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अमित शाह से मिले मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला, बोले- उम्मीद है किसान आंदोलन बंद करेंगे और घर वापसी करेंगे
Tue, 12 Jan 2021 07:31 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Tue, 12 Jan 2021 07:31 PM IST
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अमित शाह से मिलने गृह मंत्रालय पहुंचे मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला
- फोटो : ANI
किसान आंदोलन के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला गृह मंत्रालय (एमएचए) पहुंचे। एमएचए में सीएम और डीसीएम ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि गृहमंत्री से किसान आंदोलन को लेकर बात हुई। उन्होंने कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कृषि कानूनों पर रोक लगाने के बाद एक समिति बनाई है। इन सभी मामले पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि 26 जनवरी को होने वाला कार्यक्रम अच्छा होना चाहिए, क्योंकि यह एक राष्ट्रीय त्योहार है। किसानों ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आश्वासन दिया कि यह शांतिपूर्ण होगा। यह आशा की जा रही है कि वे आंदोलन बंद करेंगे और घर वापस जाएंगे.
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अमित शाह से मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राज्य सरकार मजबूत हो रही है। जहां तक किसानों की बात है, हर मुद्दे पर चर्चा की गई। उम्मीद है सुप्रीम कोर्ट इसका समाधान करेगा।
किसान आंदोलन की आंच अब हरियाणा की बीजेपी-जेजेपी गठबंधन सरकार पर पड़ने लगी है। नाराज किसानों ने करनाल के कैमला गांव में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की महापंचायत नहीं होने दी थी। सीएम का हैलीकॉप्टर नहीं उतरने दिया गया, जबकि करनाल लोकसभा सीट भाजपा के पास है और खुद मुख्यमंत्री खट्टर करनाल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते हैं। इसके बावजूद उन्हें किसानों का तगड़ा विरोध झेलना पड़ा है।
वहीं सहयोगी पार्टी जेजेपी ने साफ कहा है कि अगर सरकार कृषि कानूनों को वापसे नहीं लेती है तो गठबंधन सरकार को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। अगर किसान आंदोलन लंबा खिंचता है तो जजपा अध्यक्ष दुष्यंत चैटाला पर यह दबाव बढ़ता जाएगा कि प्रदेश में उनकी पार्टी भाजपा सरकार को समर्थन जारी रखे या वापस लेने की घोषणा करे।
उधर, जेजेपी विधायक जोगी राम सिहाग ने कहा कि केंद्र को इन कानूनों को वापस लेना चाहिए क्योंकि हरियाणा, पंजाब और देश के किसान इन कानूनों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि हम दुष्यंत जी से आग्रह करेंगे कि हमारी भावनाओं से अमित शाह जी को अवगत करा दें।
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Delhi: Haryana Chief Minister Manohar Lal Khattar and Deputy Chief Minister Dushyant Chautala arrive at Ministry of Home Affairs (MHA) to meet Home Minister Amit Shah. pic.twitter.com/sLbQntlozL
— ANI (@ANI) January 12, 2021विज्ञापन
मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि 26 जनवरी को होने वाला कार्यक्रम अच्छा होना चाहिए, क्योंकि यह एक राष्ट्रीय त्योहार है। किसानों ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आश्वासन दिया कि यह शांतिपूर्ण होगा। यह आशा की जा रही है कि वे आंदोलन बंद करेंगे और घर वापस जाएंगे.
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Today SC stayed the farm laws & formed a committee. All these were discussed. Events on Jan 26 should go well as it's a national festival. Farmers assured in their press conference that it'll be peaceful. It's being hoped that they'll call off agitation & go back home: Haryana CM https://t.co/HCIpwZVncF pic.twitter.com/78ZGK0w9zG
— ANI (@ANI) January 12, 2021
अमित शाह से मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राज्य सरकार मजबूत हो रही है। जहां तक किसानों की बात है, हर मुद्दे पर चर्चा की गई। उम्मीद है सुप्रीम कोर्ट इसका समाधान करेगा।
किसान आंदोलन की आंच अब हरियाणा की बीजेपी-जेजेपी गठबंधन सरकार पर पड़ने लगी है। नाराज किसानों ने करनाल के कैमला गांव में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की महापंचायत नहीं होने दी थी। सीएम का हैलीकॉप्टर नहीं उतरने दिया गया, जबकि करनाल लोकसभा सीट भाजपा के पास है और खुद मुख्यमंत्री खट्टर करनाल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते हैं। इसके बावजूद उन्हें किसानों का तगड़ा विरोध झेलना पड़ा है।
वहीं सहयोगी पार्टी जेजेपी ने साफ कहा है कि अगर सरकार कृषि कानूनों को वापसे नहीं लेती है तो गठबंधन सरकार को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। अगर किसान आंदोलन लंबा खिंचता है तो जजपा अध्यक्ष दुष्यंत चैटाला पर यह दबाव बढ़ता जाएगा कि प्रदेश में उनकी पार्टी भाजपा सरकार को समर्थन जारी रखे या वापस लेने की घोषणा करे।
उधर, जेजेपी विधायक जोगी राम सिहाग ने कहा कि केंद्र को इन कानूनों को वापस लेना चाहिए क्योंकि हरियाणा, पंजाब और देश के किसान इन कानूनों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि हम दुष्यंत जी से आग्रह करेंगे कि हमारी भावनाओं से अमित शाह जी को अवगत करा दें।