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दिल्ली: फर्जी कागजात से बैंक से फाइनेंस कराने वाले गिरफ्तार, गरीब लोगों को लालच देकर उनका आधार और पेन कार्ड लेते थे
Sat, 20 Mar 2021 03:24 AM IST
योगेश जोशी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: योगेश जोशी
Updated Sat, 20 Mar 2021 03:24 AM IST
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ये दोनों गरीब लोगों को लालच देकर उनका आधार और पेन कार्ड ले लेते थे
- फोटो : अमर उजाला
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सरिता विहार थाना पुलिस ने फर्जी कागजात से बैंक से फाइनेंस कराने वाले हरियाणा मेे फरीदाबाद के अगवानपुर निवासी आनंद सिंह (39) और यूपी में बुलंदशहर के गुलावठी में करणपुरी निवासी योगेंद्र उर्फ लोकेंद्र (55) को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक मारुति सिलेरियो कार, तीन आधार कार्ड, छह डेबिट कार्ड, 17 सिम कार्ड और आठ अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा बैंक में खाता खुलवाने की रसीदें व स्टेटमेंट मिले हैं।
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दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी आरपी मीणा के अनुसार, आनंद के खिलाफ जालसाजी का एक मामला पहले से दर्ज है और वह एक फाइनेंस कंपनी में काम कर चुका है। कोटक महिंद्रा बैंक के अधिकारी राजशेखर राय ने 24 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई थी कि आठ व्यक्तियों ने फर्जी दस्तावेज से मोहन एस्टेट स्थित एक एजेंसी से कार खरीदीं। इन्हें कोटक महिंद्रा बैंक से फाइनेंस कराया गया था।
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इस बैंक अधिकारी ने शिकायत में कहा था कि आरोपियों ने एक ही दस्तावेज के साथ छेड़खानी कर अलग-अलग बनाए और उनसे कारें फाइनेंस करा लीं। मूल कागज एक ही है और इसमें छेड़खानी कर अलग-अलग नामों से फाइनेंस कराया गया।
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थानाध्यक्ष अनंत गुंजन की देखरेख में एसआई रोशनलाल, एएसआई लियाकत अली और हवलदार राजेश राय की टीम ने जांच के बाद आनंद सिंह को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद योगेंद्र को भी दबोचा गया। आनंद ने बताया कि उसने आठ कारें बेच दी थीं। एक कार उसके पास थी। योगेंद्र ने एक कार अपने पड़ोसी को बेची थी। आरोपियों ने अलग-अलग नामों से आईडीबीआई बैंक में खाते खोल रखे थे।
ये दोनों गरीब लोगों को लालच देकर उनका आधार और पेन कार्ड ले लेते थे। आधार कार्ड में पता बदलवाने के बाद ये बैंक खाते खुलवाते थे। इन कागजात से प्रॉपर्टी खरीदने का नाटक कर वे उसे बैंक से फाइनेंस करा लेते। ये बैंक का स्टेटमेंट भी फर्जी तैयार कर लेते थे। वेरीफिकेशन के लिए ये पता सही रखते थे।