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Hindi News ›   Delhi ›   Gopal Rai said 31 percent of Delhi contribution to pollution and 69 percent from outside it is not possible to get rid of it without the center

गोपाल राय बोले- दिल्ली का प्रदूषण में योगदान 31 और बाहरी से 69 प्रतिशत, केंद्र के बिना छुटकारा पाना संभव नहीं

Thu, 18 Nov 2021 03:25 PM IST
सुशील कुमार कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Thu, 18 Nov 2021 03:25 PM IST
सार

गोपाल राय ने आंकड़े का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली प्रदूषण में काफी हद तक योगदान बाहर से है। प्रदूषण को लेकर दिल्ली के लोगों पर लगातार हमले हो रहे हैं।

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Gopal Rai said 31 percent of Delhi contribution to pollution and 69 percent from outside it is not possible to get rid of it without the center
गोपाल राय - फोटो : एएनआई

विस्तार

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि दिल्ली में 70 फीसदी प्रदूषण बाहर से आ रहा है। यहां सिर्फ 30 फीसदी प्रदूषण ही हो रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार की एजेंसी भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के डाटा का सेंटर फॉर साइंस एंड एंवायरोमेंट (सीएसई) द्वारा किए गए विश्लेषण को इसका आधार बताया है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से दिल्ली-एनसीआर के राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक बुला संयुक्त कार्य योजना तैयार करने का निवेदन किया है।

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गोपाल राय ने कहा कि 2016 में दिल्ली में एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (टेरी) द्वारा सोर्स अपोर्समेंट स्टडी की गई थी। स्टडी में इस बात को सामने रखा था कि दिल्ली के अंदर प्रदूषण का 64 फीसदी हिस्सा दिल्ली के बाहर से आता है वहीं, 36 फीसदी प्रदूषण दिल्ली के अंदर का है। उन्होंने कहा कि सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) प्रदूषण पर काम करने वाली एक संस्था है।
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उन्होंने बताया कि दिल्ली में केंद्र सरकार की संस्था इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मैनेजमेंट (आईआईटीएम) भी है, जिसका एप सफर है। आईआईटीएम सफर के माध्यम से प्रदूषण का सारा डाटा जारी करता है। इसके द्वारा डिसिजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के डाटा को लेकर सीएसई ने 24 अक्तूबर से आठ नवंबर तक 15 दिनों का प्रति घंटे के हिसाब से डाटा विश्लेषण किया है।

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उन्होंने आगे बताया कि सीएसई ने केंद्र के एप सफर द्वारा उपलब्ध कराए गए डाटा को विश्लेषण किया और विश्लेषण के आधार पर सीएसई ने रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट कहती है कि 31 फीसदी प्रदूषण दिल्ली के अंदर का है और 69 फीसदी प्रदूषण दिल्ली के बाहर का है। दिल्ली के अंदर बाहर से 69 फीसदी प्रदूषण आ रहा है। सफर के डाटा का विश्लेषण कर सीएसई की ओर से जारी रिपोर्ट 2016 के टेरी की तरफ से जारी डाटा से मेल खाती है।

गोपाल राय ने कहा कि टेरी के डाटा में दिल्ली का प्रदूषण 36 फीसदी था और आज यह घट कर 31 फीसदी हो गया है। दिल्ली के अंदर जो बाहर से प्रदूषण आता था वह पहले 64 फीसदी था, जो कि सीएसई की रिपोर्ट के अनुसार बढ़कर 69 फीसदी हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय 14 फीसदी बायोमॉस बर्निंग का प्रदूषण था। उसके बाद से लगातार पराली की घटनाएं बढ़ी हैं। सुप्रीम कोर्ट में भी बुधवार को केंद्र ने इस बात को स्वीकार किया कि कोर्ट में दिया गया चार फीसदी का डाटा पूरे साल का डाटा है। इस समय प्रदूषण में पराली का योगदान करीब 35 से 40 फीसदी है।

गोपाल राय ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से दिल्ली-एनसीआर से जुड़े सभी पर्यावरण मंत्रियों की बैठक बुलाने का निवेदन किया है, जिससे डाटा के आधार पर वैज्ञानिक तरीके से संयुक्त कार्य योजना बन सके। उन्होंने कहा कि कार्य योजना में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा व राजस्थान को अपने द्वारा किए जाने वाले कार्यों को सुनिश्चित करना चाहिए। साथ ही जिम्मेदारी तय की जाए कि यदि कोई राज्य कार्य योजना को लागू नहीं कर रहा है तो राज्य पर कार्रवाई करने के लिए नीति बनाई जाए।

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