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किसानों को न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस करेगी आंदोलन : डॉ. नरेश कुमार
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नई दिल्ली। दिल्ली कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही कृषि भूमि का सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया, तो कांग्रेस किसानों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। पार्टी प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने शुक्रवार को दिल्ली के डिविजनल कमिश्नर नीरज सेमवाल से मुलाकात कर इस संबंध में विस्तृत प्रतिनिधि-पत्र सौंपा।
डॉ. कुमार ने कहा, कांग्रेस पार्टी ने इससे पहले 6 जून 2025 को मुख्यमंत्री को भी इस विषय पर ज्ञापन दिया था। मुख्यमंत्री ने डिविजनल कमिश्नर की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी, लेकिन दो महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह साबित करता है कि दिल्ली की भाजपा सरकार किसानों की तकलीफों और उनके हक की लड़ाई को लेकर गंभीर नहीं है।
उन्होंने याद दिलाया कि आखिरी बार वर्ष 2008 में सर्किल रेट बढ़ाए गए थे। उस समय दिल्ली की जमीन केवल दो श्रेणियों में विभाजित थी, कृषि भूमि 53 लाख प्रति एकड़ और रिवर बेड भूमि 17 लाख प्रति एकड़। डॉ. कुमार ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए इसी न्यायपूर्ण मॉडल के आधार पर अब कृषि भूमि का सर्किल रेट 10 करोड़ प्रति एकड़ होना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी कहा कि 2015 और 2019 में पिछली सरकार ने जमीन को जिलेवार बांटकर अलग-अलग सर्किल रेट तय करने की कोशिश की थी। इससे असमानता तथा भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला।
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डॉ. कुमार ने कहा, कांग्रेस पार्टी ने इससे पहले 6 जून 2025 को मुख्यमंत्री को भी इस विषय पर ज्ञापन दिया था। मुख्यमंत्री ने डिविजनल कमिश्नर की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी, लेकिन दो महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह साबित करता है कि दिल्ली की भाजपा सरकार किसानों की तकलीफों और उनके हक की लड़ाई को लेकर गंभीर नहीं है।
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उन्होंने याद दिलाया कि आखिरी बार वर्ष 2008 में सर्किल रेट बढ़ाए गए थे। उस समय दिल्ली की जमीन केवल दो श्रेणियों में विभाजित थी, कृषि भूमि 53 लाख प्रति एकड़ और रिवर बेड भूमि 17 लाख प्रति एकड़। डॉ. कुमार ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए इसी न्यायपूर्ण मॉडल के आधार पर अब कृषि भूमि का सर्किल रेट 10 करोड़ प्रति एकड़ होना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी कहा कि 2015 और 2019 में पिछली सरकार ने जमीन को जिलेवार बांटकर अलग-अलग सर्किल रेट तय करने की कोशिश की थी। इससे असमानता तथा भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला।
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