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दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र : केजरीवाल का आरोप- प्रधानमंत्री मोदी ने टलवाए नगर निगम चुनाव

Fri, 25 Mar 2022 06:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 25 Mar 2022 06:08 AM IST
सार

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सदन में भाजपा नेताओं पर साधा निशाना।

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Kejriwal's allegation- PM Modi postponed municipal elections
सदन में केजरीवाल... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली विधानसभा में बृहस्पतिवार को उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पास किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डॉ. भीमराव आंबेडकर, द कश्मीर फाइल्स फिल्म, नगर निगम के चुनाव टालने आदि मुद्दे उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं पर चौतरफा हमला बोला। उधर, भाजपा विधायकों ने भी दिल्ली सरकार के कामकाज में खामियां गिनाई।

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केजरीवाल ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में डा. भीमराव आंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीर लगाने के दिल्ली सरकार के निर्णय से भाजपा एवं कांग्रेस के नेता परेशान हैं। भाजपा तो बाबा साहब से नफरत करती है। बाबा साहब ने संविधान में चुनाव कराने का प्रावधान किया था और भाजपा चुनाव कराने के खिलाफ है। इस कड़ी में प्रधानमंत्री ने नगर निगम के चुनाव टलवाए। 
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उन्होंने दावा किया कि ऐसा दुनिया में कहीं भी नहीं होता कि एक प्रधानमंत्री सीधे चुनाव आयोग को फोन करके और एक पत्र भेजकर चुनाव टलवाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा की चल जाए तो वह हार के डर से विभिन्न बहाने बनाकर देश एवं राज्यों के भी चुनाव कराने बंद कर दे, जबकि भाजपाई अपनी पार्टी को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताते हैं। आम आदमी पार्टी तो दुनिया की सबसे छोटी पार्टी है। इसके बावजूद दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी एक छोटी पार्टी से डरकर भाग गई। उन्होंने भाजपाइयों को कायर कहते हुए चुनौती दी कि हिम्मत है तो चुनाव लड़ के दिखाओ।
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उपराज्यपाल का धन्यवाद किया
केजरीवाल ने कहा कि उपराज्यपाल को एक तरह से केंद्र सरकार नुमाइंदा माना जाता है। उन्होंने ने भी बुधवार को हमारी सरकार की तारीफ की। पांच साल के अंदर दिल्ली का जीडीपी 50 प्रतिशत बढ़ गया। देश में अभी तक किसी भी राज्य में इतनी जीडीपी नहीं बढ़ी। वह उपराज्यपाल शुक्रिया अदा करते हैं।

विधायकों को दिए गए आईपैड
दिल्ली विधानसभा को कागज रहित बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया गया है। बृहस्पतिवार को विधानसभा के 70 सदस्यों को विधायी कार्यवाही की जानकारी और दस्तावेज देने के लिए आईपैड वितरित किए गए। विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने सत्र के दौरान सभी सदस्यों को चालू बजट सत्र के दौरान दिल्ली सरकार के वित्त विभाग द्वारा प्रदान किए गए आईपैड को ले जाने का आग्रह किया। कहा कि दस्तावेज और सूचनाओं को ऑनलाइन प्राप्त करने के लिए पूरी तरह से कागज रहित प्रणाली लागू करना चाहते हैं। विधानसभा में वाई-फाई की सुविधा भी प्रदान की गई है। वित्तमंत्री जब सदन में बजट पेश करेंगे तो सभी दस्तावेज विधायकों के आईपैड पर उपलब्ध होंगे। विधायकों को डिजिटल रूप से काम करने में इससे बढ़ावा मिलेगा। आने वाले वक्त में विधायक सदन की कार्यवाही में वर्चुअल रूप से भी जरूरत पड़ने पर शामिल हो सकेंगे। 

विशेष उल्लेख में उठीं जनसमस्याएं
दिल्ली विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन विशेष उल्लेख के दौरान भाजपा विधायक अजय महावर ने आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं को नियमित करने की मांग रखी। सदन को बताया कि उन्हें न्यूनतम से भी कम वेतन भत्ते मिल रहे हैं, जबकि इन लोगों ने कोविड महामारी में दिल्लीवासियों की बहुत सेवा की है।  इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने उन सदस्यों को नसीहत दी जो सदन के बाहर लॉन में बैठने चले गए थे। कहा कि सदन की कार्यवाही बहुत कम दिनों की है। विधायक लॉन में जाकर बैठ जाते हैं। विशेष उल्लेख के दौरान भाजपा विधायक ओमप्रकाश शर्मा ने अतिथि शिक्षकों के वेतन भत्तों में वृद्धि नहीं किए जाने का मामला उठाया। साथ ही, कहा कि वोकेशनल ट्रेनर्स का भी वेतन बढ़ाए जाए और मानदेय सरकारी नियमों के अनुरूप मिले। आप विधायक जयभगवान ने महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में डॉक्टरों के उपकरणों की कमी का उल्लेख करते हुए सदन को बताया कि यह अस्पताल सिर्फ प्राथमिक उपचार केंद्र बनकर रह गया है। भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता ने सदन को बताया कि वृद्धावस्था पेंशन लंबे समय से बंद है। आप विधायक भावना गौर ने पूरी दिल्ली में विशेष तौर पर अनधिकृत कॉलोनियों में बहु मंजिला निर्माण की ओर सदन का ध्यान आकर्षित किया। आप विधायक मुकेश अहलावत ने अधिकारियों पर समय पर जवाब नहीं देने का आरोप लगाया। कहा कि ऐसा एक पोर्टल बनाया जाए जहां विधायक अपने पत्रों की ट्रैकिंग खुद कर सकें। 

...दिल्ली सरकार हर मोर्चे पर विफल
नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली सरकार इस साल बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर नतीजों के लिए अपनी पीठ थपथपा रही है, जबकि कोरोना के कारण दो साल से तो स्कूल ही नहीं खुले और परीक्षाएं ही नहीं हुईं। सरकार 12 हजार कमरों को अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही है, लेकिन स्कूलों के इन कमरों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों की भारी कमी है। सरकार के 745 स्कूलों में प्रधानाचार्य और 418 स्कूलों में उपप्रधानाचार्य नहीं हैं। इसके अलावा साढ़े 24 हजार शिक्षकों के पद खाली हैं। स्कूलों में 22 हजार अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे हैं, लेकिन उनमें से एक को भी पक्का नहीं किया गया। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, वोकेशनल ट्रेनर और अलग-अलग विभागों में काम कर रहे करीब डेढ़ लाख अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित करने का सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया। बुजुर्गों और बेसहारा महिलाओं को पेंशन के फार्म वर्षों से नहीं मिल रहे और वे मारे-मारे फिर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी दो दिन पहले ही आए सर्वे में 17 देशों के 6475 शहरों में दिल्ली विश्व की सबसे प्रदूषित राजधानी करार दी गई। 

राखी बिरला और भाजपाइयों में नोकझोंक
दिल्ली विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान उपाध्यक्ष राखी बिरला एवं भाजपा विधायकों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। इस दौरान राखी बिरला ने भाजपा विधायकों को नसीहत दी वे प्रश्नकाल से संबंधित नियम बढ़कर आया करें। उनके इस कथन का भाजपा विधायकों ने कड़ा विरोध किया। भाजपा विधायक अजय महावर के प्रश्न का राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इस मसले पर अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने निर्देश किए वे 28 मार्च को इस प्रश्न पर स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके बाद अजय महावर बैठ गए, लेकिन भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट, ओमप्रकाश शर्मा, विजेंद्र गुप्ता आदि ने कैलाश गहलोत को घेरना शुरू कर दिया। तभी राखी बिरला ने भाजपा विधायकों को नसीहत देनी शुरू कर दी और उन्होंने मंत्रियों को घेरने का आरोप लगाया। उधर, भाजपा विधायक भी उनसे भिड़ गए। इस बीच रामनिवास गोयल ने कहा कि इस प्रश्न के संबंध में वह निर्देश दे चुके हैं। 

...तो क्या पीएम ने आठ साल में कोई काम ही नहीं किया है

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता फिल्म के पोस्टर लगा रहे हैं। भाजपा को इसका प्रमोशन बंद करना चाहिए, क्योंकि कुछ लोग इस फिल्म के नाम पर करोड़ों कमा रहे हैं। प्रधानमंत्री को फिल्म डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री के चरणों में शरण लेनी पड़ रही है। इसका मतलब है कि आठ साल में प्रधानमंत्री ने कोई काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म टैक्स फ्री करने की मांग क्यों हो रही है? इसे यू-ट्यूब पर अपलोड कर देना चाहिए, ताकी सभी लोग इसे आसानी से देख सकें। उन्होंने भाजपाइयों से सवाल करते हुए कहा कि हिटलर भी कम से कम अपने चमचों को नौकरी देता था।

क्या प्रधानमंत्री ने पीड़ितों के बच्चों को नौकरी, बिजली और दवाई दी? दिल्ली में सिर्फ अरविंद केजरीवाल काम आया। वह दिल्ली के सभी निवासियों के साथ भाजपाइयों को भी सुविधा दे रहे हैं। केजरीवाल ने चुटकी लेते हुए कहा कि सारे भाजपा वाले आप में शामिल हो जाएं। उनसे कोई भी ऐसा-वैसा काम नहीं कराया जाएगा। केजरीवाल ने कहा कि पहले भाजपा वाले कृषि कानूनों पर जोर मचाते थे, लेकिन कृषि कानूनों के मामले में केंद्र सरकार के बैकफुट पर आने के बाद वह चुप हो गए और शराब की दुकानों का शोर करने लग गए, मगर अब वे शराब पर शोर नहीं करते हैं, क्योंकि ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म आ गई है और उसके पोस्टर लगाने शुरू कर दिए। भाजपा ने अपने नेताओं का क्या हाल बना दिया। ये इसलिए थोड़े राजनीति में आए थे। घर जाकर अपने बच्चों को क्या जवाब दोगे, जब बच्चे पूछेंगे कि पापा क्या काम करते हो? तो यही बताओ कि पिक्चरों के पोस्टर लगाते हैं।

तिरंगे पर रार, आपस में भिड़ा पक्ष-विपक्ष

विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में तिरंगे को लेकर हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती ने आरोप लगाया कि मालवीय नगर में भाजपा के एक पार्षद ने तिरंगा नहीं लगाने दिया। इस पर सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष की कहासुनी शुरू हो गई। इस दौरान दोनों पक्ष वेल में आ गए। विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने दोनों पक्षों को शांत करने की नाकाम कोशिश की। इसके बाद उन्होंने भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता और जितेंद्र महाजन को मार्शल से बाहर करा दिया। साथ ही, महाजन को पूरे दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया।

सोमनाथ भारती ने सदन को बताया कि मालवीय नगर में वह एक स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने के लिए गए थे। इस दौरान भाजपा के एक पार्षद ने उनसे कहा कि नियत जगह पर आरएसएस की शाखा लगती है, इसलिए झंडा नहीं लग सकता। संघ का नाम आते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा विधायकों के खिलाफ कार्यवाही की, जिसे विपक्ष ने एकतरफा बताया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सोमनाथ भारती ने जो भी लिखकर दिया है, वही सदन में बोल रहे हैं। इसमें कोई संदेह हो तो उसे विपक्ष चुनौती दे सकता है।

भारी हंगामे के बीच उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी भाजपा पर हमलावर दिखे। पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए सिसोदिया ने कहा कि तिरंगा देश के स्वाभिमान, आन-बान और शान से जुड़ा हुआ है। देशभक्ति के लिए तिरंगे लगा रहे हैं। कोई पार्षद अगर मना कर रहा है तो इससे बड़ी शर्मनाक बात कुछ नहीं हो सकती। बीच में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी इस मुद्दे पर सदन में बात रखने की कोशिश की, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई। बिना माइक ऑन किए बिधूड़ी ने कहा कि देश-दुनिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झंडे का मान बढ़ाया है और यहां गलत बयानी हो रही है।

उधर, सिसोदिया ने अपनी बात जारी रखी। उन्होंने कहा कि भाजपा तिरंगा लगाने का विरोध कर रही है। उनकी पार्टी के लोग जान दे देंगे, लेकिन तिरंगा लहराएंगे। आजादी के 75वें वर्ष में पूरी दिल्ली में 500 तिरंगा लहराएंगे। तिरंगा वहीं लगेगा, जहां पर तय हुआ है। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि भाजपा तिरंगे के खिलाफ है। तिरंगे को लगाने से मना करने से बड़ा कोई देशद्रोह नहीं हो सकता है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस देश में लोगों को तिरंगा लगाने पर दिक्कत हो रही है। भाजपा को इस पर देश से माफी मांगनी चाहिए।

आरएसएस हाय-हाय और टुकड़े-टुकड़े गैंग के नारे लगे
तिरंगे पर रार के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नारेबाजी हुई। सत्ता पक्ष के विधायकों ने आरएसएस हाय-हाय के नारे लगाए, जबकि भाजपा के विधायकों ने टुकड़े-टुकड़े गैंग की बात करते हुए आप के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे सदन में हंगामा हो गया और विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने हंगामे को शांत करने के लिए भाजपा के विधायक विजेंद्र गुप्ता और जितेंद्र महाजन को सदन से निकालने का निर्णय लेना पड़ा। सदन से बाहर निकाले जाने के बाद विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आप एक ऐसी पार्टी है जो ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग के साथ खड़ी है। यह पार्टी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके शहरी नक्सलियों की मानसिकता को प्रदर्शित करती है। यह एक ऐसी पार्टी है जो राजनीतिक सत्ता का दावा करने के लिए खालिस्तानी अलगाववादियों के दरवाजे खटखटाती है। इस पार्टी ने भारतीय सेना के जवानों की ओर से की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर उंगलियां उठाई थीं।

डीपीसीआई एक्ट 2007 में संशोधन का मुद्दा उठा

आम आदमी पार्टी (आप) के करोल बाग विधायक विशेष रवि ने विधानसभा में बृहस्पतिवार को प्रोफेशनल कॉलेजेज व इंस्टीट्यूट (डीपीसीआई) एक्ट 2007 में संशोधन करने की मांग उठाई। उन्होंने सदन को बताया कि कई ऐसे उदाहरण हैं, जहां योग्य छात्र इस अधिनियम की वर्तमान संरचना के कारण दिल्ली के होने के बावजूद उनका लाभ नहीं उठा पाए हैं। विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने इस मामले को विधानसभा की शिक्षा समिति को भेज दिया है। अध्यक्ष ने इस पर विचार-विमर्श करने के लिए कहा है।

सदन को यह भी बताया कि इस अधिनियम की वर्तमान परिभाषा के मुताबिक जिस छात्र ने दिल्ली के स्कूल-कॉलेज से योग्यता परीक्षा पास की हो, केवल वो ही इस अधिनियम के दायरे में आते हैं। इस संदर्भ में यह सुझाव दिया है कि इस परिभाषा को बदला जाए, जिससे दिल्ली के निवासी इसके दायरे में आ जाएं।

विधायक ने कहा कि यह तभी संभव है जब दिल्ली सरकार इस अधिनियम के अनुभाग 2 (एफ) में ‘संस्थान व आवासीय’ के तहत संशोधन करें। इस अधिनियम में संशोधन होने से अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों को भी भारी लाभ होगा। संविधान में दिए आरक्षण का भी बेहतर लाभ उठा पाएंगे। वर्तमान अधिनियम के हिसाब से उन्हें दाखिला लेने के लिए 15 फीसदी सीटों में से ही संघर्ष करना पड़ता है, जिसमें पहले ही पूरे भारत से छात्र आवेदन करते हैं। इस संशोधन में दिल्ली के मूल निवासी होने के प्रमाण का जिक्र किया जाए।

दिल्ली सरकार व दिल्ली नगर निगम द्वारा दिया गया जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, डोमेसाइल या दिल्ली का 5 साल का निवास प्रमाण पत्र देकर इसका लाभ उठाया जा सके। कृष्णा नगर से आप विधायक के बग्गा ने अपने विधानसभा में झूल रही तारों और टूटे हुए खंभों का हवाला देते हुए कहा कि इससे कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है।

राजधानी के सरकारी दफ्तरों में लगनी शुरू हुईं आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें

दिल्ली सरकार के निर्णय के तहत बृहस्पतिवार से सरकारी कार्यालयों में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीर लगाने की शुरुआत हो गई है। दिल्ली सरकार ने विधानसभा में मंत्रियों के कार्यालयों समेत सभी कक्षों में इन महापुरुषों की तस्वीर लगानी शुरू की है।

दिल्ली सरकार के अनुसार, अगले दिनों के दौरान दिल्ली सचिवालय समेत समस्त स्थानों पर सरकारी कार्यालयों में महापुरुषों की तस्वीर लगा दी जाएंगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को विधानसभा में जानकारी दी थी कि पंजाब में आप सरकार की तरह दिल्ली की आप सरकार ने भी सरकारी कार्यालयों में मुख्यमंत्री के बजाय बाबा साहब और शहीद भगत सिंह की तस्वीर लगाने का निर्णय लिया है।

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