{"_id":"61649e278ebc3eeb5c626e76","slug":"in-delhi-university-more-than-40-thousand-seats-will-be-filled-only-in-the-second-cut-off","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीयू: दूसरी कट ऑफ में ही हो जाएंगी 40 हजार से अधिक सीट फुल, दाखिले रद्द कराने पर लगा ब्रेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीयू: दूसरी कट ऑफ में ही हो जाएंगी 40 हजार से अधिक सीट फुल, दाखिले रद्द कराने पर लगा ब्रेक
Tue, 12 Oct 2021 01:57 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 12 Oct 2021 01:57 AM IST
सार
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्नातक कोर्सेज में बीते साल के मुकाबले इस बार दाखिला रद्द कराने पर ब्रेक लगा है। पहले दिन ही कॉलेजों में चार से लेकर 45 तक दाखिले रद्द कराए गए। जिस तरह से शिफंर्टग कम हुई है उससे कई कॉलेजों की तीसरी कट ऑफ में दाखिले की कम ही संभावना रहेगी।
विज्ञापन
दिल्ली विवि
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली विश्विद्यालय की दूसरी कट ऑफ में स्नातक कोर्सेस की कुल 70 हजार सीटों में से 40 हजार से अधिक सीटें भर सकती हैं। दरअसल दूसरी कट ऑफ के पहले दिन ही 2103 छात्रों ने फीस का भुगतान कर दाखिला ले लिया। जबकि अभी दूसरी कट ऑफ के दाखिले के दो दिन बाकी है। दूसरी कट ऑफ के दाखिले क आंकड़े को पहली कट ऑफ में जोड़े तो अब तक 38, 233 दाखिले हो चुके हैं। पहली कट ऑफ में कुल 36,130 छात्रों ने दाखिला लिया था।
विज्ञापन
सोमवार को शुरू हुए दूसरी कट ऑफ के दाखिले के पहले दिन विभिन्न कोर्सेस के लिए कुल 29, 086 छात्रों ने आवेदन किया। कॉलेजों ने 2593 दाखिलों को मंजूर किया। जबकि 2103 ने कोर्स की फीस का भुगतान कर दाखिला पक्का किया। दूसरी कट ऑफ में कितने दाखिले रद्द कराये गए प्रशासन से इसकी जानकरी नहीं दी है।
विज्ञापन
डीयू में दाखिले रद्द कराने पर लगा ब्रेक
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्नातक कोर्सेज में बीते साल के मुकाबले इस बार दाखिला रद्द कराने पर ब्रेक लगा है। पहले दिन ही कॉलेजों में चार से लेकर 45 तक दाखिले रद्द कराए गए। जिस तरह से शिफंर्टग कम हुई है उससे कई कॉलेजों की तीसरी कट ऑफ में दाखिले की कम ही संभावना रहेगी।
विज्ञापन
वहीं सोमवार को शुरू हुए दूसरी कट ऑफ के दाखिले की रफ्तार तेज रही। सोमवार को कई कॉलेजों में 20 से लेकर 150 से अधिक दाखिले हुए। ऐसे मे कई कॉलेजों में जिन कोर्सेज की सीटें कम हैं वहां दूसरी कट ऑफ के बाद दाखिले बंद कर दिए जाएंगे। दूसरी कट ऑफ के पहले दिन छात्रों ने सोच-समझ कर काफी पूछताछ कर दाखिला लिया और रद्द कराया। शनिवार को जारी कट ऑफ में 0.25 फीसदी से लेकर तीन फीसदी तक गिरावट हुई है। लिहाजा छात्रों ने बेहतर कॉलेज व कोर्स की चाह में एक कॉलेज से दाखिला रद्द कराया।
दरअसल पहली कट ऑफ में ही डीयू की आधी से अधिक सीटें भर गई थीं। ऐसे में कॉलेजों की दूसरी कट ऑफ में छात्रों के पास सीमित विकल्प हैं। कुछ कॉलेज प्रिंसिपल मानकर चल रहे हैं कि उनके यहां कुछ कोर्सेज के दाखिले तो दूसरी कट ऑफ में ही बंद हो जाएंगे।
आर्यभट्ट में 170 दाखिले, चार दाखिले रद्द
आर्यभट्ट कॉलेज में सामान्य श्रेणी के लिए तीन कोर्सेज (राजनीति विज्ञान ऑनर्स, बीकॉम, बीए प्रोग्राम (हिस्ट्री-राजनीति विज्ञान) में दाखिले दूसरी कट ऑफ के लिए बंद हो चुके हैं। दूसरी कट ऑफ के दाखिले के पहले दिन कॉलेज में अन्य दस कोर्सेज के लिए 170 दाखिले हुए जबकि चार दाखिले रद्द कराए गए। कॉलेज के दाखिला संयोजक राजेश द्विदी ने बताया कि सोमवार को कुल 433 आवेदन किए गए। इसमें 170 आवेदन दाखिले के लिए मंजूर किए गए। जबकि 263 आवेदन को रद्द किया गया। पहली कट ऑफ और सोमवार के दाखिले मिलाकर अब तक कुल 800 सीट पर 620 दाखिले हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस बार दाखिला रद्द कराने की रफ्तार धीमी है। दरअसल छात्र दाखिले को लेकर रिस्क लेना नहीं चाहते हैं। उन्हें डर है कि यदि दाखिला रद्द करा दिया और किसी कोर्स में सीट नहीं होगी तो उन्हें दुबारा दाखिला नहीं मिलेगा।
राजधानी कॉलेज
राजधानी कॉलेज में पहली कट ऑफ व दूसरी कट ऑफ के पहले दिन तक कुल 400 दाखिले हो गए हैं। जबकि एक भी दाखिला रद्द नहीं हुआ। कॉलेज में सबसे अधिक दाखिले इकोनॉमिक्स ऑनर्स व अंग्रेजी ऑनर्स में हुए। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. राजेश गिरी कहते हैं कि दूसरी कट ऑफ के पहले दिन 131 दाखिले हुए। उन्होंने कहा कि जिन कोर्सज की सीटें कम हैं उनमें तीसरी कट ऑफ में दाखिले नहीं लेंगे, लेकिन इसकी सही स्थिति शुक्रवार को फीस जमा कराने के बाद ही पता चल सकेगी।
जाकिर हुसैन कॉलेज
जाकिर हुसैन कॉलेज क दाखिला प्रभारी व डीयू दाखिला प्रक्रिया से 12 साल से अधिक समय तक जुड़े प्रो. गुरप्रीत सिंह टुटेजा कहते हैं कि इस बार देखने में आ रहा है कि दूसरी कट ऑफ में दाखिला रद्द कराने की रफ्तार धीमी है। जबकि बीते सालों में देखने में आता था कि छात्र मनपसंद कॉलेज व कोर्स की चाह में दाखिला रद्द कराते थे। उन्होंने कहा कि इस बार पहली कट ऑफ में ही डीयू की आधी सीटें भर गई हैं। वहीं छात्रों के अंक काफी अच्छे हैं। ऐसे में रिस्क फेक्टर के कारण छात्र दाखिला रद्द कराना नहीं चाह रहे हैं। क्योंकि यदि दाखिला रद्द करा दिया तो सीट नहीं होने पर दुबारा दाखिला नहीं होगा। उनके यहां 1750 सीटों पर अब तक 900 दाखिले हो गए हैं। जबकि 50 दाखिले रद्द हुए हैं।