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आईपीएल खिलवाने के नाम पर युवा क्रिकेटर के पिता से लाखों की ठगी

Sun, 08 Dec 2019 06:33 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Sun, 08 Dec 2019 06:33 AM IST
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lakhs cheated from young cricketer father in the name of playing IPL
Fraud

दिल्ली के अंडर-16 और अंडर-19 क्रिकेट टीम में खेल चुके एक युवा क्रिकेटर को आईपीएल टूर्नामेंट खिलवाने का झांसा देकर उसके पिता से 15 लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने सनराइज हैदराबाद टीम के मालिक से जान पहचान होने का दावा कर क्रिकेटर के पिता को झांसा दिया और तीन सालों तक उसके बेटे को टीम में शामिल करवाने का आश्वासन देता रहा।

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पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने पीड़ित को कुछ चेक सौंपे जो बाउंस हो गए। उसके बाद पीड़ित ने द्वारका साउथ थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी जिस पर पुलिस ने पांच दिसंबर को मामला दर्ज कर लिया।
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पुलिस के अनुसार धर्मपाल तंवर सपरिवार पालम कालोनी में रहते हैं। वह एयर इंडिया से अकाउंटेंट के पद से सेवानिवृत्त हैं। पुलिस को दी शिकायत में धर्मपाल ने बताया कि उसका छोटा बेटा अमृतांश क्रिकेटर है। वह दिल्ली की अंडर-16 और अंडर-19 क्रिकेट टीम में खेल चुका है।
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वह क्रिकेटर के तौर पर अपना कैरियर बनाना चाहता है। एयर इंडिया में काम करने वाले उसके सहयोगी तरुण माथूर ने 2015 में बताया कि उसकी आईपीएल में खेलने वाली सनराइज हैदराबाद टीम के मालिक से अच्छी जान पहचान है और वह अमृतांश को आईपीएल 2016 में उस टीम में शामिल करवा सकता है।

तरुण ने 2015 में उसकी मुलाकात विनय मेहता और हरेंद्र नाम के व्यक्तियों से करवाई। उन लोगों ने सनराइज हैदराबाद की टीम में शामिल कराने के एवज में उससे 30 लाख रुपये की मांग की। उससे 15 लाख रुपये एडवांस और टीम में शामिल होने के बाद बाकी रकम देने की बात हुई। धर्मपाल ने दो लाख रुपये चेक तथा 13 लाख रुपये अपनी पत्नी के बैंक खाते से निकाल कर दिये।


पैसे लेने के बाद भी वर्ष 2016-17 व 2018 में अमृतांश का टीम में चयन नहीं हुआ। उसके बाद धर्मपाल ने आरोपियों से पैसे वापस मांगे। आरोपियों ने तीन लाख के चेक दिए जो बाउंस हो गये। उसके बाद उन लोगों ने दो लाख रुपये के चेक फिर दिये लेकिन खाते में रुपये नहीं होने की बात कहकर उसे बैंक में डालने से मना कर दिया। रुपये नहीं मिलने के बाद पीड़ित ने थाने में इसकी शिकायत की।

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