'महंगा तेल नहीं खरीदेंगे तो बच्चे भूखे मर जाएंगे' : आमजन का बुरा हाल, रोजाना सफर करने वालों की बढ़ी मुश्किलें
महंगाई आसमान छू रही है साहब... कमाई का कोई ठिकाना नहीं है। अब आप ही बताइए, परिवार पालना है तो क्या करें। यह महंगा पेट्रोल, डीजल और सीएनजी हमारी जरूरत नहीं, मजबूरी बन गया है। अगर आज गाड़ी में यह महंगा तेल नहीं डलवाया, तो कल घर का चूल्हा नहीं जलेगा।
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महंगाई आसमान छू रही है साहब... कमाई का कोई ठिकाना नहीं है। अब आप ही बताइए, परिवार पालना है तो क्या करें। यह महंगा पेट्रोल, डीजल और सीएनजी हमारी जरूरत नहीं, मजबूरी बन गया है। अगर आज गाड़ी में यह महंगा तेल नहीं डलवाया, तो कल घर का चूल्हा नहीं जलेगा। हमारे बच्चे भूखे मर जाएंगे। यह महज शब्द नहीं हैं, बल्कि दिल्ली की सड़कों पर दौड़ते-भागते आम आदमी की सिसकी है, जो सुबह उठकर सिर्फ इसलिए काम पर निकलता है, ताकि शाम को बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देख सके। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। परिवहन लागत बढ़ने से फल, सब्जियां, दूध, किराना और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दामों पर भी असर पड़ सकता है।
खून-पसीना भी निचोड़ लेगी सरकार
गोल्फ क्लब पेट्रोल पंप पर सीएनजी भराने आए कैब चालक आदित्य त्रिवेदी ने बताया कि ईंधन की कीमतों में इजाफा हो रहा है, लेकिन किराया सीमित है। ऐेसे में उनकी कमाई पहले की तरह है जबकि खर्च बढ़ गया है।
ईंधन की नई कीमतें
पेट्रोल - 102.15 रु.
डीजल - 95.24 रु.
सीएनजी - 81.09 रु.
तनाव पश्चिम एशिया में, आग लग रही दिल्ली में
हजरत निजामुद्दीन स्थित पेट्रोल पंप पर बाइक में पेट्रोल भरवाने आए सुमित गुप्ता ने कहा कि कुछ महीने पहले तक सरकार कह रही थी कि स्थितियां नियंत्रण में हैं। वहीं, अब लगातार ईंधन के दामों में बढोतरी हो रही है। सरकार की चुप्पी जनता को चुभ रही है।
रोजाना सफर करने वालों की बढ़ी मुश्किलें
द्वारका के रहने वाले निजी कंपनी कर्मचारी अमित ने बताया कि मैं रोजाना करीब 35 किलोमीटर का बाइक से सफर करता हूं। पहले महीने में तीन हजार से साढ़े तीन हजार रुपये का पेट्रोल भरवाता था, लेकिन अब यह खर्च चार हजार रुपये से ऊपर पहुंच गया है। शाहदरा निवासी मानसी ने बताया कि अब पेट्रोल महंगा होने से आने-जाने का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है।
ऑटो और कैब चालकों पर दोहरी मार:
सरिता विहार के ऑटो चालक रामन ने बताया कि पहले जितने पैसे में दिनभर गाड़ी चल जाती थी, अब उससे कहीं ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। किराया बढ़ाने पर यात्री नाराज होते हैं और नहीं बढ़ाने पर कमाई घट जाती है।
ईंधन महंगी हो रही है, तो हम क्या कर सकते हैं। परिवार पालना है, तो महंगा तेल खरीदना ही पड़ेगा और कोई चारा नहीं है। - नसीम।
सरकार को हम जैसे गरीब लोगों के बारे में सोचना चाहिए। इतना महंगा तेल खरीदेंगे, तो कमाएंगे क्या और खाएंगे क्या। -संतोष सिंह।
ईंधन के दाम अगर इसी तरह बढ़ते रहे, तो परिवार तक पालना मुश्किल हो जाएगा। -प्रवीण।