अफगानिस्तान संकट के बीच राजनाथ सिंह बोलेः भारत के सामने चुनौतियां बढ़ रहीं, रक्षा उद्योगों को आत्मनिर्भर बनाना जरूरी
- राजनाथ सिंह ने निजी क्षेत्र से आह्वान किया कि रक्षा निर्माण सेक्टर को मजूबत व आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान देने के लिए आगे आएं
- उन्होंने कहा कि देश में न तो प्रतिभाओं की कमी है और न ही इन्हें अवसर देने वालों की, लेकिन एक मंच की कमी है, जिसकी वजह से दोनों मिल नहीं पाते
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वैश्विक स्तर पर भूराजनैतिक स्थितियों में हो रहे बदलाव के परिप्रेक्ष्य में केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां जटिल हो रही हैं। उन्होंने देश में एक मजबूत, सक्षम और आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग की पुरजोर वकालत की। रक्षामंत्री की यह टिप्पणी भारत सहित अन्य जगहों पर अफगानिस्तान में अमेरिका समर्थित सरकार के पतन के बाद तालिबान के कब्जे को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आई है। उन्होंने कहा आज पूरी दुनिया में सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। इस कारण हमारे देश की सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही है और जटिल होती जा रही हैं।
रक्षामंत्री बृहस्पितवार को रक्षा क्षेत्र में तकनीक और विकास को प्रोन्नत करने वाले संगठन इनिशिएटिव अंडर द इनोवेशंस फार डिफेंस एक्सीलेंस (आइडेक्स) के डिफेंस इंडिया स्टार्ट अप चैलेंज 0.5 की लांचिंग के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा, तेजी से बदलती सुरक्षा चुनौतियों पर विचार करते हुए भारत को मजबूत, सक्षम और आत्मनिर्भर रक्षा उद्योगों की स्थापना पर ध्यान देना होगा, जो सेनाओं की जरूरतें पूरी कर सकें। न केवल हमें हमारी सेनाओं को अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों से लेस करना होगा, ब्लिक पूरी तरह से आत्मनिर्भर रक्षा उद्योगों का भी उतनी ही मजबूती से विकास करना होगा।
निजी क्षेत्र से रक्षा निर्माण में योगदान का आह्वान
राजनाथ सिंह ने निजी क्षेत्र से आह्वान किया कि रक्षा निर्माण सेक्टर को मजूबत व आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान देने के लिए आगे आएं। इसमें उन्होंने सरकार के स्तर से हर संभव सहयोग करने का भरोसा दिया। राजनाथ सिंह ने कहा, देश में न तो प्रतिभाओं की कमी है और न ही इन्हें अवसर देने वाले की, लेकिन एक मंच की कमी है, जिसकी वजह से दोनों मिल नहीं पाते। आइडेक्स इस दूरी को पाटने में काफी हद तक सफल रहा है।
इस माह के अंत तक 101 हथियारों का आयात बंद कर देंगे
उन्होंने कहा, पिछले कुछ सालों में सरकार ने भारत को रक्षा निर्माण का हब बनाने के लिए लगातार सुधार किए हैं। उन्होंने घोषणा की कि इस माह के अंत तक 101 हथियारों का आयात बंद कर देंगे और 2024 तक सैन्य साजो सामान जैसे मालवाहक एयरक्राफ्ट, हल्के लड़ाकू हेलिकाप्टर, पनडुिब्बयां, क्रूज मिसाइलें और सोनार प्रणाली भी दूसरे देशों से मंगवाना बंद कर देंगे। उन्होंने बताया कि पिछले साल मई में सरकार ने रक्षा निर्माण क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 49 से बढ़ाकर 74 फीसदी की थी। सरकार का ध्यान अब घरेलू रक्षा निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सैन्य साजो सामान की आयात निर्भरता घटाने पर है। उन्होंने 2025 तक रक्षा निर्माण क्षेत्र में कारोबारी लक्ष्य 1.75 लाख करोड़ तक पहुंचाने और 35000 करोड़ सैन्य सामान निर्यात करने का लक्ष्य रखा।