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जेईई प्रवेश परीक्षाएं कम पाठ्यक्रम पर आधारित हों: सिसोदिया

Fri, 23 Oct 2020 12:52 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2020 12:52 AM IST
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jee neet should be conducted on the half syllabus
नई दिल्ली। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सुझाव दिया है कि अगले वर्ष बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं तथा विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के पाठ्यक्रम को आधा किया जाए। उनका कहना है कि अगले वर्ष होने वाली जेईई नीट जैसी प्रवेश परीक्षाएं कम पाठ्यक्रम पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने बोर्ड परीक्षाएं मई माह में कराने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि कोरोना संकट के कारण बोर्ड परीक्षाएं फरवरी मार्च की जगह मई में कराई जाएं जिससे बच्चों को तैयारी का अवसर मिल सके।
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उन्होंने यह सुझाव केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद एनसीईआरटी की 57वीं आम परिषद की बैठक के दौरान दिये। उन्होंने कहा कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की शुरुआत होने के बाद कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं बंद कर दी जानी चाहिए। सरकार को बहुवर्षीय चरणवार कक्षाएं और प्रत्येक चरण के अंत में बाहरी मूल्यांकन शुरू करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में प्रस्तावित चार स्टेज यानी 5-3-3-4 को सही मायने में लागू करना चाहिए। इसके तहत एक साल एक क्लास का सिस्टम खत्म करके बहुवर्षीय स्टेज सिस्टम लागू करना चाहिए। इससे बच्चे अपनी गति से विभिन्न विषयों में अपनी जरूरत के अनुसार आगे बढ़ सकेंगे। शिक्षा नीति की शुरुआत के बाद बोर्ड परीक्षा बंद कर देनी चाहिए। मौजूदा बोर्ड परीक्षा 10+2 मॉडल में तो ठीक है लेकिन 5- 3 - 3 -4 में इसका कोई मतलब नहीं।
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उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में एनटीए से उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का प्रावधान है तो कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की कोई आवश्यकता नहीं है। बैठक में उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के साथ सहमति जताते हुए कहा कि देश में शिक्षा में परिवर्तन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 काफी महत्वपूर्ण होगी। यह परिवर्तन टुकड़ों की बजाय समग्र होने चाहिए।
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