{"_id":"613b66f58ebc3ec62c74f6ca","slug":"instructions-to-remove-objectionable-photos-and-videos-of-women-from-sites-ashram-news-noi603761694","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली हाईकोर्ट: गूगल, यूट्यूब और केंद्र को महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें हटाने का दिया निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली हाईकोर्ट: गूगल, यूट्यूब और केंद्र को महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें हटाने का दिया निर्देश
Fri, 10 Sep 2021 07:38 PM IST
नोएडा ब्यूरो
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 10 Sep 2021 07:38 PM IST
सार
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने महिला द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिए। महिला ने अपनी याचिका में केंद्र से छद्म नामों से अश्लील साइटों के रूप में काम करने वाली वेबसाइटों को ब्लॉक करने का भी निर्देश देने की मांग की है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, गूगल, यू-ट्यूब और दिल्ली पुलिस साइबर सेल को इंटरनेट से एक महिला की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वाले लिंक या साइटों को हटाने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है। अदालत ने फोटो साइटों में डालने वाले आरोपी को पक्ष बनाते हुए संबंधित एसएचओ को उसके खिलाफ जारी नोटिस तामील करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने महिला द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिए। महिला ने अपनी याचिका में केंद्र से छद्म नामों से अश्लील साइटों के रूप में काम करने वाली वेबसाइटों को ब्लॉक करने का भी निर्देश देने की मांग की है। अदालत ने मामले की सुनवाई 16 सितंबर तय की है।
विज्ञापन
याचिका में प्रतिवादियों को उनकी साइटों पर प्रदर्शित होने वाली महिला की किसी भी नग्न, यौन रूप से स्पष्ट या छेड़छाड़ की गई तस्वीरों को ब्लॉक करने के लिए विशेष निर्देश देने की भी मांग की गई। हाईकोर्ट ने गूगल की ओर से पेश वकील ममता झा, यू-ट्यूब के अधिवक्ता अनुराग अहलूवालिया, केंद्र और दिल्ली पुलिस की साइबर सेल को निर्देश दिया कि वे सभी मिलकर याचिकाकर्ता की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो वाली साइटों और लिंक को हटाने के लिए सुनवाई से पहले उचित कदम उठाएंगे।
विज्ञापन
केंद्र के अधिवक्ता ने आश्वासन दिया कि याचिकाकर्ता महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो वाली साइटों और इंटरनेट से लिंक को हटाने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। अदालत ने केंद्र को इस मामले में उचित कार्रवाई कर दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, इंटरनेट से लिंक और साइटों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अदालत ने मामले में दिल्ली पुलिस साइबर सेल को भी पक्षकार बनाया है।
हाईकोर्ट ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि किसी भी व्यक्ति की सहमति के बिना फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट से तस्वीरें लेकर अश्लील वेबसाइट पर अपलोड करने का कृत्य आईटी अधिनियम की धारा 67 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। भले ही तस्वीरें अपने आप में आपत्तिजनक न हों सहमति के बिना ऐसा करना व्यक्ति की निजता का उल्लंघन होगा।