फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   High court reprimanded the central government

सरकार को फटकार : भ्रष्टाचार के मामले में दाखिल नहीं किया जवाब, केंद्र की खिंचाई

Wed, 27 Oct 2021 05:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 27 Oct 2021 05:43 AM IST
सार

अदालत ने कहा न्यायिक आदेशों का पालन न करना यह काफी भयावह स्थिति। 

विज्ञापन
High court reprimanded the central government
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

उच्च न्यायालय ने सरकारी अधिकारियों के खिलाफ %गंभीर आरोप% संबंधी एक मामले में न्यायिक आदेशों का पालन न करने और 7 महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जवाब दाखिल न करने पर केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने सरकार को जवाब दाख्खिल करने में देरी करने सहित संबंधित मुद्दे पर जवाब दाखिल करने व संबंधित अधिकारियों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह काफी भयावह है कि केंद्र सरकार सितंबर में न्यायालय द्वारा कड़े शब्दों में दिए गए आदेश के बावजूद जवाब दाखिल करने में कोई कदम उठाने में विफल रही। अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह कोर्ट के आदेशों की अनदेखी करने का सरकार का रवैया है। आपका सम्मान कुछ और है, इसे कार्रवाई में सामने आना होगा। यह देखा गया है कि अदालत के आदेशों का बिल्कुल भी पालन नहीं किया जाता है। पूरी तरह से अभावग्रस्त दृष्टिकोण है। आदेशों का पालन कतई नहीं हो रहा है।
विज्ञापन


याचिका में भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में आरोपी व्यक्तियों और अन्य अधिकारियों के बीच सांठगांठ के घोटाले को कथित रूप से उजागर करने वाले मामले में सीबीआई और अन्य अधिकारियों को पुलिस अधीक्षक के पद से नीचे के अधिकारी द्वारा उचित और निष्पक्ष जांच करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश हुए हरीश वैद्यनाथन ने कोर्ट को बताया कि मंत्रालय के संयु्त सचिव और एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक मौजूद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने उनसे पूछा कि नोटिस 2 मार्च को जारी किया गया था और आज 26 अक्टूबर हैं। अदालतों को हल्के में लेने का इस तरह का रवैया क्यों है? हालांकि मंत्रालय के सचिव यहां नहीं हैं। स्पष्टीकरण दें कि काउंटर दाखिल क्यों नहीं किया गया है? केंद्र ने अदालत को सूचित किया कि कुछ व्यावहारिक कठिनाई और दोष के कारण ऐसा नहीं किया जा सका। 

अदालत ने उनके तर्क को खारिज करते हुए कहा यह भयावह है कि 6 सितंबर, 2021 को जब कड़ी टिप्पणियां की गईं कि सरकार कदम नहीं उठा रही है फिर भी कुछ भी नहीं किया गया है। 29 सितंबर को सचिव को बुलाया गया था लेकिन वह नहीं आए। कोई कारण नहीं है। कृपया बताएं कि क्यों मार्च से अक्टूबर तक काउंटर दाखिल नहीं किया गया है?

न्यायमूर्ति सुब्रामण्यम ने कहा वे भी अधिवक्ता रहे हैं। हम सभी ने राज्य सरकारों का प्रतिनिधित्व किया है। यह सितंबर का आदेश है इसमें थोड़ी देरी नहीं है। अदालत ने कहा जब तक जवाब नहीं मिलता वे कैसे आगे सुनवाई कर सकते है।


अदालत ने केंद्र को सुनवाई की अगली तारीख 10 नवंबर तक मामले में देरी के कारणों और स्थिति रिपोर्ट के बारे में बताते हुए जवाब दाखिल करने का
निर्देश देते हुए संबंधित अधिकारियों को सुनवाई की अगली तारीख पर भी उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

अदालत ने केंद्र को अप्रैल में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का समय दिया गया था, उसके बाद गैर-अनुपालन के कारण मामले को जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। जुलाई में स्थायी वकील ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय इस मामले में संबंधित विभाग है न कि गृह मंत्रालय। अदालत ने इसके ध्यानार्थ स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए और समय देते हुए मामले को सितंबर तक के लिए स्थगित कर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed