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बृंदा करात की याचिका के निपटारे का निचली अदालत को निर्देश
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन के संबंध में कथित घृणित भाषण देने के आरोप में भाजपा नेता अनुराग ठाकुर और परवेश वर्मा के खिलाफ एफआईआर की मांग वाली याचिका पर फैसला करने के लिए मजिस्ट्रेट कोर्ट को निर्देश दिया। यह याचिका माकपा नेता बृंदा करात की ओर से दायर की गई है।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए याचिका पर सुनवाई की। इस बीच करात के वकील ने पीठ से अनुरोध किया कि वह निचली अदालत से उनके मुवक्किल की शिकायत पर फैसला करने के लिए निर्देश देकर मामले का निस्तारण करें। इसके बाद पीठ ने मजिस्ट्रेट कोर्ट को निर्देश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।
माकपा नेता करात के वकील ने पीठ को बताया कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद उनकी याचिका पर फैसला 26 फरवरी को सुरक्षित रख लिया था, लेकिन आदेश नहीं सुनाया क्योंकि उच्च न्यायालय में ऐसे ही मामले लंबित हैं। हाईकोर्ट ने मस्जिट्रेट की अदालत से करात की याचिका पर कानून, नियमों और मामले में लागू सरकारी नीति के अनुसार तथा जल्द से जल्द फैसला देने के लिए कहा।
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याचिका में पुलिस को ठाकुर तथा वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की भी मांग की गई। इस याचिका का निपटारा करते हुए पीठ ने दिल्ली हिंसा से जुड़ी अन्य सभी याचिकाओं पर सुनवाई को 24 अगस्त के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
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मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए याचिका पर सुनवाई की। इस बीच करात के वकील ने पीठ से अनुरोध किया कि वह निचली अदालत से उनके मुवक्किल की शिकायत पर फैसला करने के लिए निर्देश देकर मामले का निस्तारण करें। इसके बाद पीठ ने मजिस्ट्रेट कोर्ट को निर्देश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।
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माकपा नेता करात के वकील ने पीठ को बताया कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद उनकी याचिका पर फैसला 26 फरवरी को सुरक्षित रख लिया था, लेकिन आदेश नहीं सुनाया क्योंकि उच्च न्यायालय में ऐसे ही मामले लंबित हैं। हाईकोर्ट ने मस्जिट्रेट की अदालत से करात की याचिका पर कानून, नियमों और मामले में लागू सरकारी नीति के अनुसार तथा जल्द से जल्द फैसला देने के लिए कहा।
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याचिका में पुलिस को ठाकुर तथा वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की भी मांग की गई। इस याचिका का निपटारा करते हुए पीठ ने दिल्ली हिंसा से जुड़ी अन्य सभी याचिकाओं पर सुनवाई को 24 अगस्त के लिए सूचीबद्ध कर दिया।