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जामिया कोचिंग अकादमी : यहां तैयार किए जाते हैं प्रशासनिक सेवक, 11 साल में दिए 270 अधिकारी
Mon, 27 Sep 2021 06:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सीमा शर्मा, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 27 Sep 2021 06:25 AM IST
सार
आईआईटी की तर्ज पर आरसीए यूपीएससी तैयारी के लिए दाखिला प्रवेश परीक्षा से हर साल 150 उम्मीदवारों का चयन करती है।
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संघ लोक सेवा आयोग
- फोटो : PIB
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विस्तार
जामिया मिल्लिया इस्लामिया (सौ साल पूराना विश्वविद्यालय) आजादी से लेकर अब तक सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करवाकर देश सेवा में अपना अहम योगदान दे रहा है। जामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी बीते लगभग 11 साल से एससी, एसटी, अल्पसंख्यकों के साथ महिलाओं को मुफ्त कोंचिंग देकर प्रशासनिक सेवाओं से जुड़ने में खास तौर पर काम कर रही है।
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यूपीएससी 2020 की 176वीं रैंक प्राप्त सहारनपुर के सरसावां की रहने वाली श्रेया सिंघल ने माना कि यदि जामिया आरसीए नहीं होता तो मेरा प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना कभी पूरा नहीं हो पाता। क्योंकि सुरक्षा के चलते दिल्ली में अकेले तैयारी करने की अनुमति परिवार कभी नहीं देता। मेरे प्रशासनिक अधिकारी बनने का श्रेय अभिभावकों के साथ-साथ मैं आरसीए को भी दूंगी।
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जामिया आरसीए के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चयनित उम्मीदवारों को तीन चरणों में तैयारी करवाई जाती है। किसी भी एक चरण में असफल होने पर आरसीए से बाहर कर दिया जाता है। पहला चरण प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम) होता है। यदि कोई छात्र प्रीलिम की परीक्षा में सफल नहीं होता है तो उसे अकादमी से बाहर कर दिया जाता है। इसके बाद दूसरा चरण मुख्य परीक्षा (मैन) है, इसमें भी सफल उम्मीदवारों को ही साक्षात्कार की तैयारी करवाई जाती है। यहां जनरल स्ट्डी, विषय विशेषज्ञता आदि पर कोचिंग मिलती है।
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हर उम्मीदवार के जेहन में रोलमॉडल
आरसीए में बेहद आम परिवारों के छात्र उम्मीदवार बनकर आते हैं। उनके दिमाग में बचपन से प्रशासन, पुलिस से जुड़े अधिकारी एक रोल मॉडल के रूप होते हैं। वे भी वैसा ही अधिकारी बनने का सपना देखते हैं। यही कारण है कि इंजीनियरिंग या अन्य कोई डिग्री होने के बाद भी वे देशी-विदेशी कंपनियों के लाखो-करोड़ों का पैकेज छोड़कर प्रशासनिक सेवाओं में आने के लिए रात-दिन तैयारी करते हैं और सफल होते हैं।
विविधता का सफलता में बड़ा योगदान
जामिया देश के हर राज्य और शहरों में इस दाखिला प्रवेश परीक्षा का आयोजन करती है। इसका मकसद दूरदराज, ग्रामीण व पिछड़े इलाकों के छात्रों को प्रशासनिक सेवाओं से जोड़ना है। इसका फायदा अकादमी में ग्रुप डिस्कशन के दौरान दिखता है। अलग-अगल राज्य, भाषा, संस्कृति, रहन-सहन वाले उम्मीदवार एक-दूसरे के माध्यम से मिनी इंडिया को समझते हैं। दरअसल यही विविधता उनका इंटरव्यू में काम आती है।
उम्मीदवार तैयारी के आधार पर अपना मैन्यू खुद तय करते
आरसीए के यह चयनित 150 उम्मीदवारों का ग्रुप हॉस्टल मेस में अपना मैन्यु खुद तैयार करता है। यहां रहने वाले अधिकतर उम्मीदवार रात-दिन पढ़ाई करते हैं। इसलिए वे तला, मसालेदार खाना पसंद नहीं करते हैं। पौष्टिक, कम तेल और मसाले पर आधारित खाना खाया जाता है। इसके लिए प्रति उम्मीदवार 2500 देने होते हैं।
यूपीएससी व पूर्व अधिकारियों की टीम तैयार करती है प्रश्नपत्र
आरसीए हर साल यूपीएससी की मुफ्त कोचिंग के लिए देशभर से महिला, एससी, एसटी व अल्पसंख्यक समुदाय से 150 उम्मीदवारों का संयुक्त दाखिला प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर चयन करती है। कठिन प्रवेश परीक्षा के आधार पर चयन होता है। क्योंकि यूपीएससी और पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों वाली टीम बेहद कठिन प्रश्न पत्र तैयार करते हैं, ताकि होनहार छात्रों को सफलता मिल सके।