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इस्लाम धर्म अपनाने वाली महिला को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश

Thu, 01 Jul 2021 10:37 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jul 2021 10:37 PM IST
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high court orders to provide security to woman who convert to Islam
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने गुरुवार को इस्लाम धर्म अपनाने वाली उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिला निवासी और दिल्ली में काम करने वाली 29 वर्षीय महिला रेणु गंगवार उर्फ आयशा अल्वी की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। महिला ने आरोप लगाया है कि स्वेच्छा से इस्लाम अपनाने पर उसे उत्तर प्रदेश पुलिस, कुछ मीडिया संगठनों और अन्य संगठनों द्वारा धमकियां दी जा रही हैं। महिला ने अदालत से अपनी व परिवार की सुरक्षा की मांग की थी।
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न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की अवकाशकालीन पीठ ने पुलिस को निर्देश दिया कि जब तक यह मामला नियमित पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए नहीं आता तब तक याची की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाएं। अदालत ने मामले की सुनवाई 5 जुलाई तय करते हुए इसे नियमित पीठ के पास स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है।
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अदालत ने कहा कि यह एक ऐसा मामला है जिस पर नियमित पीठ के समक्ष सुनवाई होनी चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि वे मामले में किसी भी प्रकार से नोटिस जारी नहीं कर रहे लेकिन पुलिस को निर्देश देते है कि महिला ने अपनी जान को खतरा बताया है ऐसे में उसकी सुरक्षा जरूरी है।
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सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अधिवक्ता समीर वशिष्ठ ने कहा कि महिला याचिका में दिए गए पते पर नहीं मिली और यहां तक कि उनका मोबाइल फोन भी बंद था जिस वजह से पुलिस अधिकारी उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे।
वहीं महिला की वकील तान्या अग्रवाल ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किला की जान का खतरे को देखते हुए उसे बार-बार अपना आवास बदलना पड़ा है। उन्होंने कहा कि उनकी मुवक्किला अपना वर्तमान पता पुलिस के वकील को ईमेल करेंगी।
याची महिला ने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के साथ-साथ निजता के अधिकार का भी आग्रह किया है। महिला ने याचिका में कहा है कि धर्म परिवर्तन के कारण उनके और उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है और मीडिया में उसके बारे में दुर्भावनापूर्ण सामग्री छापी जा रही है जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
याचिकाकर्ता रेणु ने कहा कि वह बालिग है और संविधान उन्हें अपना धर्म चुनने का अधिकार देता है और वह जिस धर्म को मानने का, चुनने का निर्णय लेती है उसके लिए उन्हें प्रताड़ित नहीं किया जा सकता, उन्हें निशाना नहीं बनाया जा सकता।
27 मई को अपनाया था इस्लाम
अधिवक्ता कमलेश कुमार मिश्रा के जरिये दायर याचिका में रेणु गंगवार उर्फ आयशा अल्वी ने कहा कि 27 मई को उसने दिल्ली में इस्लाम धर्म अपना लिया था और 23 जून से जब वह शाहजहांपुर में थी। तब उनके पास मीडियाकर्मियों के फोन आने लगे जिसमें उनसे मिलने का अनुरोध किया गया लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
याची ने कहा कि उनकी इजाजत के बगैर मीडियाकर्मी उनके घर आ गए और उनकी तस्वीरें, वीडियो लेने लगे और उन्हें धमकी भरे फोन भी आने लगे कि धर्म परिवर्तन की खबर मीडिया में आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा तथा फोन पर उनसे पैसे भी मांगे गए। याची ने कहा इसके बाद उनमें से एक ने उनसे जबरदस्ती 20 हजार रुपये ले लिए जबकि अन्य ने भी उनसे तथा उनके परिवार से पैसे उगाहने की कोशिश की।

याचिका में कहा गया कि उनके धर्म परिवर्तन के बारे में मीडिया में अनर्गल तथा काल्पनिक जानकारियां दी जा रही हैं। महिला ने याचिका में कहा कि 24 जून को उन्होंने दिल्ली पुलिस आयुक्त से भी इसकी शिकायत की थी और सुरक्षा मांगी थी।
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