{"_id":"60766336ba37db09940295f0","slug":"gopal-rai-says-delhi-government-will-emphasize-on-public-cooperation-to-reduce-pollution","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोपाल राय का बयान : प्रदूषण कम करने के लिए जन सहयोग पर जोर देगी दिल्ली सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोपाल राय का बयान : प्रदूषण कम करने के लिए जन सहयोग पर जोर देगी दिल्ली सरकार
Wed, 14 Apr 2021 09:06 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 14 Apr 2021 09:06 AM IST
सार
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार जन भागीदारी पर जोर देगी। सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए नीति और तकनीक के क्षेत्र में काम कर रही है।
विज्ञापन
गोपाल राय
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश की राजधानी दिल्ली में पर्यावरण विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय ऑनलाइन राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का मंगलवार को समापन हो गया। कॉन्फ्रेंस में शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ, स्वयंसेवी संगठनों, गैर सरकारी संगठनों एवं सिविल सोसाइटी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार जन भागीदारी पर जोर देगी। सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए नीति और तकनीक के क्षेत्र में काम कर रही है। अभी जन अभियान बनाने की दिशा में काम करना है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के अंदर पैदा हो रही थोड़ी- थोड़ी धूल मिलकर बड़े प्रदूषण का कारण बनती है। ऐसे में लोगों को समझाने की आवश्यकता है कि क्या करना है और क्या नहीं करना है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों को अनुभव है वह आगे आएं और प्रदूषण के खिलाफ जन अभियान पैदा करने में सरकार की मदद करें।
विज्ञापन
गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर हर तरह के प्रदूषण कम करने की कोशिश की जा रही है। हरित क्षेत्र बढ़ाने को लेकर नीति के स्तर पर काम हो रहा है। पौधरोपण नीति और इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति दिशा में लाई गई है।
विज्ञापन
इस अवसर पर पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार जन भागीदारी पर जोर देगी। सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए नीति और तकनीक के क्षेत्र में काम कर रही है। अभी जन अभियान बनाने की दिशा में काम करना है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि दिल्ली के अंदर पैदा हो रही थोड़ी- थोड़ी धूल मिलकर बड़े प्रदूषण का कारण बनती है। ऐसे में लोगों को समझाने की आवश्यकता है कि क्या करना है और क्या नहीं करना है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों को अनुभव है वह आगे आएं और प्रदूषण के खिलाफ जन अभियान पैदा करने में सरकार की मदद करें।
विज्ञापन
गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर हर तरह के प्रदूषण कम करने की कोशिश की जा रही है। हरित क्षेत्र बढ़ाने को लेकर नीति के स्तर पर काम हो रहा है। पौधरोपण नीति और इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति दिशा में लाई गई है।
राय ने कहा कि दिल्ली सरकार की तरफ से मुख्य तौर पर तीन क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। पहला, नीति के स्तर पर नीति को कैसे बनाया जाए इसका प्रभाव दिल्ली पर पड़े। दूसरा, तकनीक के स्तर पर तकनीक की मदद से प्रदूषण कम करने के लिए मदद मिल सके।
इस दिशा में आइआइटी के साथ रियल टाइम डाटा को लेकर काम चल रहा है। इससे पता चल जाएगा कि कब, कहां और किस समय किस स्त्रोत से प्रदूषण हो रहा है और तीसरा, जन अभियान बनाने के स्तर पर काम करना है।
राय ने कहा कि सरकार धीरे-धीरे वृक्षारोपण की नीति पर काम कर रही है, लेकिन पेड़ लगाने के लिए जगह कम होती जा रही है। ऐसे में हाउसहोल्ड वाली जगह पर कैसे पेड़ लगा सकते हैं। इस पर गहराई से विचार करने की जरूरत है।
राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर पराली जलाने की घटना बहुत कम हो गई है। पूसा के साथ में प्रयोग किया गए मॉडल का पंजाब व हरियाणा समेत बहुत अधिकारी निरीक्षण कर रहे हैं।
इस दिशा में आइआइटी के साथ रियल टाइम डाटा को लेकर काम चल रहा है। इससे पता चल जाएगा कि कब, कहां और किस समय किस स्त्रोत से प्रदूषण हो रहा है और तीसरा, जन अभियान बनाने के स्तर पर काम करना है।
राय ने कहा कि सरकार धीरे-धीरे वृक्षारोपण की नीति पर काम कर रही है, लेकिन पेड़ लगाने के लिए जगह कम होती जा रही है। ऐसे में हाउसहोल्ड वाली जगह पर कैसे पेड़ लगा सकते हैं। इस पर गहराई से विचार करने की जरूरत है।
राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर पराली जलाने की घटना बहुत कम हो गई है। पूसा के साथ में प्रयोग किया गए मॉडल का पंजाब व हरियाणा समेत बहुत अधिकारी निरीक्षण कर रहे हैं।