{"_id":"6a463de926ab8b233a0b84df","slug":"lieutenant-governor-sandhu-met-a-group-of-students-from-oman-urged-them-to-learn-from-failures-and-move-forwa-2026-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: ओमान के छात्रों के एक समूह से उपराज्यपाल संधू ने की मुलाकात, बोले- असफलताओं से सीखें और आगे बढ़ें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: ओमान के छात्रों के एक समूह से उपराज्यपाल संधू ने की मुलाकात, बोले- असफलताओं से सीखें और आगे बढ़ें
Thu, 02 Jul 2026 04:02 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Thu, 02 Jul 2026 04:02 PM IST
सार
दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टी.एस. संधू ने लोक निवास, दिल्ली में ओमान के प्रतिभाशाली युवा छात्रों के एक समूह से मुलाकात की, जिन्होंने आईआईटी गांधीनगर में विज्ञान भारती द्वारा आयोजित ‘शस्त्र प्रतिभा प्रतियोगिता’में विजेता बनने का गौरव हासिल हुआ।
विज्ञापन
उपराज्यपाल संधू ने छात्रों से की मुलाकात
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टी.एस. संधू ने लोक निवास, दिल्ली में ओमान के प्रतिभाशाली युवा छात्रों के एक समूह से मुलाकात की, जिन्होंने आईआईटी गांधीनगर में विज्ञान भारती द्वारा आयोजित ‘शस्त्र प्रतिभा प्रतियोगिता’में विजेता बनने का गौरव हासिल हुआ। इस मुलाकात के दौरान छात्रों की वैज्ञानिक जिज्ञासा, उनके जानने और सीखने पर चर्चा हुई। इस दौरान उपराज्यपाल ने कहा कि युवा पीढ़ी में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और विश्लेषणात्मक सोच को प्रोत्साहित करना अनुसंधान, नवाचार और भविष्य के लिए तैयार समाज की मजबूत नींव रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
विज्ञापन
'अपनी रुचि का अनुसरण करें'
युवा छात्रों से संवाद करते हुए उपराज्यपाल ने उन्हें सलाह दी कि वे अपने करियर का चयन अपनी आंतरिक रुचि और जुनून के अनुरूप करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को समाज की बाहरी अपेक्षाओं के दबाव में आने के बजाय वही कार्य चुनना चाहिए, जिससे उन्हें वास्तविक खुशी और संतुष्टि मिलती हो। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जिस भी क्षेत्र का वह चयन करें, उसमें उत्कृष्टता हासिल करना उनका प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए।
विज्ञापन
'निरंतर कौशल विकास पर ध्यान दें'
तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके साथ व्यावहारिक अनुकूलन क्षमता भी आवश्यक है। उन्होंने लगातार नए और प्रासंगिक कौशल सीखने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि युवा तेजी से बदलती दुनिया की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।
विज्ञापन
'असफलताओं से कभी न डरें'
युवा नवाचारकर्ताओं में दृढ़ता और आत्मविश्वास का संदेश देते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि असफलताओं को कभी भी डर या हार के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि उन्हें सीखने के महत्वपूर्ण अनुभव के रूप में स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि यही अनुभव व्यक्ति को अधिक मजबूत, समझदार और सक्षम बनाते हैं। उपराज्यपाल ने युवा नवाचारकर्ताओं को प्रेरित करने और उन्हें भारत की समृद्ध वैज्ञानिक विरासत से जोड़ने में विज्ञान भारती के समर्पित प्रयासों की सराहना की। संवाद के अंत में उन्होंने सभी विजेता छात्रों को उनके भविष्य के शैक्षणिक और वैज्ञानिक प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।