Kanjhawala Case : सहेली समय से बता देती तो जिंदा होती अंजलि, आरोपी और युवती में नहीं था कोई संबंध
आरोपियों को पता था कि उन्होंने स्कूटी सवार अंजलि को टक्कर मारी थी। उन्हें यह भी पता था कि कार में युवती फंसी थी और उसे गिराने के लिए जानबूझकर दो बार यू-टर्न लिया और उसके गिरते ही फरार हो गए। अंजलि को 13 किमी तक घसीटने वाले आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया है।
विस्तार
पूरे देश को झकझोर देने वाली सुल्तानपुरी हादसे में रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब मोबाइल कॉल डिटेल से पता लगा है कि आरोपियों व अंजलि और उसकी सहेली का आपस में कोई संबंध नहीं था। सीसीटीवी फुटेज में होटल से सहेली के साथ निकलती दिखी सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि हादसे से कुछ देर पहले अंजलि की सहेली भी उसके साथ मौजूद थी। दोनों रात करीब 1:31 बजे रोहिणी के सेक्टर-23 के एक होटल से एक साथ निकलती दिख रही हैं।
शुरुआत में सहेली स्कूटी चलाकर ले जाती दिखती है। बाद में अंजलि अपनी सहेली को उसके घर के पास छोड़ने जाती दिख रही है। इसके चंद मिनटों बाद वह हादसे का शिकार हो गई।
साथ थी सहेली, हादसे के बाद भाग गई थी घर
विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) सागर प्रीत हुड्डा ने बताया, सुल्तानपुरी की घटना में एक नया तथ्य सामने आया है, जिसके अनुसार घटना के वक्त युवती के साथ उसकी सहेली भी थी। हादसे के बाद लड़की डर के मारे भाग गई थी। उसका बयान सीआरपीसी 164 के तहत दर्ज हो रहा है।
होटल में हुआ था झगड़ा : मैनेजर
होटल मैनेजर ने बताया कि अंजलि व उसकी दोस्त निधि का होटल में झगड़ा हुआ था। उसके बाद दोनों स्कूटी पर निकली थी। पुलिस के अनुसार उन्होंने कुछ लड़कों को हिरासत में लिया, जो उन लड़कियों से बात करते दिखे थे।
नहीं हुआ था दुष्कर्म, ज्यादा खून बहने से मौत
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से पुलिस ने दावा किया कि अंजलि के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था। उसकी मौत घिसटने की वजह से आई चोटों और अत्यधिक खून बहने से हुई।
सहेली समय से बता देती तो युवती जिंदा होती
बाहरी जिला पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतका की सहेली अगर समय रहते ही कदम उठा लेती तो शायद युवती जिंदा होती। सहेली को पता था कि मृतका कार के नीचे गिर गई है। ऐसे में सहेली ने कुछ क्यों नहीं किया। इस पर सवाल खड़े होते हैं।
- सहेली ने मौके पर होते हुए कुछ क्यों नहीं किया। उसने कार सवार युवकों को बताकर कार को रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया।
- आरोपियों की कार मौके पर कुछ सेकेंड रही थी। जब आरोपी कार को लेकर भागने लगे तो उसने पुलिस को कॉल क्यों नहीं की।
- सहेली ने स्कूटी से आरोपियों का पीछा क्यों नहीं किया। सहेली की कोई और मंशा तो नहीं थी। होटल में मृतका व सहेली का झगड़ा किस बात पर हुआ था।
ध्वस्त हो गई है पुलिस की प्रतिक्रिया प्रणाली : किरण बेदी
पूर्व आईपीएस अफसर किरण बेदी ने कंझावाला कांड मामले में मंगलवार को कहा, मुझे लगता है कि पुलिस प्रतिक्रिया प्रणाली ध्वस्त हो गई है। पहले पुलिस कंट्रोल रूम वैन होती थी। उसमें मोबाइल पुलिस फोर्स रहती थी। पूरी दिल्ली में सैकड़ों की संख्या में पुलिस वैन होती थी। यह एक बहुत अच्छी तरह से स्थापित प्रणाली थी, जिसे संबंधित पुलिस आयुक्तों द्वारा वर्षों में विकसित किया गया था। कभी-कभी, मुझे समझ नहीं आता कि कब और क्यों सिस्टम को खत्म कर दिया गया।
मैं दिल्ली पुलिस को बहुत अच्छा मानता हूं पर इस मामले में लापरवाही हुई : चंद्रशेखर
भीम आर्मी के संस्थापक व आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद मंगलवार दोपहर मृतका के परिवार से मिलने के लिए किरण विहार पहुंचे, जहां उन्होंने मृतका की मां से मुलाकात की। करीब आधे घंटे की मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने चाहिए। मैं दिल्ली पुलिस को बहुत अच्छा मानता हूं, लेकिन इस मामले में लापरवाही हुई है। अगर 31 दिसंबर की रात में भी सुरक्षा नहीं होगी तो आखिर सुरक्षा कब होगी।
पुलिस ने हल्की धाराओं में मामले को दर्ज किया है। हम परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मैं पीड़ित परिवार से मिलकर आया हूं। यह हमारा परिवार है। वह इस हालत में नहीं है कि वह आगे कुछ कर पाएगा। मेरी उनकी मां से बात हुई है, जिनको दोनों किडनी की समस्या है। ऐसे हालात में जब वह खुद ही जीवन और मौत से संघर्ष कर रही हैं और बेटी के लिए इंसाफ मांग रही हैं। परिवार अपनी बेटी के अंतिम संस्कार से पहले उसके शव को किरण विहार स्थित घर लाना चाहता था, क्योंकि बेटी ने अपनी कमाई से घर का निर्माण करवाया था। इस बात को लेकर पुलिस से उनका कुछ मनमुटाव था।
दिल्ली सरकार परिवार को 10 लाख का मुआवजा देगी
सुल्तानपुरी मामले में पीड़ित परिजनों को दिल्ली सरकार 10 लाख रुपये का मुआवजा देगी। साथ ही मां का बेहतर इलाज करवाएगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मृतका की मां से फोन पर बात कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। बातचीत के बाद मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि मृतका की मां से बात हुई। उन्होंने वादा किया कि वह बेटी को न्याय दिलवाएंगे। बड़े से बड़ा वकील खड़ा करेंगे। उनकी मां बीमार रहती हैं। उनका पूरा इलाज करवाएंगे। पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये का मुआवजा देंगे। सरकार परिवार के साथ है। भविष्य में भी कोई जरूरत हुई तो हम पूरा करेंगे। ब्यूरो
कार से पहले ट्रक से टकराने से बची थी स्कूटी
सुल्तानपुरी मामले में मृतका की सहेली ने पुलिस को दिए बयान में बड़ा खुलासा किया है। उसने बताया है कि कार से टकराने से पहले उनकी स्कूटी ट्रक से टकराते टकराते बची थी। उसने दावा किया कि घटना के समय मृतका ने काफी शराब पी रखी थी। वह होश में नहीं थी। घर आने के दौरान वह स्कूटी चला रही थी। उसने बताया कि ट्रक से टकराने के दौरान किसी तरह से हादसे को टाल दिया था।
सहेली की मानें तो घटना के समय कार सामने से आ रही थी और सामने से टक्कर होने के बाद मृतका कार के नीचे फंस गई। उसे चोट नहीं लगी थी। कार पर काला शीशा चढ़ा हुआ था। वह कार के अंदर कुछ देख नहीं पाई। अपने बयान में उसने दावा किया कि कार में कोई संगीत नहीं बज रहा था। आरोपियों को पूरी जानकारी थी कि उनकी गाड़ी के नीचे एक लड़की फंस गई है। उसने बताया कि कार चालक ने जानबूझकर स्कूटी में टक्कर मारी थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उसने बताया कि घटना के बाद वह काफी डर गई थी और उसे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करे। उसे इस बात का डर था कि इस मामले में वह फंस न जाए। इस डर से वह अपनी सहेली की मदद नहीं कर पाई। उस समय उसे ठीक लगा कि वह अपने घर चली जाए। घर पहुंचने के बाद उसने अपनी नानी और मां को घटना के बारे में बताया था। गाड़ी में बैठे आरोपियों ने जान बूझकर उसकी सहेली को इतने किलोमीटर तक घसीटा।
उसने बताया कि मृतका से 15 दिन पहले ही उसकी दोस्ती हुई थी। मेलजोल बढ़ने पर उसने 31 दिसंबर की रात उसके साथ पार्टी में जाने का फैसला किया था। उस पार्टी में आने वाले लोगों में सिर्फ मृतका को पहचानती थी। पार्टी के दौरान मृतका की अपने पुरुष मित्र के साथ किसी बात पर लड़ाई हो गई थी, उससे नाराज होने के बाद उसने तुरंत वहां से घर निकलने का फैसला किया था।
कॉल रिकाॅर्ड से अंजलि की सहेली तक पहुंची पुलिस
बाहरी जिला पुलिस अंजलि की सहेली के पास उसके मोबाइल की कॉल रिकाॅर्ड व लोकेशन से पहुंची थी। पुलिस ने कॉल डिटेल निकलवाई, तो उसके मोबाइल पर सहेली की सात बजे के पास कॉल थी। पुलिस मृतका की लोकेशन के आधार पर ओयो होटल कमल के पास पहुंची। वहां पुलिस को चार ओयो होटलों के अलावा कुछ नहीं मिला। यहां पर कोई ईवेंट कार्यक्रम नहीं मिला। पुलिस ने होटलों के रजिस्टरों को खंगालना शुरू किया।
बाहरी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने जब तीसरे ओयो होटल कमल के मेहमानों के प्रवेश वाला रजिस्टर खंगाला तो उसमें इंट्री मिली। इस होटल में मृतक युवती व उसकी सहेली के नाम कमरा बुक था। यहां से मृतका की सहेली का मोबाइल नंबर मिला। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। इसके बाद पुलिस मृतका की सहेली के घर पहुंच गई। ओयो होटल से सहेली का घर करीब ढाई किमी था। सिर्फ 15 मिनट का रास्ता था। युवती किसी ईवेंट कार्यक्रम में नहीं गई थी। पुलिस ने ओयो होटल में आए पांच-सात युवकों से भी पूछताछ कर ली है।
दूसरी तरफ मृतका की सहेली ने ये भी कहा है कि टक्कर लगने के बाद उसकी सहेली कार के नीचे गिर गई और दूसरी तरफ गिर गई। आरोपियों ने कार को तीन से चार बार आगे-पीछे किया था और युवती को रौंद दिया। इससे युवती कार में फंस गई थी। सहेली का कहना है कि वह सड़क दुर्घटना के बाद सदमे में आ गई थी और अपने घर चली गई।