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नामी कंपनी के साथ कारोबार करने का झांसा, लाखों की लगाई चपत
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नामी कंपनी के साथ कारोबार करने का झांसा देकर ठगा
नई दिल्ली। नामी वित्तीय कंपनी के साथ कारोबार करने का प्रलोभन देकर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पीड़ित को बातों में फंसाकर एक डीमैट अकाउंट में लाखों रुपये डलवा लिए। ठगी का पता तब चला जब पीड़ित ने कंपनी में फोन कर कारोबार के बारे में पूछताछ की। पीड़ित की शिकायत पर राजौरी गार्डन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजौरी गार्डन निवासी सिमरन सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गूगल पर मेहता इक्विटी कंपनी को सर्च कर रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को मेहता कंपनी का कर्मचारी अभिषेक त्रिपाठी बताया और कंपनी के बारे में जानकारी दी। उसने अच्छे मुनाफे की बात कहकर सिमरन को कंपनी के साथ कारोबार करने के लिए राजी कर लिया। कंपनी में शामिल होने के एवज में सिमरन से सात हजार रुपये लिए गए। जिसका इनवॉयस उन्हें व्हाट्सएप पर भेजा, जो मेहता कंपनी के नाम से था। इसके बाद आरोपियों ने सिमरन से कहा कि वह उनका कंपनी के साथ एक डीमैट अकाउंट खुलवा रहे हैं। कारोबार करने की बात कहकर उस अकाउंट में पांच लाख रुपये डलवा लिए। एक जुलाई को आरोपियों ने सिमरन से उनका कारोबार शुरू होने की बात कही। इस संबंध में उन्हें एक स्क्रीन शॉट भेजा गया। लेकिन उसमें ग्राहक का कोड नहीं था। सिमरन ने अभिषेक को फोन किया तो उसने मेल पर सारी जानकारी भेजने की बात कही। अगले दिन मेल नहीं आने पर पीड़ित ने कंपनी में फोन किया और अभिषेक के बारे में पूछताछ की। कंपनी वालों ने इस नाम का कोई कर्मचारी नहीं होने की बात कही। यह भी बताया कि कंपनी में उसके नाम का कोई अकाउंट रजिस्टर नहीं है। ठगी का एहसास होने पर सिमरन ने तुरंत पुलिस से शिकायत की। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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नई दिल्ली। नामी वित्तीय कंपनी के साथ कारोबार करने का प्रलोभन देकर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पीड़ित को बातों में फंसाकर एक डीमैट अकाउंट में लाखों रुपये डलवा लिए। ठगी का पता तब चला जब पीड़ित ने कंपनी में फोन कर कारोबार के बारे में पूछताछ की। पीड़ित की शिकायत पर राजौरी गार्डन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजौरी गार्डन निवासी सिमरन सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गूगल पर मेहता इक्विटी कंपनी को सर्च कर रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को मेहता कंपनी का कर्मचारी अभिषेक त्रिपाठी बताया और कंपनी के बारे में जानकारी दी। उसने अच्छे मुनाफे की बात कहकर सिमरन को कंपनी के साथ कारोबार करने के लिए राजी कर लिया। कंपनी में शामिल होने के एवज में सिमरन से सात हजार रुपये लिए गए। जिसका इनवॉयस उन्हें व्हाट्सएप पर भेजा, जो मेहता कंपनी के नाम से था। इसके बाद आरोपियों ने सिमरन से कहा कि वह उनका कंपनी के साथ एक डीमैट अकाउंट खुलवा रहे हैं। कारोबार करने की बात कहकर उस अकाउंट में पांच लाख रुपये डलवा लिए। एक जुलाई को आरोपियों ने सिमरन से उनका कारोबार शुरू होने की बात कही। इस संबंध में उन्हें एक स्क्रीन शॉट भेजा गया। लेकिन उसमें ग्राहक का कोड नहीं था। सिमरन ने अभिषेक को फोन किया तो उसने मेल पर सारी जानकारी भेजने की बात कही। अगले दिन मेल नहीं आने पर पीड़ित ने कंपनी में फोन किया और अभिषेक के बारे में पूछताछ की। कंपनी वालों ने इस नाम का कोई कर्मचारी नहीं होने की बात कही। यह भी बताया कि कंपनी में उसके नाम का कोई अकाउंट रजिस्टर नहीं है। ठगी का एहसास होने पर सिमरन ने तुरंत पुलिस से शिकायत की। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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