देश के नायकों की वीरगाथा बताएगा 'साझी बिरासत', अभी बढ़ने वाला है ये खजाना
चंडीगढ़ हाई कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस छोड़ एडवोकेट जगतार सिंह सिद्धू ने टीकरी बॉर्डर आकर किसानों के लिए सांझी बिरासत पुस्तकालय खोला है। उनका कहना है कि समय बिताने के लिए किताबों से बेहतर दोस्त कोई नहीं हो सकता। आंदोलन में आने वाले लोग सिख इतिहास की किताबें पढ़कर गुरुओं की कुर्बानियों को समझें और भारतीय साहित्य की दूसरी विधाओं का लुत्फ उठाएं इसलिए उन्होंने यह मुहिम शुरू की है।
बुधवार को पंडित श्रीराम शर्मा मेट्रो स्टेशन के ठीक नीचे स्थापित हुए सांझी बिरासत पुस्तकालय में अब तक हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी भाषा साहित्यिक, इतिहास, राजनीत, और महान हस्तियों की जीवनियों पर आधारित एक हजार से अधिक किताबें उपलब्ध हैं। पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला से विज्ञान विषय से पीएचडी कर रहे जसबीर सिंह भी यहां जगतार सिंह के साथ सहयोग कर रहे हैं। जगतार सिंह ने बताया कि लोगों ने इस काम में आर्थिक मदद भी की है।
जगतार सिंह लोगों को भारतीय कानून के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कानूनों, खासकर नए कृषि कानून की जानकारी भी दे रहे हैं। उनका मानना है कि किसान आंदोलन इन तीनों कृषि कानूनों को खत्म कराने का एक मात्र रास्ता है। इसमें सुप्रीम कोर्ट की भूमिका अहम है। संविधान का सबसे बड़ा संरक्षक होने के नाते चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट स्वत: संज्ञान लेकर इन कानूनों को रद्द कराए।
पुस्तक प्रेमियों के बीच बांट देंगे किताबें
जगतार सिंह ने बताया का आंदोलन समाप्त होने के बाद यह किताबें पुस्तक प्रेमियों के बीच बांट देंगे। बुधवार रात से ही वह पुस्तकालय तैयार करने में जुटे हैं। उन्होंने टेंट लगाकर उसके अंदर भव्य पुस्तकालय शुरू किया है। उन्होंने बताया कि अभी यहां पर और पुस्तकें भी आने वाली हैं।
गाजीपुर बॉर्डर: गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के लिए खुल गई लाइब्रेरी
गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के लिए शहीद भगत सिंह नाम की लाइब्रेरी खुल गई है। इस लाइब्रेरी में स्वतंत्रता सेनानियों से लेकर अन्य वीर पुरुषों की जीवनी से जुड़ी किताबों को शामिल किया गया है। यही वजह है कि इस लाइब्रेरी में भी किसान अपने जोश और जज्बे को बरकरार रखने के लिए वीर पुरुषों की कहानी पढ़ने के लिए पहुंच रहे हैं।
लाइब्रेरी के एक सदस्य ने बताया कि लाइब्रेरी को विशेष रूप से किसानों के लिए खोला गया है। हालांकि, कोई भी व्यक्ति यहां आकर किताब पढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि कुछ महंगी किताबों का रेट तय कर बिक्री के लिए भी रखा गया है। ऐसे में जो व्यक्ति किताबों को खरीदना चाहता है वह खरीद भी सकता है। किताबों को बैठकर पढ़ने के लिए टेंट में व्यवस्था भी की गई है।
लाइब्रेरी में किसानों के लिए शहीद भगत सिंह से लेकर भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की जीवनी पर लिखी किताबें रखी गई हैं। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और अन्य महान नायकों की किताबों के संग्रह को शामिल किया गया है। इसके अलावा कृषि कानून और कृषि उपज की गुणवत्ता बढ़ाने आदि विषयों पर भी विद्वानों द्वारा लिखी गई किताबें किसानों को लुभा रही हैं।
आने वाले दिन में बढ़ेगा दायरा
लाइब्रेरी से जुड़े सदस्य ने बताया कि आने वाले दिनों में लाइब्रेरी का दायरा और बढ़ेगा। इसके लिए अन्य विषयों की किताबों को शामिल किया जाएगा। वहीं, किसानों की रूचि के हिसाब से भी किताबों का स्टॉक आएगा। इसके लिए किसानों से उनकी रूचि भी पूछी जाएगी।