अमर उजाला पड़ताल : सामने आया आईएस आतंकियों का दिल्ली दंगों से कनेक्शन, युवाओं को बरगला रही है पाक की आईएसआई
कथित आतंकी मो. अरशद वारसी ने दिल्ली दंगों व जामिया नगर प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग लिया था। उसने जेएनयू के पीएचडी के छात्र आरोपी शरजिल इमाम को जामिया नगर बुलाया था।
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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित इस्लामिक स्टेट (आईएस) के गिरफ्तार तीन आतंकियों मो. शाहनवाज आलम, मोहम्मद रिजवान अशरफ उर्फ मौलाना और मोहम्मद अरशद वारसी का दिल्ली दंगों व जामिया नगर प्रदर्शन से कनेक्शन सामने आया है। कथित आतंकी मो. अरशद वारसी ने दिल्ली दंगों व जामिया नगर प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग लिया था। उसने जेएनयू के पीएचडी के छात्र आरोपी शरजिल इमाम को जामिया नगर बुलाया था। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने उस समय गिरफ्तार आतंकी मो. वारसी से पूछताछ की। उस समय आरोपी ने खुद को बेगुनाह व शरजिल से किसी तरह का संबंध होने की बात से इन्कार किया था। ऐसे में कहा जा सकता है कि आईएसआई दिल्ली दंगों में शामिल होने वाले युवाओं को गुमराह कर आतंक के रास्ते पर धकेल रही है।
दिल्ली पुलिस की एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मो. अरशद वारसी झारखंड से आकर सबसे पहले जोगाबाई एक्सटेंशन के मुबारक अपार्टमेंट में रहा था। वह जामिया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहा था। मो. वारसी जामिया कोर्डिनेशन कमेटी के ग्रुप में जुड़ा हुआ था। दूसरी तरफ शरजिल जेएनूय के मुस्लिम स्टूडेंट ग्रुप में जुड़ा हुआ था। ग्रुप में जुड़े होने के कारण इनकी आपस में बात होनी शुरू हो गई। जल्द ही दोनों अच्छे दोस्त बन गए। सीएए व एनआरसी के विरोध में जब जामिया नगर में प्रदर्शन शुरू हुआ था तो मो. अरशद वारसी ने 10 दिसंबर, 2020 के बाद शरजिल को जेएनयू से जामिया नगर बुला लिया था।
शरजिल जेएनयू के अपने ग्रुप के सदस्यों के साथ जामिया नगर गया था। इसके बाद शरजिल जामिया नगर में रहने लगा था। यह स्थानीय लोगों को पंफ्लेट बांटकर उकसा रहे थे। इन्होंने पूरे इलाके में घूम-घूमकर पंफ्लेट बांटे थे। शरजिल व मो. वारिस साजिश रच रहे थे कि हर तरफ से भीड़ एकत्रित हो जाए और एक आंदोलन खड़ा हो जाए। ऐसा कर सरकार पर दबाव बनाना चाहते थे। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दिल्ली दंगों व भड़काऊ भाषण देने के मामले में शरजिल को गिरफ्तार किया था। शरजिल को गिरफ्तार करने के बाद अपराध शाखा ने मो. वारसी से पूछताछ की थी। उस समय मो. वारसी पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गया था। पुलिस को जांच में पता लगा कि यह दोनों व्हाट्सएप कॉल पर बात करते थे।
आईएसआई की भूमिका सामने आई
देश की खुफिया एजेंसियों को जांच में पता लगा कि दिल्ली दंगों व जामिया नगर प्रदर्शन में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी की भूमिका सामने आई है। आईएसआई अब दंगों में शामिल युवाओं को गुमराह कर आईएस आतंकी बना रही है, जबकि इनसे काम वह अपने लिए करवा रही है। मो. अरशद वारसी इसका उदाहरण है। पुलिस दिल्ली दंगों में मो. शाहनवाज आलम की भूमिका की भी जांच कर रही है।
फरार आतंकियों के लिए देशभर में दबिश
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की कई टीमें फरार आतंकियों को पकड़ने के लिए देशभर में कई जगह दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मो. रिजवान व उसकी पत्नी की भी तलाश की जा रही है।