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Kanjhawala case : गृह मंत्रालय को सौंपी गई दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट पर उठे सवाल, विभाग की कई खामियों का जिक्र

Sun, 15 Jan 2023 03:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 15 Jan 2023 03:40 AM IST
सार

दिल्ली पुलिस की ओर से कंझावला कांड मामले में गृहमंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट पर सवाल उठने लगे हैं। कहा जा रहा है कि रिपोर्ट तैयार करने वाली कमेटी ने सिर्फ सिपाही से लेकर सब-इंस्पेक्टर (एसआई) के ही बयान दर्ज किए हैं। कमेटी ने इंस्पेक्टर व उससे ऊपर के वरिष्ठ अधिकारी के बयान दर्ज नहीं किए। ऐसे में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी कैसे तय होगी। 

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Kanjhawala case: Questions on Delhi Police report submitted to Home Ministry
demo pic... - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

दिल्ली पुलिस की ओर से कंझावला कांड मामले में गृहमंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट पर सवाल उठने लगे हैं। कहा जा रहा है कि रिपोर्ट तैयार करने वाली कमेटी ने सिर्फ सिपाही से लेकर सब-इंस्पेक्टर (एसआई) के ही बयान दर्ज किए हैं। कमेटी ने इंस्पेक्टर व उससे ऊपर के वरिष्ठ अधिकारी के बयान दर्ज नहीं किए। ऐसे में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी कैसे तय होगी। 

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दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ही इस रिपोर्ट पर सवाल उठा रहे हैं। रिपोर्ट के आधार पर गृहमंत्रालय के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने नीचे स्तर के 11 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की है। गृहमंत्रालय के आदेश पर दिल्ली पुलिस की विशेष पुलिस आयुक्त शालिनी सिंह की देखरेख में दो डीसीपी के नेतृत्व में बनी कमेटी ने ये रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस में मौजूद बहुत सारी खामियों को उठाया है। रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के पीसीआर सिस्टम का रिव्यू करने की बात कही गई है।
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गृहमंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में कहा गया है कि जिला पुलिस व थाना पुलिस में आपस में समन्वय देखने को न तो मिलता है और न ही है। सबसे बड़ी बात ये है कि पीसीआर कॉल जाने पर थाने की पीसीआर पड़ोसी थाने के इलाके में काॅल नहीं जाती हैं। किसी भी थाने की पीसीआर दूसरे थाने की कॉल अटेंड नहीं करती हैं। ऐसे ही कंझावला कांड में देखने को आया था। 13 किलोमीटर के रूट पर तैनात दो पीसीआर ने कॉल पर जाने से मना कर दिया था। इस वैन पीसीआर वैन में तैनात पुलिसकर्मियों ने हवाला दिया था कि इलाका उनके थाने का नहीं है। 
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ऐसे में पीसीआर सिस्टम भी सवाल खड़े होते हैं। पूर्व पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने पीसीआर यूनिट को खत्म कर पीसीआर वैन को थाने के अंदर दे दिया था। इसके बाद कॉल आने पर इलाका किसका है, इसको लेकर झगड़ा शुरू हो गया है। पुराने सिस्टम में कॉल मिलने पर पीसीआर तुरंत कॉल पर जाती थी। इस रिपोर्ट में पीसीआर सिस्टम का रिव्यू करने को कहा है।


रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि बाहरी जिले में पीसीआर कम हैं। इनकी संख्या बढ़ाई जाए। बाहरी जिले में नई पीसीआर बढ़ाने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट में पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरें बढ़ाने के लिए सिफारिश की गई है। इसके अलावा लोगों में सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की जरुरत बताई गई है। लोगों में सामाजिक जागरूकता बिल्कुल नहीं है। दिल्ली पुलिस ने रिपोर्ट पर गृहमंत्रालय के आदेश के बाद 11 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

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