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Delhi News: अस्पतालों को 10 दिन में भेजनी होगी दवाओं की पूरी मांग - पंकज सिंह
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-स्वास्थ्य मंत्र ने दवाओं और उपकरणों की समय पर आपूर्ति के लिए सभी अस्पतालों को दिया अल्टीमेटम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने राजधानी के सभी सरकारी अस्पतालों को चेतावनी दी है कि वे 10 दिनों के भीतर अपनी पूरी दवाओं और उपकरणों की मांग केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) को भेजें। मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि दिल्ली में इलाज के लिए आने वाले किसी भी मरीज को दवा या इलाज की कमी का सामना न करना पड़े।
दिल्ली सचिवालय में हुई बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने सभी सरकारी अस्पतालों के मेडिकल डायरेक्टर और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के साथ दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पतालों में जीवनरक्षक और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक होना जरूरी है। इसके लिए सभी मेडिकल डायरेक्टर 10 दिनों के भीतर वित्तीय वर्ष 2025-26 के शेष महीनों की दवाओं और उपकरणों की मांग सीपीए को भेजें, ताकि समय पर आपूर्ति बनी रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी अस्पताल में दवाओं या चिकित्सा उपकरणों की कमी मिली तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और सख्त कार्रवाई होगी। दिल्ली सरकार ने दवाओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए केंद्रीय खरीद एजेंसी के माध्यम से मजबूत प्रणाली बनाई है, जिसके तहत अस्पतालों को जरूरी दवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि वे रोजाना दवाओं के स्टॉक की निगरानी करें और कमी पाए जाने पर तुरंत सीपीए को सूचित करें। जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर इमरजेंसी खरीद की अनुमति भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को न केवल उचित इलाज बल्कि सम्मानजनक व्यवहार मिलना चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने राजधानी के सभी सरकारी अस्पतालों को चेतावनी दी है कि वे 10 दिनों के भीतर अपनी पूरी दवाओं और उपकरणों की मांग केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) को भेजें। मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि दिल्ली में इलाज के लिए आने वाले किसी भी मरीज को दवा या इलाज की कमी का सामना न करना पड़े।
दिल्ली सचिवालय में हुई बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने सभी सरकारी अस्पतालों के मेडिकल डायरेक्टर और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के साथ दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पतालों में जीवनरक्षक और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक होना जरूरी है। इसके लिए सभी मेडिकल डायरेक्टर 10 दिनों के भीतर वित्तीय वर्ष 2025-26 के शेष महीनों की दवाओं और उपकरणों की मांग सीपीए को भेजें, ताकि समय पर आपूर्ति बनी रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी अस्पताल में दवाओं या चिकित्सा उपकरणों की कमी मिली तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और सख्त कार्रवाई होगी। दिल्ली सरकार ने दवाओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए केंद्रीय खरीद एजेंसी के माध्यम से मजबूत प्रणाली बनाई है, जिसके तहत अस्पतालों को जरूरी दवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
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स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि वे रोजाना दवाओं के स्टॉक की निगरानी करें और कमी पाए जाने पर तुरंत सीपीए को सूचित करें। जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर इमरजेंसी खरीद की अनुमति भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को न केवल उचित इलाज बल्कि सम्मानजनक व्यवहार मिलना चाहिए।
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