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Hindi News ›   Delhi ›   Lithium ion batteries will be made mandatory after July 31 to replace led acid

Lithium Ion Battery: लिथियम बैटरी पर ई-रिक्शा और कार्ट को 31 जुलाई तक मोहलत

Sat, 21 May 2022 05:12 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 21 May 2022 05:12 AM IST
सार

ई-वाहनों के लिए लेड एसिड बैटरी की तुलना में लिथियम आयन बैटरी को चार्ज करने में एक तिहाई कम वक्त लगता है। वाहनों में इतनी ही जगह में लेड एसिड के बजाय नई तकनीक पर आधारित बैटरी का इस्तेमाल किया जाएगा।

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Lithium ion batteries will be made mandatory after July 31 to replace led acid
EV Battery - फोटो : For Reference Only

विस्तार

ई-रिक्शा और ई-कार्ट चालकों के लिए राहत भरी खबर है। अब लेड एसिड की जगह लिथियम आयन बैटरी को 31 जुलाई के बाद अनिवार्य किया जाएगा।

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वाहनों के परिचालन और रखरखाव से जुड़ी कंपनियों को इस तारीख तक सभी तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले 29 अप्रैल को जारी एक आदेश में तत्काल प्रभाव से ई-कार्ट और ई-रिक्शा के लिए लेड एसिड बैटरी के बजाय लिथियम आयन बैटरी को अनिवार्य कर दिया गया था। अब बीते शुक्रवार को परिवहन विभाग के संयुक्त आयुक्त की ओर से जारी एक आदेश में लिथियम आयन बैटरी की अनिवार्यता को 31 जुलाई तक तक के लिए स्थगित कर दिया है।
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ई-वाहनों के लिए लेड एसिड बैटरी की तुलना में लिथियम आयन बैटरी को चार्ज करने में एक तिहाई कम वक्त लगता है। वाहनों में इतनी ही जगह में लेड एसिड के बजाय नई तकनीक पर आधारित बैटरी का इस्तेमाल किया जाएगा। बेहतर चार्जिंग सहित कई और खूबियां होने की वजह से अधिकतर ई-वाहनों में लिथियम आयन बैटरी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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वाहन निर्माताओं को निर्देश दिया गया है कि अधिकृत जांच एजेंसियों में बैटरी की स्वीकृति के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि अलग-अलग मॉडलों के वाहनों में लिथियम आयन बैटरी के इस्तेमाल में किसी तरह की दिक्कत न आए।

आदेश में यह भी कहा गया है कि 31 जुलाई के बाद किसी भी लेड एसिड बैटरी का ई-कार्ट या ई-रिक्शा के लिए उपयोग नहीं किया जा सकेगा। इस तारीख के बाद किसी भी लेड एसिड बैटरी वाले ई-रिक्शा का पंजीकरण नहीं होगा। ई-रिक्शा या कार्ट चलाने वालों के पास अधिकृत लाइसेंस का होना अनिवार्य है। बगैर लाइसेंस किसी भी व्यक्ति को वाहन चलाने की इजाजत नहीं होगी।

चालकों को सताने लगी चिंता
परिवहन विभाग की ओर से सभी ई-रिक्शा और ई-कार्ट के लिए लिथियम आयन बैटरी को अनिवार्य करने के बाद से रिक्शा और कार्ट चालकों को भी चिंता सताने लगी कि अगर इसे लागू किया जाता है तो खर्च बढ़ सकता है।

ढाई गुना से अधिक महंगी
एक ई-रिक्शा में चार लेड एसिड बैटरी का इस्तेमाल होता है। 12-12 वोल्ट और 100 एंपीयर की चार बैटरियों के सेट की कीमत करीब 28000 होती है। लिथियम आयन बैटरी का कम इस्तेमाल होता है, क्योंकि इनकी कीमत ढाई गुना से अधिक होती है। एक लिथियम आयन बैटरी की कीमत करीब 75 हजार रुपये होती है, लेकिन ई-रिक्शा में एक ही लिथियम बैटरी की जरूरत है।

इसकी सर्विस आसान 
एक डीलर ने बताया कि लेड एसिड बैटरी का ही अधिक इस्तेमाल होता है, क्योंकि इसकी सर्विस भी आसानी से हो जाती है। बैटरी खराब होने पर भी 10-12 हजार रुपये मिलते हैं, जबकि लिथियम बैटरी को लौटाने पर 2000-2500 रुपये ही मिलते हैं। लिथियम बैटरी में चार्जिंग में कम वक्त लगता है और पीक अप भी बेहतर होता है।


लेड एसिड बैटरी 
खास बात यह है कि इसकी कीमत कम होती है। हालांकि, वजन ज्यादा होता है और जगह भी ज्यादा घेरती है। थोड़े-थोड़े समय पर सर्विस की जरूरत पड़ती है। अगर वाहन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो दो से ढाई साल ही चल पाती है। चार्ज होने में 6 से 7 घंटे का समय लग जाता है।

लिथियम आयन बैटरी 
यह वजन में हल्की होती है और चार्ज करने में 2 से 4 घंटे का समय लगता है। इसे सर्विस की जरूरत नहीं पड़ती है। इसका जीवन 4 से 5 साल का होता है। हालांकि, इसकी कीमत लेड एसिड बैटरी से काफी अधिक होती है। यदि किसी वाहन में यह लगी है तो उसकी कीमत बढ़ जाती है।

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