर दिन तेजी से बढ़ी है। इससे जीनोम सीक्वेंसिंग कराने की सेंपल की लाइन लंबी हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते हैं तो सिस्टम पर बहुत दबाव पड़ेगा। इसका असर जीनोम सीक्वेंसिंग पर भी पड़ेगा।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, दिल्ली में अभी चार लैब में लोकनायक अस्पताल, आईएलबीएस, एनसीडीसी और आईजीआईबी में जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है। लोकनायक और आईएलबीएस को मिलाकर एक दिन में 300 से 400 सैंपल की सीक्वेंसिंग करने की क्षमता है। जबकि केंद्र सरकार की एनसीडीसी और आईजीआईबी लैब में प्रतिदिन एक हजार सैंपल की सीक्वेंसिंग करने की क्षमता मौजूद है। चूंकि यहां दिल्ली के अलावा दूसरे राज्यों से भी सैंपल आ रहे हैं। इसलिए इन सभी लैब में वेटिंग बढ़ने लगी है।
विज्ञापन


ओमिक्रॉन वैरिएंट को देखते हुए बीते 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रत्येक संक्रमित रोगी के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराने की घोषणा की थी। 20 से 28 दिसंबर तक एनसीडीसी और आईजीआईबी मिलकर दिल्ली के 556 सैंपल ही जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए पहुंचे हैं। इसी अवधि में आईएलबीएस 357 और लोकनायक अस्पताल में 133 सैंपल सीक्वेंसिंग के लिए पहुंचे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगर इन आंकड़ों के आधार पर कुल स्थिति देखें तो 20 से 28 दिसंबर के बीच 468 सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग हुई है। जबकि इस अवधि में 1093 लोग कोरोना संक्रमित मिले थे। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 20 से 30 दिसंबर के बीच राजधानी में 3420 सैंपल संक्रमित मिले। इस आधार पर देखें तो 13.68 फीसदी सैंपल की सीक्वेंसिंग अभी तक हो पाई है।

लोकनायक अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि जीनोम सीक्वेंसिंग एक जटिल और लंबे समय वाली वैज्ञानिक प्रक्रिया है। मरीज की नाक और गले से लिया गया सैंपल एक बर्फ से भरे बॉक्स में उनके यहां आता है और फिर उस सैंपल को एकत्रित करते हुए उनकी प्राथमिक जांच होती है। या यूं कहे कि इन्हें सीक्वेंसिंग के लिए तैयार किया जाता है। इसके बाद दो दिन तक सैंपल पर वैज्ञानिक प्रक्रिया होती है और फिर जाकर सीक्वेंसिंग यानी वायरस के आनुवांशिक परिवार से उसका मिलान होता है।

468 की सीक्वेंसिंग में 34 फीसदी ओमिक्रॉन
बीते 29 दिसंबर को हुई दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में रखी गई स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 21 से 28 दिसंबर के बीच दिल्ली में 468 सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग हुई थी। इस दौरान 34 में ओमिक्रॉन, 31 में डेल्टा और बाकी 30 फीसदी सैंपल में कोरोना वायरस के अन्य वैरिएंट मिलने की पुष्टि हुई थी।

लैब बढ़ाने पर कार्य करे राज्य सरकार
नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है। दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, हरियाणा इत्यादि राज्यों से भी सैंपल सीक्वेंसिंग के लिए आ रहे हैं। ऐसे में एक ही प्रदेश के तीन या चार हजार सैंपल की सीक्वेंसिंग एक दिन में नहीं हो सकती है। इसका बेहतर विकल्प यही है कि राज्य सरकार को अपने यहां लैब बढ़ाने पर अधिक ध्यान देना चाहिए। इस समय हालात काफी नियंत्रण में है। इसका सही इस्तेमाल बुनियादी ढ़ांचा के विकास में करना चाहिए। उन्होंने हर सैंपल की सीक्वेंसिंग कर पाने से साफ इंकार किया है।

100 से ज्यादा सैंपल की सीक्वेंसिंग क्षमता
21 दिसंबर को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि दिल्ली के पास चार लैब हैं और जीनोम सीक्वेंसिंग की पर्याप्त व्यवस्था है। इसलिए उनकी सरकार ने प्रत्येक संक्रमित रोगी के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराने का फैसला लिया है। उन्होंने यह भी बताया है कि दिल्ली सरकार की दो लैब में प्रतिदिन 100 से अधिक सैंपल की सीक्वेंसिंग करने की क्षमता है।


अभी दो सप्ताह पुराने सैंपल की चल रही सीक्वेंसिंग
चारों लैब से संपर्क करने के बाद पता चला है कि उनके यहां अभी दो सप्ताह पुराने सैंपल की सीक्वेंसिंग चल रही है। जबकि 28 से 31 दिसंबर के बीच जितने भी सैंपल संक्रमित मिले हैं उन्हें बर्फ से भरे बॉक्स में ही रखा गया है। यह सभी वेटिंग में हैं। एनसीडीसी ने बताया कि उनके यहां 556 सैंपल 28 दिसंबर तक आए हैं लेकिन उनमें से 263 की सीक्वेंसिंग हो पाई है। इसी तरह आईएलबीएस में 357 में से 125 और लोकनायक में 133 में से 80 सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग हुई है। यहां करीब 50 फीसदी पुराने सैंपल की सीक्वेंसिंग होना बाकी है।

क्या कहते हैं आंकड़े
21 से 28 दिसंबर के बीच दिल्ली में मिले कुल संक्रमित 1093
21 से 28 दिसंबर के बीच हुई कुल जीनोम सीक्वेंसिंग 468
20 से 30 दिसंबर के बीच मिले कुल संक्रमित 3420
दिल्ली में कुल ओमिक्रॉन के मामले 320, इनमें से 89 को मिली छुट्टी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed