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जेएनयू: छात्रों ने फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी कैंपस में पक्षियों को लू से बचाने की मुहिम चलाई, जगह-जगह रखा पानी
Sun, 15 May 2022 08:24 AM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Sun, 15 May 2022 08:24 AM IST
सार
एसएफडी, जेएनयू संयोजक निशान्त विद्यार्थी ने बताया कि कैंपस में चिड़ियों की 240 प्रजातियां हैं और पूरी दिल्ली में तितलियों के 110 प्रजातियों में से 80 प्रजाति सिर्फ जेएनयू कैंपस में पाई जाती हैं।
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JNU : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय,नई दिल्ली
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (jnu) को एक फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त है। जेएनयू कैंपस में जंगल एरिया भी है, जहां कई प्रकार के पक्षी, जानवर रहते हैं। गर्मी के चलते पानी की कमी के कारण पक्षी और जानवर मर जाते हैं। इन्हें बचाने के लिए स्टूडेंट्स फॉर डेवलप्मेंट (sfd) ने शनिवार को कैंपस में पेयजल प्रबंधन अभियान शुरू किया। इसमें 75 छात्रों का ग्रुप है, जिसमें से 35 छात्राएं हैं।
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एसएफडी, जेएनयू संयोजक निशान्त विद्यार्थी ने बताया कि कैंपस में चिड़ियों की 240 प्रजातियां हैं और पूरी दिल्ली में तितलियों के 110 प्रजातियों में से 80 प्रजाति सिर्फ जेएनयू कैंपस में पाई जाती हैं। गर्मी के मौसम में पानी नहीं मिलने के कारण कई पक्षियों की मृत्यु हो जाती है।
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उन्होंने कहा कि पानी की प्राकृतिक स्रोतों के खत्म हो जाने के कारण पशु और पक्षी नल के आसपास घूमते हैं, लेकिन पानी न मिलने से गर्मी से दम तोड़ रहे हैं। इसीलिए कैंपस में जगह -जगह पानी रख दिया है। सुबह-शाम इसे बदल दिया जाएगा, ताकि पक्षियों और जानवरों का पानी की दिक्कत न हो।
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