बसों की खरीद मामला: कैलाश गहलोत ने विजेंद्र गुप्ता के खिलाफ दायर किया मानहानि मुकदमा, मांगा पांच करोड़ का मुआवजा
गुप्ता ने गहलोत पर 1000 लो फ्लोर बसों की खरीद के साथ-साथ लो फ्लोर बसों के रखरखाव के लिए भ्रष्टाचार और घोटाले का आरोप लगाया गया था। याची ने कहा बिना किसी तथ्य की पुष्टि किए बिना विजेंद्र गुप्ता ने जानबूझकर और द्वेष की भावना से उनको भ्रष्ट और खुली लूट में शामिल कहा है।
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लो फ्लोर बसों की खरीद मामले में घोटाले का आरोप लगाने पर परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता के खिलाफ मानहानि मुकदमा दायर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य से विजेंद्र गुप्ता ने उनके खिलाफ आधारहीन, बेबुनियाद आरोप लगा कर उनकी प्रतिष्ठा खराब की है।
उन्होंने अदालत से बतौर पांच करोड़ रुपये हर्जाना दिलवाने व उनके खिलाफ ट्विटर और फेसबुक पर उनकी पोस्ट की गई मानहानिकारक सामग्री को हटाने का निर्देश देने का आग्रह किया है। हाईकोर्ट में दायर मानहानि मामले में याची गहलोत ने कहा कि लो फ्लोर बसों की खरीद मामले में विजेंद्र गुप्ता ने जानबूझ कर उन्हें बदनाम करने और दुर्भावना पूर्ण उद्देश्यों से ऐसे आरोप लगाए हैं।
गुप्ता ने गहलोत पर 1000 लो फ्लोर बसों की खरीद के साथ-साथ लो फ्लोर बसों के रखरखाव के लिए भ्रष्टाचार और घोटाले का आरोप लगाया गया था। याची ने कहा बिना किसी तथ्य की पुष्टि किए बिना विजेंद्र गुप्ता ने जानबूझकर और द्वेष की भावना से उनको भ्रष्ट और खुली लूट में शामिल कहा है। याचिका में कहा गया है कि परिवहन विभाग ने 2017 से अब तक लगभग 1500 नई बसों को बेड़े में सफलतापूर्वक शामिल किया है।
इससे दिल्ली के उन निवासियों को राहत मिली है, जो अपने दैनिक आवागमन के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं। वहीं दूसरी ओर भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता अपने राजनितिक फायदे के लिए और परिवहन मंत्री की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए सोची-समझी मंशा और दुर्भावना से लापरवाह पूर्ण, गैरजिम्मेदार और झूठे आरोप लगाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के निवासियों के लाभ के लिए 1000 बसों की खरीद भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता को अच्छी नहीं लग रही है और उनसे यह बर्दाश्त नहीं हो पा रहा है कि किस प्रकार दिल्ली सरकार जनता के हित में सफलतापूर्वक एक के बाद एक नई परियोजनाएं चला रही हैं, जिससे दिल्ली का विकास हो रहा है। इतना ही नहीं दिल्ली सरकार द्वारा किए जा रहे जन-उत्साही कार्यों के कारण, भाजपा विधायक राजनीति में अपना भविष्य अंधकारमय पाकर भयभीत हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि विजेंद्र गुप्ता ने इस परियोजना में घोटाले का झूठा आरोप लगाया और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और एलजी से संपर्क किया, जिसके बाद उपराज्यपाल ने एक समिति गठित करने का आदेश दिए, गठित समिति द्वारा जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार का कोई मामला सामने नहीं आने पर परिवहन मंत्री को क्लीन चिट दे दी गई थी। इसके अलावा दिल्ली विधानसभा में उनके सभी प्रश्नों के उत्तर के बावजूद विजेंद्र गुप्ता जानबूझकर ट्विटर और फेसबुक पर गहलोत के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग ने आंख मूंदकर टेंडर नहीं दिए, कंपनियों के साथ बातचीत की, सर्वोत्तम संभव सौदे को अंतिम रूप दिया। एक फरवरी 2021 को बसों के साथ-साथ इसके आजीवन रखरखाव के लिए निविदा टाटा मोटर्स लिमिटेड और जेबीएम ऑटो लिमिटेड को दिल्ली परिवहन निगम द्वारा प्रदान की गई थी।
उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि विजेन्द्र गुप्ता के खिलाफ इस तरह की लापरवाह टिप्पणी करने पर दीवानी मानहानि के मुकदमे में 5 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति और आपराधिक मानहानि के मुकदमे में विजेंद्र गुप्ता के खिलाफ धारा 499, 501 के तहत कार्रवाई की मांग की है। परिवहन मंत्री ने इसके अलावा विजेंद्र गुप्ता द्वारा ट्विटर और फेसबुक पर उनके खिलाफ पोस्ट की गई सभी मानहानिकारक सामग्री को हटाने की मांग की है।