{"_id":"60ea1cfa8ebc3ecadc76554b","slug":"haryana-stops-water-supply-crisis-deepens-in-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी की किल्लत : राजधानी में गहराया जल संकट, दिल्ली-हरियाणा आमने-सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी की किल्लत : राजधानी में गहराया जल संकट, दिल्ली-हरियाणा आमने-सामने
Sun, 11 Jul 2021 04:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 11 Jul 2021 04:02 AM IST
सार
- दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा का आरोप, 120 एमजीडी कम मिल रहा पानी
- प्रधानमंत्री आवास सहित कई मंत्रालयों और दूतावासों में भी हो सकती है किल्लत
विज्ञापन
demo pic..
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली-हरियाणा के बीच जल विवाद को लेकर फिर सियासत छिड़ गई है। दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने राजधानी में पेयजल किल्लत का ठीकरा हरियाणा पर फोड़ते हुए कहा कि फिलहाल करीब 120 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) कम पानी मिल रहा है। इससे दिल्ली में शोधित जल की करीब 100 एमजीडी कमी हो गई है। हरियाणा से जलापूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में गंभीर जल संकट पैदा हो सकता है।
विज्ञापन
इसका असर प्रधानमंत्री व मंत्रियों के निवास, सुप्रीम कोर्ट समेत केंद्र सरकार के कार्यालयों व दूतावासों पर पड़ सकता है। उधर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रधान मीडिया सलाहकार विनोद मेहता ने ट्वीट के जरिए कहा कि दिल्ली सरकार और उसमें शामिल लोग आदतन शिकायती हैं। बीते सात साल में ऐसा कोई भी दिन हो, जिस दिन दिल्ली को आवंटित पानी के कोटे से कम दिया हो तो बताएं।
विज्ञापन
चड्ढा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पानी की कमी के कारण चंद्रावल जलशोधन केंद्र में उत्पादन 90 एमजीडी से घटकर 55, वजीराबाद में 135 से 80 और ओखला में 20 से घटकर 15 एमजीडी रह गया है। हरियाणा की वजह से दिल्ली में पानी का उत्पादन 245 एमजीडी से घटकर 145-150 एमजीडी रह गया है। यमुना रिवर बोर्ड के निर्देश के बावजूद 150 क्यूसेक अतिरिक्त पानी भी रोक दिया गया है। मौजूदा समय में हरियाणा सीएलसी कनाल से 683 क्यूसेक की बजाय 549.16 क्यूसेक पानी छोड़ रहा है। इसी तरह डीएसबी कनाल से भी 330 के बजाय 306.63 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
विज्ञापन
मई से गहराने लगा था संकट
राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड मई से ही लगातार पड़ोसी राज्यों से अतिरिक्त पानी की मांग कर रहा था। सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया और हरियाणा की ओर से दिल्ली को तय सीमा के तहत पानी नहीं देने की बात रखी। कोर्ट ने अपर यमुना रिवर बोर्ड को हरियाणा को उचित निर्देश देने के लिए कहा। यमुना रिवर बोर्ड ने अतिरिक्त 150 क्यूसेक पानी दिल्ली को देने के लिए कहा, लेकिन हरियाणा ने अतिरिक्त पानी के साथ कानूनी जिम्मेदारी के तहत आने वाला हिस्सा भी रोक दिया।
इस बार रिकॉर्ड 945 एमडीजी पानी का उत्पादन
चड्ढा ने कहा कि हरियाणा सरकार को कानून के तहत यमुना नदी के जरिए दिल्ली को जितना पानी छोड़ना होता है, हरियाणा ने उसे रोक दिया है। गर्मी में दिल्ली की कुल उत्पादन क्षमता 900 या 920 एमजीडी हुआ करती थी। इस बार दिल्ली जल बोर्ड ने रिकॉर्ड पानी का उत्पादन करते हुए इस आंकड़े को 945 एमजीडी तक पहुंचा दिया है। दिल्ली जलापूर्ति के लिए पड़ोसी राज्यों पर निर्भर करता है। समझौतों और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के तहत हर राज्य के लिए निर्धारित किया है कि उन्हें दिल्ली को प्रतिदिन कितना पानी देना है।
तीन मुख्य संयंत्रों से होती है आपूर्ति
दिल्ली के तीन मुख्य जल शोधन संयंत्र हैं, जहां पानी का शोधन किया जाता है। इन संयंत्रों में पानी उत्पादन में भारी गिरावट देखी जा रही है। तीनों में 245 एमजीडी पानी का उत्पादन होना चाहिए, लेकिन अब यह 145-150 एमजीडी पर आ गया है। इस वजह से एनडीएमसी, मध्य दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के बड़े इलाकों में पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है।