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एक माह बाद भी कॉलेजों में नहीं बढ़ रहे छात्र
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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज एक फरवरी से अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए खुल चुके हैं। हालांकि एक माह बाद भी कॉलेजों मेें छात्रों की संख्या कुछ खास नहीं बढ़ी है। दिल्ली-एनसीआर से ही 15-20 फीसदी छात्र पहुंच रहे हैं। कॉलेज प्रशासन छात्रों की संख्या नहीं बढ़ने का कारण हॉस्टल नहीं खुलना, पीजी के ऊंचे किराए को बता रहे हैं। कई कॉलेजों में तो 65 फीसदी छात्र बाहरी राज्यों के हैं। ऐसे छात्र ऑनलाइन पढ़ाई करना पसंद कर रहे हैं।
नॉर्थ कैंपस स्थित रामजस कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ मनोज खन्ना ने बताया कि कॉलेज खुलने के बाद उम्मीद थी कि छात्रों की संख्या बढ़ जाएगी। लेकिन एक माह बाद भी छात्रों की संख्या काफी कम है। विषयानुसार 10-12 छात्र ही कॉलेज पहुंच रहे हैं। वह कहते हैं कि यह बात समझ नहीं आ रही कि जब कॉलेज कोविड-19 के सभी सुरक्षा मानकों को पूरा कर रहे हैं तो छात्र क्यों नहीं आ रहे।
श्री अरबिंदो कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ विपिन कुमार अग्रवाल कहते हैं कि कॉलेज खुले हुए एक माह होने वाला है लेकिन छात्रों की संख्या काफी कम है। कक्षाओं में 8 से 10 छात्र ही पहुंच रहे हैं। उनके कॉलेज में लगभग 65 फीसदी छात्र बाहरी राज्यों से हैं। हॉस्टल खुले नहीं हैं और सस्ते पीजी का किराया भी 10-20 हजार के बीच हैै। ऐसे में छात्र अभी दिल्ली नहीं आना चाह रहे।
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उन्होंने कहा कि फिर छात्रों को पता है कि साइंस के प्रैक्टिकल कक्षाओं के लिए आना है, जिसकी ऑनलाइन कक्षाएं भी हो रही हैं। ऐसे में वह ऑनलाइन कक्षाएं लेना ही पसंद कर रहे हैं। कॉलेज ने सभी छात्रों के लिए इंटरेक्शन भी शुरू किया है लेकिन इसमें भी जो छात्र आ रहे हैं वह दिल्ली-एनसीआर के ही हैं।
कुछ कॉलेज हैं जहां छात्रों की संख्या बढ़ने भी लगी है। राजधानी कॉलेज में छात्रों की संख्या बढ़ रही है। प्रिंसिपल डॉ राजेश गिरी बताते हैं कि शुरुआत मेें छात्रों की संख्या कम थी लेकिन अब छात्र आने लगे हैं।
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नॉर्थ कैंपस स्थित रामजस कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ मनोज खन्ना ने बताया कि कॉलेज खुलने के बाद उम्मीद थी कि छात्रों की संख्या बढ़ जाएगी। लेकिन एक माह बाद भी छात्रों की संख्या काफी कम है। विषयानुसार 10-12 छात्र ही कॉलेज पहुंच रहे हैं। वह कहते हैं कि यह बात समझ नहीं आ रही कि जब कॉलेज कोविड-19 के सभी सुरक्षा मानकों को पूरा कर रहे हैं तो छात्र क्यों नहीं आ रहे।
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श्री अरबिंदो कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ विपिन कुमार अग्रवाल कहते हैं कि कॉलेज खुले हुए एक माह होने वाला है लेकिन छात्रों की संख्या काफी कम है। कक्षाओं में 8 से 10 छात्र ही पहुंच रहे हैं। उनके कॉलेज में लगभग 65 फीसदी छात्र बाहरी राज्यों से हैं। हॉस्टल खुले नहीं हैं और सस्ते पीजी का किराया भी 10-20 हजार के बीच हैै। ऐसे में छात्र अभी दिल्ली नहीं आना चाह रहे।
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उन्होंने कहा कि फिर छात्रों को पता है कि साइंस के प्रैक्टिकल कक्षाओं के लिए आना है, जिसकी ऑनलाइन कक्षाएं भी हो रही हैं। ऐसे में वह ऑनलाइन कक्षाएं लेना ही पसंद कर रहे हैं। कॉलेज ने सभी छात्रों के लिए इंटरेक्शन भी शुरू किया है लेकिन इसमें भी जो छात्र आ रहे हैं वह दिल्ली-एनसीआर के ही हैं।
कुछ कॉलेज हैं जहां छात्रों की संख्या बढ़ने भी लगी है। राजधानी कॉलेज में छात्रों की संख्या बढ़ रही है। प्रिंसिपल डॉ राजेश गिरी बताते हैं कि शुरुआत मेें छात्रों की संख्या कम थी लेकिन अब छात्र आने लगे हैं।