Kisan Andolan: कृषि मंत्री बोले- सरकार सभी मुद्दों पर बातचीत को तैयार, टिकैत का जवाब- कानून खत्म करें
देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ बैठे किसानों का आंदोलन 53वें दिन भी जारी है। केंद्र सरकार और किसानों के बीच कई दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही है। अब अगली बैठक 19 जनवरी को तय की गई है। किसान संगठन तीनों कानूनों को रद्द करने की मांगों पर अड़े हैं, मोदी सरकार पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। कड़ाके की ठंड में किसानों का आंदोलन जारी है। यहां पढ़ें किसान आंदोलन से जुड़ा हर अपडेट...
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विस्तार
भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान आंदोलन करने को लेकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है।
हम हर संभव तरीके से लड़ेंगे: दर्शन पाल
क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा कि एनआईए ने उन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज करने शुरू कर दिए हैं जो किसान आंदोलन का हिस्सा हैं या जिन्होंने इसका समर्थन किया है। सभी किसान संघ इसकी निंदा करते हैं। हम हर संभव तरीके से लड़ेंगे।
NIA has started to register cases against those who are a part of the farmers' movement or those who have lent their support to it. All farmers' unions condemn this. We will fight this in every possible way: Krantikari Kisan Union chief Darshan Pal pic.twitter.com/fU4GAbrvae
— ANI (@ANI) January 17, 2021विज्ञापन
गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर मार्च करेंगे किसान
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर किसान राष्ट्रीय ध्वज के साथ ट्रैक्टर मार्च करेंगे। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह में कोई व्यवधान नहीं आएगा।
Farmers will carry out tractor parade with national flag on Outer Ring Road of Delhi on Republic Day. No disruption will be caused to the official Republic Day ceremony: Yogendra Yadav, Swaraj India pic.twitter.com/MdITkge64y
— ANI (@ANI) January 17, 2021
कानून खत्म करना पड़ेगा: टिकैत
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि क्लॉज पर चर्चा वो करेगा जिसे कानून में संशोधन कराना हो, ये हमारा सवाल है ही नहीं। सरकार को ये तीनों कानून खत्म करने पड़ेंगे।
किसान 19 जनवरी को एक-एक क्लॉज पर चर्चा करें: तोमर
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कानूनों के क्रियान्वयन को रोक दिया है तो मैं समझता हूं कि जिद्द का सवाल ही खत्म होता है। हमारी अपेक्षा है कि किसान 19 जनवरी को एक-एक क्लॉज पर चर्चा करें और वो कानूनों को रद्द करने के अलावा क्या विकल्प चाहते हैं वो सरकार के सामने रखें।
किसान यूनियन टस से मस होने को तैयार नहीं है: कृषि मंत्री
कृषि मंत्री ने कहा कि किसान यूनियन टस से मस होने को तैयार नहीं है, उनकी लगातार ये कोशिश है कि कानूनों को रद्द किया जाए। भारत सरकार जब कोई कानून बनाती है तो वो पूरे देश के लिए होता है, इन कानूनों से देश के अधिकांश किसान, विद्वान, वैज्ञानिक, कृषि क्षेत्र में काम करने वाले लोग सहमत हैं।
हमने लगातार किसान यूनियन से आग्रह किया कि वो कानून के क्लॉज पर चर्चा करें: तोमर
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत सरकार ने किसान यूनियन के साथ एक बार नहीं 9 बार घंटों तक वार्ता की, हमने लगातार किसान यूनियन से आग्रह किया कि वो कानून के क्लॉज पर चर्चा करें और जहां आपत्ति है वो बताएं। सरकार उस पर विचार और संशोधन करने के लिए तैयार है।
ट्रैक्टर मार्च के लिए लुधियाना में चल रही तैयारियां
गणतंत्र दिवस के दिन राजधानी दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर मार्च के लिए लुधियाना में तैयारियां चल रही हैं। ट्रैक्टर मार्च में हिस्सा ले रहे एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि 24 जनवरी से पहले हमने एक लाख ट्रैक्टर पहुंचाने की ज़िम्मेदारी ली है, सब एकजुट होकर काम कर रहे हैं।
पंजाब: गणतंत्र दिवस के दिन राजधानी दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर मार्च के लिए लुधियाना में तैयारियां चल रही हैं।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 17, 2021
ट्रैक्टर मार्च में हिस्सा ले रहे एक प्रदर्शनकारी ने बताया, "24 जनवरी से पहले हमने एक लाख ट्रैक्टर पहुंचाने की ज़िम्मेदारी ली है, सब एकजुट होकर काम कर रहे हैं।" pic.twitter.com/9LuZwJh6yz
18 जनवरी को हम महिला किसान दिवस के रूप में मनाएंगे: मंदीप
मंदीप नथवान ने कहा कि 26 जनवरी को बड़ी संख्या में किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपना हक लेने के लिए दिल्ली आ रहा है। सरकार को भ्रम है कि हम इस आंदोलन को तोड़ देंगे लेकिन हम ये आंदोलन टूटने नहीं देंगे। 18 जनवरी को हम महिला किसान दिवस के रूप में मनाएंगे।
ऐसा प्रचार किया जा रहा है जैसे दिल्ली के साथ कोई युद्ध होने जा रहा हो: दीप नथवान
हरियाणा किसान संघर्ष समिति के सदस्य मंदीप नथवान ने कहा कि पूरी दुनिया की नजर 26 जनवरी के कार्यक्रम पर है। कुछ लोग सरकार की शह पर इस आंदोलन को उग्र करना चाहते हैं, हमारा ये आंदोलन नीतियों के खिलाफ है ना कि दिल्ली के खिलाफ। ऐसा प्रचार किया जा रहा है जैसे दिल्ली के साथ कोई युद्ध होने जा रहा हो।
26 जनवरी को बड़ी संख्या में किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपना हक लेने के लिए दिल्ली आ रहा है। सरकार को भ्रम है कि हम इस आंदोलन को तोड़ देंगे लेकिन हम ये आंदोलन टूटने नहीं देंगे। 18 जनवरी को हम महिला किसान दिवस के रूप में मनाएंगे: मंदीप नथवान, किसान संघर्ष समिति, हरियाणा https://t.co/9KJn4GKB5W
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 17, 2021
हम कोर्ट में नहीं गए और अभी भी जाने का सवाल नहीं: हन्नान
किसान यूनियन के सुप्रीम कोर्ट में निष्पक्ष लोगों की कमेटी गठित करने की याचिका पर अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने तो ऐसी बात सोची भी नहीं, न चर्चा की। हम कोर्ट में नहीं गए और अभी भी जाने का सवाल नहीं है।
सरकार हमें 'तारीख पे तारीख’ दे रही है: हन्नान
अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि करीब दो माह से हम ठंड के मौसम में मर रहे हैं और परेशान हो रहे हैं। सरकार हमें 'तारीख पे तारीख’ दे रही है। इस मामले को टालने की कोशिश कर रही है ताकि हम थक जाएं और जगह छोड़ दें। यह उनकी साजिश है।'
For almost two months, we are suffering and dying in cold weather. The government is giving us 'tarikh pe tarikh' and are dragging things so that we get tired and leave the place. This is their conspiracy: Hannan Mollah, General Secretary, All India Kisan Sabha #FarmLaws pic.twitter.com/NU88y5EOaV
— ANI (@ANI) January 17, 2021
आंदोलन को पंजाब और हरियाणा में बांटना चाहती है सरकार : राकेश टिकैत
यूपी गेट पर आंदोलन में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सरकार पर आंदोलन को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 15 तारीख की बैठक में मालूम हुआ कि सरकार इस आंदोलन को लंबा खींचकर पंजाब और हरियाणा में बांटना चाहती है। जिससे किसान आंदोलन पूरे देश को छोड़कर सिर्फ पंजाब तक सीमित रह जाए।
वहीं सरकार एमएसपी पर भी बात नहीं करती, वह तीन कानूनों में संशोधन कराना चाहती है, जबकि हम कानून वापसी से कम में मानने वाले नहीं। राकेश टिकैत ने कहा कि 19 की बैठक में फिर से तीनों कानूनों को रद्द करने और एमएसपी की गारंटी देने पर बात होगी। सरकार इस पर कैसे प्लान बनाए, इसके बारे में किसान उन्हें बताएगा। उन्होंने किसानों से लंबे आंदोलन की तैयारी करने की भी बात कही।